विग्रहों के साथ भगवान जगन्नाथ मुख्य मंदिर लौटे

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
इटकी: नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में रहने के बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बलभद्र के साथ मंगलवार को अपने घर लौट गये. इसके साथ ही गत नौ दिनों से जारी रथयात्रा महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ. मौसीबाड़ी मंदिर से मुख्य मंदिर तक रथयात्रा निकाली गयी व मौसीबाड़ी मैदान में मेला लगा. घुरती रथयात्रा मेला के मौके पर मौसीबाड़ी मंदिर का पट प्रात: में ही आम लोगों के लिए खोल दिया गया था.

अपराह्न पांच बजे तक सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान का दर्शन कर पूजा-अर्चना किये. महाआरती के बाद रथयात्रा शुरू हुई. रस्सी के सहारे खींचते हुए श्रद्धालुओं ने रथ को मुख्य मंदिर पहुंचाया. इधर दिनभर रूक-रूक बारिश होती रही. इसे लोगों ने धान की फसल व क्षेत्र की खुशहाली के लिए शुभ माना. बारिश में भींग कर लोगों ने मेला का आनंद उठाया. मेले में विभिन्न प्रकार के झूलों के अलावा खिलौना, मिठाई, चाट-फुचका, आम फल सहित कई अन्य स्टॉल लगे थे. रथयात्रा में विधायक गंगोत्री कुजूर मंदिर के प्रबंधक लाल बद्री नाथ शाहदेव, लाल रामेश्वर, कृष्णा तिवारी, मोहन महतो सहित काफी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे.
घुरती रथयात्रा संपन्न
पिठोरिया. पिठोरिया चौक स्थित मौसीबाड़ी मंदिर में पुरोहित मथुरा मिश्रा ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व माता सुभद्रा की विधिवत पूजा के बाद आम भक्त दिन-भर पूजन करते रहे. शाम में तीनों विग्रहों को रथ पर सवार कर भक्त रथ खींच कर जयकारा लगाते हुए बाजार टांड़ स्थित मुख्य मंदिर में विराजमान किया. यहां महाआरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया. मेले को सफल बनाने में लखन साहू, रामदेव साहू, विशेश्वर जायसवाल, अनिल केसरी, मिथलेश सोनी, मधु साहू समेत कई लोग शामिल थे.
    Share Via :
    Published Date
    Comments (0)
    metype

    संबंधित खबरें

    अन्य खबरें