रांची : नहीं कट रही है जमीन की रसीद
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Feb 2019 9:42 AM
विज्ञापन
रांची : गैरमजरूआ खास जमीन की रसीद अब तक पूरी तरह नहीं कट रही है. अॉनलाइन व्यवस्था में रसीद काटने यानी लगान भरने का अॉप्शन ही नहीं खोला जा रहा है. अंचल कार्यालयों में जाने पर मैनुअल रसीद काटने से भी इनकार किया जा रहा है. इस तरह राज्य भर के लोग इसमें फंसे हुए […]
विज्ञापन
रांची : गैरमजरूआ खास जमीन की रसीद अब तक पूरी तरह नहीं कट रही है. अॉनलाइन व्यवस्था में रसीद काटने यानी लगान भरने का अॉप्शन ही नहीं खोला जा रहा है. अंचल कार्यालयों में जाने पर मैनुअल रसीद काटने से भी इनकार किया जा रहा है. इस तरह राज्य भर के लोग इसमें फंसे हुए हैं. जमीन की बंदोबस्ती सही होने पर भी रसीद के लिए लोगों को दौड़ना पड़ रहा है. कुछ मामलों में न्यायालय का आदेश पक्ष में होने के बाद भी रसीद नहीं कट रही है. केवल ऐसे गिने-चुने मामलों में रसीद आसानी से कट रही है, जिसमें कि कोई संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने पक्ष में कर लिया हो.
कैबिनेट के आदेश की भी परवाह नहीं
अंचलों के अधिकारी व कर्मचारियों को कैबिनेट के आदेश की भी परवाह नहीं है. वे अपने हिसाब से रसीद काटने के लिए आवश्यक प्रक्रिया कर रहे हैं या फिर अपनी रिपोर्ट दे रहे हैं. कागजात सही होने पर भी उसे नजरअंदाज कर रहे हैं. लोगों को यह कह कर अंचल कार्यालयों से वापस भेज दिया जा रहा है कि ऊपर से अॉप्शन लॉक है. आदेश होने पर रसीद कटेगी.
संदिग्ध जमाबंदी होने पर भी रसीद काटने का था आदेश : कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि राज्य भर में लोगों को राहत देने के लिए गैरमजरूआ खास जमीन की रसीद काटी जाये. यह आदेश था कि जो जमीन संदिग्ध जमाबंदी की सूची में है, उसकी रसीद भी काटी जाये, लेकिन जिन मामलों में न्यायालय ने विपरीत आदेश दिया है, उसकी रसीद नहीं कटेगी.
लोन भी नहीं मिल रहा है : रसीद के अभाव में मकान निर्माण के लिए नक्शा तक पास नहीं हो पा रहा है. वहीं लोन स्वीकृति के लिए भी बैंकों व अन्य एजेंसियों द्वारा चालू वित्तीय वर्ष की रसीद की मांग की जाती है. ऐसे में लोग रसीद भी पेश नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका घर-मकान का काम नहीं हो पा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










