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रांची : केंद्रीय कोयला और रेल मंत्री पीयूष गोयल पहुंचे जेएसएसपीएस, कैडेट्स को किया प्रोत्साहित

Updated at : 14 Oct 2018 5:33 AM (IST)
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रांची : केंद्रीय कोयला और रेल मंत्री पीयूष गोयल पहुंचे जेएसएसपीएस, कैडेट्स को किया प्रोत्साहित

देश के लिए एक नहीं, अनेक स्वर्ण पदक लायें रांची : केंद्रीय कोयला व रेल मंत्री पीयूष गोयल शनिवार को मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्थित जेएसएसपीएस पहुंचे और वहां प्रशिक्षण ले रहे कैडेट्स को प्रेरित किया. इस क्रम में उन्होंने कहा कि आप कड़ी मेहनत व लगन से खेलें और 2024 ओलिंपिक्स में देश के लिए […]

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देश के लिए एक नहीं, अनेक स्वर्ण पदक लायें
रांची : केंद्रीय कोयला व रेल मंत्री पीयूष गोयल शनिवार को मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स स्थित जेएसएसपीएस पहुंचे और वहां प्रशिक्षण ले रहे कैडेट्स को प्रेरित किया. इस क्रम में उन्होंने कहा कि आप कड़ी मेहनत व लगन से खेलें और 2024 ओलिंपिक्स में देश के लिए एक नहीं, अनेक स्वर्ण लायें. इस क्रम में उन्होंने बच्चों से मिल कर प्रशिक्षण और उनको मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली.
उन्होंने सीसीएल के अधिकारियों से कहा कि झारखंड में प्रतिभा की कमी नहीं है. इस धरती ने धौनी और दीपिका जैसे खिलाड़ी देश को दिये हैं. आनेवाले दिनों में और प्रतिभावान खिलाड़ी यहां से निकले, इसके लिए ग्रामीण स्तर पर प्रतिभा की खोज करें और उसे निखारें. आदिवासी बच्चों को प्राथमिकता दें.
उन्होंने कहा कि 2022 में जब भारत आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनायेगा, तब तक यहां 376 से बढ़ कर पांच हजार से अधिक बच्चे होने चाहिए. उन्होंने इस अकादमी को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने की बात कही. साथ ही कहा कि इसके लिए हर सुविधा दी जायेगी. उन्होंने झारखंड के खिलाड़ियों के साथ-देश विदेश के युवा प्रतिभा को भी यहां प्रशिक्षण देने को कहा.
इससे पहले सीसीएल सीएमडी गोपाल सिंह ने स्वागत भाषण दिया. वहीं, जेएसएसपीएस एलएमसी के सदस्य सचिव कमांडर विक्रांत मल्हान ने जेएसएसपीएस अकादमी और प्रशिक्षण की जानकारी दी.
तब प्रधानमंत्री को लाऊंगा
गोयल ने कहा कि आप सभी 2024 ओलिंपिक गोल्ड मिशन के साथ अभ्यास कर रहे हैं. यदि आपसब पदक जीतेंगे, तो मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपके सम्मान के लिए यहां बुलाऊंगा. मौके पर गोयल ने प्रधानमंत्री की खेलो इंडिया योजना की भी जानकारी दी.
मंत्री जी से बच्चों ने पूछे सवाल
सवाल : जब आपने खेल अकादमी बनाने की सोची और अब इसे इस स्वरूप में देख रहे हैं, तो कैसा लग रहा है?
पीयूष गोयल : (हंसते हुए) 2015 में पहली बार आया था, तब यहां का मेंटनेंस ठीक नहीं था. आज यह वर्ल्ड क्लास स्टेडियम लग रहा है. यहां दूसरे राज्यों के बच्चों को भी मौका मिलना चाहिए.
सवाल : आप अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देश घूम चुके हैं, भारत उनसे कैसे अलग है?
पीयूष गोयल : दूसरे देशों में संस्कृति नहीं बची है. वहां दूसरे को मदद करने की प्रवृति नहीं है. यह सिर्फ हमारे देश में है, जो हमारे देश की ताकत भी है. भारत में अात्मीयता, प्यार और दोस्ती है.
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