कोयला कारोबार पर गैंगस्टरों की काली नजर झारखंड के बाद अब यूपी के गैंग की दस्तक

Updated at : 15 Sep 2018 8:40 AM (IST)
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कोयला कारोबार पर गैंगस्टरों की काली नजर झारखंड के बाद अब यूपी के गैंग की दस्तक

रांची : प्रदेश में कोयले का कारोबार हमेशा से गैंगस्टरों की उगाही का अहम जरिया रहा है. एक बार फिर से झारखंड के अपराध जगत के नामी गैंगस्टर ग्रुपों में शुमार अमन श्रीवास्तव गैंग (सुशील श्रीवास्तव गुट), विकास तिवारी (भोला पांडेय गुट) व सुजीत सिन्हा गिरोह सक्रिय हो गया है. इसके अलावा यूपी का कुख्यात […]

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रांची : प्रदेश में कोयले का कारोबार हमेशा से गैंगस्टरों की उगाही का अहम जरिया रहा है. एक बार फिर से झारखंड के अपराध जगत के नामी गैंगस्टर ग्रुपों में शुमार अमन श्रीवास्तव गैंग (सुशील श्रीवास्तव गुट), विकास तिवारी (भोला पांडेय गुट) व सुजीत सिन्हा गिरोह सक्रिय हो गया है.
इसके अलावा यूपी का कुख्यात गैंगस्टर ब्रजेश सिंह ने भी झारखंड में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है. ब्रजेश सिंह गैंग ने जनता मजदूर संघ के धनबाद के नेता रंजय सिंह को धमकी दी है. उन्होंने मामले में थाने में शिकायत दर्ज करा दी है.
लेकिन विभिन्न कंपनियों के लिए कोयला का ट्रांसपोर्टिंग करने वाले कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें रंगदारी के लिए श्रीवास्तव, तिवारी व सुजीत गिरोह द्वारा लगातार रंगदारी देने के लिए फोन किया जा रहा है. लेकिन डर से वे उक्त लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करा रहे हैं. विभागीय सूत्र बताते हैं कि इन गैंगों द्वारा धमकी दिये जाने की खबर कुछ जिलों के वरीय पुलिस अफसरों को है. हालांकि मामले में अब तक कार्रवाई की बात सामने नहीं आयी है.
फिलवक्त विकास तिवारी व सुजीत सिन्हा जेल में हैं. जबकि अमन श्रीवास्तव पुलिस की लिस्ट में फरार है. बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले कोलकाता में कोयला ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े लोगों की गुप्त बैठक हुई थी. इसके बाद ही गैंगस्टरों के गुर्गों द्वारा धमकी दिये जाने का सिलसिला शुरू हुआ. अब वाहन मालिकों को भी धमकी दी जा रही है कि वे वैसे ट्रांसपोर्टरों के साथ काम नहीं करें, जिनकी हरी झंडी उनलोगों ने नहीं दी है.
इन क्षेत्रों में अपराधियों की बढ़ी गतिविधि
रामगढ़ : पतरातू, भुरकुंडा, बड़काकाना, उड़ीमारी, कुज्जू, अगरड़रा माइल. चतरा : राजधर व कचरा लातेहार : बालूमाथ, टोरी, बुकरू व कुशमाही
60 से 80 हजार रुपये प्रति रैक की वसूली
पुलिस सूत्रों के मुताबिक फिलवक्त अपराधी गैंग द्वारा प्रति रैक 60 से 80 हजार रुपये तक वसूली की जाती है. इसके अलावा प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी द्वारा प्रति रैक के अलावा लोडिंग प्वाइंट व कमेटी के जरिये वसूली की जाती है.
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