नहीं निकला परिणाम, सातवें दिन भी भूख हड़ताल जारी, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोग विधायक अंबा प्रसाद के खिलाफ खोला मोर्चा

Updated at : 23 Sep 2020 12:37 AM (IST)
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नहीं निकला परिणाम, सातवें दिन भी भूख हड़ताल जारी, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोग विधायक अंबा प्रसाद के खिलाफ खोला मोर्चा

खराब हो गयी है अनशनकारियों की हालत. कई लोगों को चढ़ रहा स्लाइन. भूख हड़ताल पर शुरू हो गयी है राजनीति

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भुरकुंडा/पतरातू : सरकार, पीवीयूएनएल व पुलिस-प्रशासन के खिलाफ पतरातू के 25 गांवों में शुरू हुई भूख हड़ताल सातवें दिन मंगलवार को भी जारी रही. सातवें दिन भी ग्रामीणों की मांगों पर कोई पहल नहीं हुई. इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. हड़ताल कर रहे अनशनकारियों की स्थिति हर गुजरते पल के साथ खराब होती जा रही है.

कई अनशनकारियों को स्लाइन चढ़ाया जा रहा है. जबकि कुछ को अस्पताल भेजा जा चुका है. ग्रामीण पीवीयूएनएल से जमीन के बदले नौकरी समेत अन्य सुविधाएं देने, विस्थापित मोर्चा के नेताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे को वापस लेने, लाठी चार्ज करने वाले दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं.

दूसरी ओर, भूख हड़ताल आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विस्थापित प्रभावित मोर्चा ने विधायक अंबा प्रसाद के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है. मोर्चा नेताओं ने मंगलवार को बैठक कर कहा कि विधायक अपने गलत मंसूबे के साथ ग्रामीणों के बीच फूट डालने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने अपने दौरे में आज जो भी किया, इससे पता चलता है कि विधायक की पीवीयूएनएल से पूरी तरह सांठगांठ है.

मोर्चा नेताओं ने कहा कि विधायक ने हड़ताल कर रहे ग्रामीणों से मुलाकात के बहाने मोर्चा के खिलाफ सिर्फ गलत बयानबाजी ही नहीं की, बल्कि मोर्चा के खिलाफ ग्रामीणों को भड़काने का भी प्रयास किया है. विधायक ने भूख हड़ताल तुड़वाने की भी कोशिश की. मोर्चा नेताओं ने विधायक के इन कार्यों की कड़ी निंदा की है. कहा कि उनकी गतिविधियों से पता चलता है कि उनके इशारे पर ही विस्थापित ग्रामीणों पर लाठी चलायी गयी थी.

बैठक के बाद मोर्चा ने जारी बयान में स्पष्ट किया है कि जबतक मांगों को मान नहीं लिया जाता है, तब तक भूख हड़ताल को जारी रखा जायेगा. बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष आदित्यनारायण प्रसाद, कुमेल उरांव, किशोर कुमार महतो, भुनेश्वर महतो, विजय मुंडा, प्रदीप महतो आदि उपस्थित थे.

अपने दौरे में क्या कहा विधायक अंबा ने

विधायक अंबा प्रसाद मंगलवार को भूख हड़ताल कर रहे ग्रामीणों से मिलने पहुंची थीं. विधायक ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विस्थापित प्रभावित मोर्चा पर ग्रामीणों को गुमराह करने का आरोप लगाया. ग्रामीणों से मोर्चा का कोई भी निर्देश नहीं मानने की बात कही. विधायक ने कहा कि हड़ताल के मामले पर जब उन्होंने उपायुक्त से बात की, तो उपायुक्त द्वारा उन्हें बताया कि इस मामले को उनके संज्ञान में नहीं दिया गया है.

सिर्फ राजनीति की जा रही है. विधायक ने कहा कि मोर्चा के लोग कोई निर्वाचित प्रतिनिधि हैं. इसलिए वे किस हैसियत से किसी वार्ता में बैठेंगे. मोर्चा के नेता यहां के ग्रामीणों को हड़ताल पर बैठा कर खुद खा-पी रहे हैं. आप सभी लोग मेरे नेतृत्व में रहिये और भूख हड़ताल खत्म कीजिए. विधायक ने बलकुदरा में भूख हड़‍ताल पर बैठे 10 लोगों में से डॉली देवी को जूस भी पिलाया. डॉली देवी को प्रखंड अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सभी को दिलाया जायेगा न्याय : विधायक.

प्रेस से बात करते हुए विधायक अंबा प्रसाद ने विस्थापितों के मामले पर कहा कि सभी को न्याय दिलाया जायेगा. इनकी मांगें जायज है. इस मसले पर मुख्यमंत्री से बात की जायेगी. विस्थापित मोर्चा व आजसू पार्टी राजनीतिक स्वार्थ के लिए ग्रामीणों का इस्तेमाल कर रही है.

विधायक ने कहा कि उनके कोरोना पॉजिटिव होने के तुरंत बाद विस्थापित व प्रभावित संघर्ष मोर्चा का नाम देकर आजसू राजनीतिक स्वार्थ के लिए आंदोलन शुरू करा दिया. इन्हें विस्थापितों के हित से कुछ लेना देना नहीं है.

जिम्मेवारी से भाग रही है विधायक : रोशनलाल

आजसू के केंद्रीय महासचिव रोशनलाल चौधरी ने विधायक अंबा प्रसाद पर अपनी जिम्मेवारी से भागने का आरोप लगाते हुए कहा है कि तीन सितंबर को लाठी चार्ज की घटना की विधायक ने निंदा की थी. ऐसे में विधायक कैसे कह सकती हैं कि उन्हें ग्रामीणों के आंदोलन की जानकारी नहीं थी.

आजसू विगत 15 साल से विस्थापित प्रभावितों के आंदोलन में साथ है. गोमिया विधायक लंबोदर महतो ने यहां पहुंचकर भूख हड़ताल को अपना समर्थन दिया है. वे समाचार पत्रों में मामला छपने के बाद पतरातू पहुंचे थे. उन्हें किसी ने बुलाया नहीं था. अंदोलन पर अनभिज्ञता जताना विधायक व सरकार की विफलता का परिचायक है.

आज होगी वार्ता

अंचल कार्यालय, पतरातू में बुधवार को दोपहर एक बजे से विस्थापित प्रभावित ग्रामीणों की समस्या पर वार्ता रखी गयी है. सीओ द्वारा विस्थापित प्रभावित मोर्चा को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी गयी है. मोर्चा के अधिकतम 10 प्रतिनिधियों को वार्ता में बुलाया गया है.

posted by : sameer oraon

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