आदिवासियों को बदलती दुनिया के साथ कदम मिला कर चलना होगा : मुख्यमंत्री

Published at :01 Jul 2018 4:40 AM (IST)
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आदिवासियों को बदलती दुनिया के साथ कदम मिला कर चलना होगा : मुख्यमंत्री

रांची : सीएम रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी समाज के पूर्वज भले ही मुश्किलों में समय गुजार चुके हों, पर भावी पीढ़ी को इस दौर का सामना न करना पड़े, इसको लेकर अभी से ही तैयारी करनी होगी. दूरदर्शी नीति अपनानी होगी़ दिशा और योजना निर्धारित कर चलना होगा़ आज दुनिया एक बाजार हो […]

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रांची : सीएम रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी समाज के पूर्वज भले ही मुश्किलों में समय गुजार चुके हों, पर भावी पीढ़ी को इस दौर का सामना न करना पड़े, इसको लेकर अभी से ही तैयारी करनी होगी. दूरदर्शी नीति अपनानी होगी़ दिशा और योजना निर्धारित कर चलना होगा़ आज दुनिया एक बाजार हो गयी है, जिसके प्रति अपना नजरिया खोलने की जरूरत है़

उन्होंने कहा कि विकास और रोजगार में तालमेल जरूरी है़ विकास का अर्थ एक तरफ तरक्की, तो दूसरी तरफ बेरोजगारी नहीं हो सकता़ झारखंड के समेकित विकास के लिए लघु, मध्यम व कुटीर उद्योगों का जाल बिछाना है, ताकि गांवों में ही स्वरोजगार मिल सके़ हमारी प्राथमिकता पलायन मुक्त झारखंड बनाना है़ झारखंड में प्राकृतिक संपदा,भू-संपदा और मेहनतकश मानव संपदा है़ कोई कारण नहीं है कि यहां की जिंदगी अभावों और गरीबी की हो़ सीएम श्री दास शनिवार को कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री द्वारा बीएनआर चाणक्य में आयोजित ट्राइबल डेवलपमेंट मीट कार्यक्रम को संबाेधित कर रहे थे़
आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन को कोई नहीं छीन सकता : सीएम ने कहा कि विरोधी पक्ष कभी विकास की बात नहीं करता़ कहता है कि आदिवासियों का जल, जंगल, जमीन छिन जायेगा़ भला कौन आदिवासियों के जल, जंगल व जमीन को छीन सकता है या झारखंड खरीद सकता है. जल, जंगल, जमीन दूसरों के लिए नारा होगा, पर हमारे लिए यह अमानत है. यह हमारी जिम्मेदारी है कि आनेवाली पीढ़ियों को सुंदर, हरा व भरा झारखंड मिले़
विकास और रोजगार में तालमेल बैठाना आज की जरूरत बन गयी है
कुछ लोग इन्हें कुएं का मेढक बनाना चाहते हैं
सीएम ने कहा कि झारखंड किसी एक व्यक्ति या समुदाय का नहीं, बल्कि सबका है़ कुछ लोग आदिवासी समाज काे कुएं का मेढक बना कर रखना चाहते है़ं एेसे लोगों की गंदी राजनीति ने झारखंड के आदिवासी युवाओं को आगे बढ़ने से रोका है़ आजादी का अांदोलन, सिदो- कान्हू, भगवान बिरसा मुंडा का आंदोलन सिर्फ अंग्रेज भगाओ आंदोलन नहीं था़ यह शोषण और गरीबी के खिलाफ आंदोलन था़ अंग्रेज चले गये, पर आज भी उनके लोगों द्वारा शोषण जारी है़
आगे वही बढ़ता है, जो रिस्क ले सकता है
श्री दास ने कहा कि दुनिया आज ज्ञान, विज्ञान और तकनीक पर चल रही है़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्किल, स्केेल और स्पीड पर बल दिया है़ खतरा उठाना सीखना होगा़ किसी भी क्षेत्र में वही आगे बढ़ता है, जो रिस्क लेने के लिए तैयार रहता है़ बड़े सपने देखें, उसे हासिल करने के लिए साधना और परिश्रम करे़ं यदि लगन, नीयत, नीति साफ होगी, तो पूरा ब्रह्मांड साथ खड़ा है़ राज्य सरकार की नीतियां व योजनाएं है़ं अवसरों की कोई कमी नहीं है़
व्यापार के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराये सरकार
ट्राइबल इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष खेलाराम मुर्मू ने सरकार से मांग की है कि एमएसएमइ बोर्ड का गठन किया जाये. आदिवासी युवाओं को व्यापार के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाये और मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ने के लिए उन्हें नि:शुल्क जमीन दी जाये़ राज्य सरकार अपने सभी विभागों में झारखंड प्रोक्यूरमेंट पॉलिसी- 2017 लागू करे. एसएमई की राज्यस्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी बनायी जाये, जिसमें आदिवासियों के पक्ष में ट्राइबल इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स को सदस्य बनाया जाये़
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