रांची : कॉरपोरेशन बनने के बाद बढ़ा शराब का अवैध धंधा

Updated at : 16 Oct 2018 7:16 AM (IST)
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रांची : कॉरपोरेशन बनने के बाद बढ़ा शराब का अवैध धंधा

एक अगस्त 2017 से पहले राज्य में शराब की 1432 दुकानें थीं, अभी है मात्र 704 वैध शराब दुकानों की कमी से अवैध शराब बनानेवालों का बढ़ रहा है धंधा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बस्तियों में धड़ल्ले से बनायी जा रही है अवैध शराब रांची : राज्य में अवैध और नकली शराब का कारोबार […]

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एक अगस्त 2017 से पहले राज्य में शराब की 1432 दुकानें थीं, अभी है मात्र 704
वैध शराब दुकानों की कमी से अवैध शराब बनानेवालों का बढ़ रहा है धंधा
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बस्तियों में धड़ल्ले से बनायी जा रही है अवैध शराब
रांची : राज्य में अवैध और नकली शराब का कारोबार काफी बढ़ गया है. शहर की बस्तियों और ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से अवैध और नकली शराब का धंधा होता है. छोटे पैमाने पर शराब का उत्पादन और बिक्री की जाती है.
नकली और अवैध शराब राज्य में शहरों के आसपास के ढाबों और होटलों में आसानी से उपलब्ध हो जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरों की बस्तियों में भी नकली और अवैध शराब बनायी और बेची जा रही है. बिवरेज कॉरपोरेशन द्वारा शराब की खुदरा बिक्री का व्यवसाय शुरू करने के बाद अवैध और नकली शराब का धंधा तेजी से बढ़ा है. इसका एक कारण शराब दुकानों की कमी है. एक अगस्त 2017 के पूर्व राज्य में शराब की 1432 दुकानें थी. राजधानी रांची में 141 दुकानों से शराब बिकती थी. फिलहाल, राज्य में शराब की 704 और रांची में केवल 58 दुकानें ही हैं.
गुजरे एक साल में जा चुकी है दर्जन से अधिक लोगों की जान : बिवरेज कॉरपोरेशन द्वारा शराब दुकानों का संचालन शुरू करने के बाद से पिछले एक साल में अवैध और नकली शराब के सेवन से दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.
गत वर्ष डाेरंडा क्षेत्र में नकली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गयी थी. रांची के अलावा सिमडेगा, जमशेदपुर समेत कई जगहों पर भी अवैध शराब पीने से मौत होने के मामले सामने आये हैं. उत्पाद विभाग सख्त होता है, तो कुछ समय के लिए अवैध शराब का कारोबार बंद होता है. लेकिन, मामला ठंडा पड़ते ही फिर से अवैध शराब बनाने का धंधा शुरू हो जाता है.
खुलेआम परोसी जाती है हरियाणा, पंजाब की शराब
अवैध और नकली शराब के कारोबारियों को स्थानीय थाना संरक्षण प्रदान करते हैं. शराब माफिया पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों की सरपरस्ती में अवैध शराब का धंधा चलाते हैं. राज्य के शहरों के आसपास ज्यादातर ढाबों और होटलों में बिना लाइसेंस के शराब की बिक्री होती है. इन ढाबों, होटलों में हरियाणा और पंजाब से लायी गयी अवैध शराब खुलेआम परोसी जाती है.
ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरों में भी हैं अवैध शराब की फैक्ट्रियां
राज्य में अवैध शराब की फैक्ट्रियां ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहर की बस्तियों में भी हैं. रांची के ग्रामीण इलाके कांके, ओरमांझी, रातू, सिमलिया, बिजुलिया, कांके, कादमा, बुकरू, ओरमांझी, नगड़ी जैसे इलाकों में अवैध शराब की कई फैक्ट्रियां काम कर रही हैं. वहीं, नामकुम, चुटिया, तुपुदाना जैसे शहरी क्षेत्रों में भी अवैध शराब बनायी जा रही है. उत्पाद विभाग ने हाल के दिनों में कांके, नामकुम, नगड़ी समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों से भी अवैध शराब बनाने वाली फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर भी नहीं बदली व्यवस्था
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राजस्व हित में शराब की खुदरा बिक्री की मौजूदा व्यवस्था बदलने के निर्देश दिये हैं. दूसरे राज्यों में शराब की खुदरा बिक्री की व्यवस्था का अध्ययन करने के नाम पर उत्पाद विभाग के अधिकारी गोवा और दिल्ली समेत आधा दर्जन राज्य घूम चुके हैं. फिर भी व्यवस्था परिवर्तन का प्रस्ताव तक नहीं तैयार किया जा सका है.
अवैध शराब की शिकायत के लिए सरकार ने जारी किया है नंबर
राज्य में अवैध या नकली शराब का कारोबार रोकने के लिए उत्पाद विभाग ने फोन और व्हाट्सएेप नंबर जारी किया है. कभी भी इन नंबरों पर फोन कर सूचना दी जा सकती है. शिकायत के लिए सचिव (94111-18199), आयुक्त उत्पाद (62018-95384), उपायुक्त उत्पाद मुख्यालय (94307-57247), अधीक्षक उत्पाद (87577-08109) या एक्साइज क्विक रिस्पांस सेल (74619-99675) पर संपर्क किया जा सकता है. विभाग ने 24 घंटे के लिए टोल फ्री नंबर 0651-2400213 नंबर भी शुरू किया है.
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