रांची : एक-एक डीलर से लिया जायेगा हिसाब

Updated at : 12 Jul 2018 8:48 AM (IST)
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रांची : एक-एक डीलर से लिया जायेगा हिसाब

मंत्री सरयू राय का एफसीआइ गोदामों के धर्मकांटा की जांच करने का निर्देश रांची : सरकार राशन डीलरों से उन्हें दिये गये अनाज का पूरा हिसाब लेगी. डीलर के पास जितना अनाज बचा है, अगले माह उतना आवंटन काट कर दिया जायेगा. यह डीलर की जिम्मेदारी होगी कि वह बचे हुए अनाज में से लाभुकों […]

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मंत्री सरयू राय का एफसीआइ गोदामों के धर्मकांटा की जांच करने का निर्देश
रांची : सरकार राशन डीलरों से उन्हें दिये गये अनाज का पूरा हिसाब लेगी. डीलर के पास जितना अनाज बचा है, अगले माह उतना आवंटन काट कर दिया जायेगा. यह डीलर की जिम्मेदारी होगी कि वह बचे हुए अनाज में से लाभुकों के बीच अनाज का वितरण करें अथवा बाजार से खरीद कर दें.
बुधवार को खाद्य आपूर्ति विभाग की मासिक समीक्षा बैठक के बाद खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने बताया कि सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे समय पर भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से अनाज का उठाव करें, ताकि राशन दुकानों पर भी सही समय पर लाभुकों के लिए अनाज पहुंच सके. मंत्री ने बताया कि माप-तौल विभाग के प्रभारी नियंत्रक को बैठक में बुलाकर एफसीआइ गोदामों के धर्मकांटा की जांच करने का निर्देश दिया गया है.
एफसीआइ के नगड़ी गोदाम के बारे में जानकारी मिली थी कि वहां के कांटा घर में हेरफेर कर कम अनाज दिया जाता है. केरोसिन की सब्सिडी लाभुकों को मिलने में विलंब होने के मामले में यह तय किया गया कि विगत अप्रैल माह से सब्सिडी का भुगतान सीधे मुख्यालय स्तर से लाभुकों के बैंक खाते में किया जायेगा. जिन जिलों में मार्च तक की सब्सिडी लाभुकों के खाते में नहीं गयी है, उसे एक सप्ताह में भेजने का निर्देश डीएसओ को दिया गया.
ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए दिया गया निर्देश : गौरतलब है कि प्रभात खबर ने यह मुद्दा उठाया था, जिसमें जिक्र था कि लाभुकों की रुचि केरोसिन में कम हो रही है. मंत्री ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस वितरण में जाति प्रमाण पत्र एक बड़ी बाधा बन रहा है.
कार्मिक विभाग से पिछड़ा वर्ग की उन जातियों की सूची मांगी गयी है, जो उज्ज्वला योजना से गैस और चूल्हा लेने के हकदार हैं. साथ ही ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए जिला उपायुक्तों को निर्देश दिया गया. श्री राय ने बताया कि अभी भी किसानों की शिकायतें आ रही हैं कि बेचे गये धान का पैसा इन्हें अब तक नहीं मिला है.
राज्य में इस वर्ष करीब 35000 किसानों से धान की खरीद की गयी थी, जिसमें 852 किसान भुगतान से वंचित हैं. इनमें गढ़वा जिला से सबसे अधिक शिकायतें हैं. कतिपय पैक्स में किसान से धान ले लिया गया है, लेकिन उसे मिल में नहीं भेजा गया है, जिस कारण भुगतान लंबित है. बैठक में डीएसओ को निर्देश दिया गया एक सप्ताह के भीतर पैक्स से मिल में भेजे गये धान का हिसाब करें और धान नहीं भेजने वाले पैक्स पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही करें.
पूर्व की भांति किया जायेगा लाभुकों का चयन : एक महत्वपूर्ण फैसले में विभाग ने अगले माह से अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत करने का निर्णय लिया है. इस योजना से वैसे लाभुकों को अनाज दिया जायेगा जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, लेकिन वे कार्ड के हकदार हैं.
इस योजना में लाभुकों का चयन पूर्व की भांति किया जायेगा. मंत्री ने बताया कि नवगठित आकस्मिक अन्न कोष से दस हजार रुपये की राशि प्रत्येक मुखिया को देने के लिए निधि विमुक्त कर दी गयी है.
यह निधि अंचल अधिकारियों द्वारा संबंधित मुखिया को पंचायत में एक नया बैंक अकाउंट खुलवा कर दी जायेगी. योजना के कार्यान्वयन के इस तरीके से मुखिया एवं पंचायत प्रतिनिधियों को अवगत कराने का निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को दिया गया है. नगर निकायों में यह निधि निकाय अध्यक्ष को दी जायेगी.
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