रांची : एडॉप्शन होम में काम करनेवाले कर्मियों का किया जायेगा पुलिस वेरिफिकेशन

Updated at : 05 Aug 2018 1:06 AM (IST)
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रांची : एडॉप्शन होम में काम करनेवाले कर्मियों का किया जायेगा पुलिस वेरिफिकेशन

सीडब्ल्यूसी की टीम ने रातू रोड स्थित सहयोग विलेज का किया निरीक्षण रांची : सीडब्ल्यूसी की चेयरमैन रूपा कुमारी, सदस्य प्रतिमा तिवारी और तनुश्री सरकार ने शनिवार को रातू रोड स्थित सहयोग विलेज (एडॉप्शन सेंटर) का निरीक्षण किया. सेंटर के कागजातों की जांच की. इसके बाद निर्णय लिया गया कि सहयोग विलेज सहित जिले के […]

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सीडब्ल्यूसी की टीम ने रातू रोड स्थित सहयोग विलेज का किया निरीक्षण
रांची : सीडब्ल्यूसी की चेयरमैन रूपा कुमारी, सदस्य प्रतिमा तिवारी और तनुश्री सरकार ने शनिवार को रातू रोड स्थित सहयोग विलेज (एडॉप्शन सेंटर) का निरीक्षण किया. सेंटर के कागजातों की जांच की.
इसके बाद निर्णय लिया गया कि सहयोग विलेज सहित जिले के सभी एडॉप्शन सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाये. कर्मचारियों के वेरिफिकेशन के लिए शनिवार को सीडब्ल्यूसी ने सुखदेवनगर थाना को पत्र भेज दिया है. रूपा कुमारी ने बताया कि कहां पर कौन स्टॉफ हैं, इसकी जानकारी होनी चाहिए. बच्चों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है. इसलिए यह कदम उठाया गया है.
बैथेल मिशन से टीचर और बच्चों की डिटेल मांगी
कांके थाना के बोड़ेया स्थित बैथेल मिशन आवासीय स्कूल में रखे जाने वाले 92 बच्चों और टीचर की डिटेल सीडब्ल्यूसी ने मांगी है. मिशन के डायरेक्टर को इस संबंध में सीडब्ल्यूसी ने पत्र लिखकर सोमवार तक पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा है. सीडब्ल्यूसी का कहना है कि पहले भी जांच के दौरान फाइल उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था. लेकिन मिशन की ओर से दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया.
विदेश गये बच्चों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी बात
रांची से एडॉप्ट कर विदेश ले जाये गये बच्चे को अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीडब्ल्यूसी देखेगी. इसके लिए डीसी से वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था करने को कहा जायेगा.
चेयरमैन रूपा ने बताया कि सहयोग विलेज में निरीक्षण के दौरान एडॉप्ट किये गये बच्चे की जानकारी मांगी, तो गोद लेने वाले पैरेंट्स के साथ उनका फोटो उपलब्ध कराया गया.
ऐसे में सीडब्ल्यूसी ने निर्णय लिया कि हो सकता है फोटो खिंचाने के दौरान बच्चे को अच्छे से रखा गया हो. ऐसे में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वास्तविक स्थिति जानी जायेगी. वहीं, विदेश में संचालित एजेंसी से भी संपर्क करने की कोशिश की जायेगी. ताकि, बच्चों की पूरी जानकारी मिल सके.
दो साल तक बच्चों का होगा फॉलोअप
रांची से एडॉप्ट होनेवाले बच्चों को भी अब दो साल तक सीडब्ल्यूसी फॉलोअप करेगी. एडॉप्शन सेंटर के अलावा एक फाइल सीडब्ल्यूसी भी अपने पास रखेगी. वहीं, पहले एडाॅप्प्शन एजेंसी खुद बच्चा रिलीज कर देती थी. लेकिन अब सीडब्ल्यूसी के सामने ही परिजनों को बच्चा सौंपा जायेगा.
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