झारखंड : वेल में रहा विपक्ष, चलता रहा सदन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व चर्चा
वेल में रहा विपक्ष, चलता रहा सदन
रांची : मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय व एडीजी अनुराग गुप्ता को हटाने की मांग को लेकर गुरुवार को विधानसभा की द्वितीय पाली में हंगामा हुआ. सदन की कार्रवाई लगभग 2.20 बजे प्रारंभ हुई.राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व चर्चा शुरू होते ही दिन के 2.21 बजे झामुमो और कांग्रेस के विधायक पोस्टर लेकर वेल में आ गये.
लगभग दो घंटे तक शोर-शराबा होता रहा है. इसके बाद 3.26 बजे विपक्ष के विधायकों ने वॉकआउट कर दिया. इसके बाद सदन की कार्रवाई शाम चार बजे तक चली. विधायक शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ सीबीआइ जांच कराने की भी मांग कर रहे थे. हालांकि विपक्ष के वेल में रहने के दौरान भी सदन की कार्यवाही जारी रही. इस बीच सत्ता पक्ष व विपक्षी विधायकों के बीच बयानों के तीर चले. राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने दिया. इसका समर्थन विधायक अनंत ओझा ने किया. श्री किशोर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने के दौरान विपक्ष पर निशाना साध रहे थे. उन्होंने झामुमो व कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आप क्या आइना दिखायेेंगे. आपने अपने कार्यकाल में चारा घोटाला के आरोपी सजल चक्रवर्ती व अशोक कुमार सिंह को मुख्य सचिव बनाया. वर्तमान मुख्य सचिव पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है. वहीं विपक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपी अफसरों को सरकार संरक्षण दे रही है.
तीन साल में सुधरी राज्य की दशा-दिशा
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पिछले 14 साल में राज्य को दशा-दिशा देने का काम नहीं किया. तीन साल में राज्य की दशा-दिशा सुधरी है. सरकार ने 10 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की. तीन साल में प्रति व्यक्ति आय 46,131 से बढ़ कर 59,159 हो गयी. वहीं प्रति व्यक्ति पूंजी निवेश व सकल घरेलू उत्पादन में वृद्धि हुई.17 लाख लोगों को मनरेगा के तहत काम दिया गया.
घड़ियाली आंसू बहा रहा है विपक्ष
राज्यपाल के धन्यवाद प्रस्ताव को समर्थन करते हुए विधायक अनंत ओझा ने कहा कि तीन साल पहले तक झारखंड घोटाला को लेकर बदनाम था. अब इसकी छवि सुधरी है. विपक्ष घड़ियाली आंसू बहाने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हज की सब्सिडी खत्म कर पैसा को सरकार के काम में लगाने का काम किया है. इसका स्वागत होना चाहिए.
विधानसभा में तकरार, तीन अधिकारियों पर विपक्ष का वार
स्पीकर : अभी कार्यसूची में प्रश्नकाल है़ चलने दे़ं कार्यस्थगन की सूचना मिली है़ उसे अमान्य कर दिया गया है़
प्रदीप यादव : सीएस, डीजीपी और एडीजी को पदमुक्त करे़ं डीजीपी के कारण राज्य के 500 नौनिहालों को जेल जाना पड़ा़ गंगोत्री गंदी रहेगी, तो गंगा साफ नहीं रह सकती है़
विरोध में विरंची- निर्भय शाहबादी उठते है़ं
मनीष जायसवाल : ये लोग सदन में अपनी बात कह लेते है़ं, फिर दूसरे की नहीं सुनते़
स्पीकर : सबकी आवाज सुनी जायेगी़
अनंत ओझा : मामला न्यायालय में चल रहा है़
स्पीकर : अभी प्रश्नकाल चल रहा है़ समय निर्धारित है़
सरयू राय : कार्य स्थगन लाया गया है़ विषय वस्तु सामने आया है, उस पर सरकार की ओर से कार्रवाई हो रही है़ आरोप हैं, उसका निष्पादन किया जा रहा है़ निष्पादन की प्रक्रिया होती है़ जाे सदन में नहीं है, उस पर टिप्पणी नहीं हो सकती है़ विपक्ष के पास कोई मामला था, आरोप पत्र तैयार कर सरकार से मिलते़ यह कार्य स्थगन का विषय नहीं हो सकता है़ विहित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है़ किसी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है़ इस मामले में सरकार गतिशील है़
प्रदीप यादव प्रभात खबर दिखाते हुए कहते हैं: यह केवल प्रतिपक्ष का मामला नहीं है़ सरकार में शामिल मंत्री भी सवाल उठा रहे है़ं यह राज्य की जनता का सवाल है़ सरकार कार्रवाई करे़
मनीष जायसवाल : पिछले चार सत्र से सदन को बाधित किया जा रहा है़ यह सही नहीं है़
अनंत ओझा : बात सुनने का मौका दिया जाना चाहिए़ एक सदस्य सदन नहीं चला सकते है़ं हम भी चुन कर आये हैं, हम भी जनता के प्रति जवाबदेह है़ं हमें भी बोलने का मौका मिलना चाहिए़
हेमंत सोरेन बोलने के लिए उठते है़ स्पीकर कहते हैं, मौका मिलेगा़
हेमंत सोरेन : सदन क्यों चलना चाहिए़ गतिरोध क्यों है, यह सोचने की जरूरत है़ संवेदनशील मामले में सरकार झूठा आश्वासन देती है़ पूर्व में भी हुआ है़ पूर्व मुख्य सचिव एके सिंह का मामला सदन में आया, तो उन्हें हटना पड़ा़ विधानसभा सर्वोच्च मंदिर है़
देश भर में जालियांवाला बाग बना दिया गया है़ सदन को विचार करना चाहिए कि जिन पदाधिकारियों पर आरोप लग रहेहैं, पद पर बने है़ं कानून-नियम की बात करते हैं, मंत्री भी बने हुए है़ विपक्ष को नियम-परिनियम बताया जाता है़ सदन की गरिमा खत्म हो रही है़ इस सदन का चीरहरण हो रहा है़ सदन को गाली-गलौज का मंच बना दिया गया है़ आपको लिखित शिकायत की गयी थी़ आप भी भीष्म पितामह बन जाते है़ं सदन की रक्षा करने की जिम्मेवारी आपकी है़ आदिवासी-मूलवासी के खिलाफ साजिश हो रही है़ हम इतने गद्दार नहीं है कि चुप बैठे़ं आप क्यों मौन है़ं पूर्वजों ने पहले कुर्बानी दी है़ हम भी कुर्बानी के लिए तैयार है़ं इस सभा को कौरवों की सभा बना दी गयी है़
स्पीकर : आप अपना दायित्व निभाये़ं
प्रदीप : हुजूर, हम दायित्व ही निभा रहे है़ं नहीं तो सीएम और सीएस के आगे-पीछे घूमते़
हेमंत और प्रदीप शोर-शराबे में बोलते रहते है़ं
पूरा विपक्ष खड़ा हो जाता है़
स्टीफन : सरकार पर उंगली उठ रही है़ संवैधानिक संस्था की चिट्ठी का भी अनुपालन नहीं होता है़ जिन पर आरोप हैं, वे कैबिनेट के संलेख देख रहे है़ राज्य की जनता उम्मीद करती है कि सदन में फैसला होना चाहिए़ पदाधिकारियों को अपदस्थ करे़
राधाकृष्ण किशोर : राज्य की मुख्य सचिव कोई पहली बार जवाब नहीं दे रही थी़ं पहले की सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की़ रघुवर दास की सरकार ने पहली स्पष्टीकरण पूछा है़ जवाब भी आया है़ जो मामला न्यायालय में है, उस पर यहां चर्चा नहीं हो सकती है़
प्रदीप : न्यायालय में डीजीपी को पद से हटाने की बात नहीं है़ न्यायालय में सीबीआइ जांच का मामला चल रहा है़ न्यायालय को छतरी बना कर भ्रष्ट अधिकारियों को मत बचाये़ं
किशोर : इनको न्यायालय के प्रति कोई सम्मान नहीं है़
प्रदीप : संगीन आरोप है, उनको बचाया जा रहा है़
हेमंत : जांच हुई तो मामला मुख्यमंत्री के स्तर तक जायेगा.
प्रदीप : फरवरी तक नहीं हटाते हैं, तो समझेंगे गलत काम करना है़
सुखदेव भगत : लोकतंत्र लोक-लज्जा से चलती है़ संवैधानिक संस्था के लिखने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है़ नियम का हवाला दिया जा रहा है़ भ्रम फैलाया जा रहा है़ सरकार गलत को संरक्षण देने का काम कर रही है़ विपक्ष शालीनता के साथ सरकार से जवाब मांग रहा है़ कैबिनेट के मंत्री आरोप लगा रहे है़ं इनको त्यागपत्र देना चाहिए़ सरकार सामूहिक जिम्मेवारी के साथ चलती है़
स्पीकर : हाउस को इसी तरह से चलायेंगे क्या़ प्रश्नकाल चलने दीजिए़
प्रदीप : सरकार बेदाग है, तो कार्रवाई करे़ सीएस तो आते-जाते रहते है़ं फिर इस सीएस से इतना प्रेम क्यो़ं कोई गड़बड़झाला है़ केवल बहस नहीं, कार्रवाई हो़ बहस से परिणाम नहीं आता है़
हेमंत : यहां तो हेड ऑफिस ही सड़ा हुआ है़
आरोप-प्रत्यारोप के बीच विपक्ष वेल में घुस जाता है़ नारेबाजी शुरू होती है़ भ्रष्ट पदाधिकारियों को संरक्षण देना बंद करो, भ्रष्ट पदाधिकारियों को हटाना होगा, के नारे विपक्षी विधायक लगा रहे थे़ हंगामे के बीच स्पीकर ने पहली पाली में 48 मिनट बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी़
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