मध्याह्न भोजन में बच्चों को मिल रही है बिस्कुट

Updated at : 24 Aug 2016 11:38 PM (IST)
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मध्याह्न भोजन में बच्चों को मिल रही है बिस्कुट

विरोध में ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक का घेराव किया, माफी मांगने पर ग्रामीण नरम पड़े शिक्षक ने 100 रुपये का जलावन खरीदने में नहीं दिखायी दिलचस्पी गिद्दी (हजारीबाग) : 10 दिनों से जलावन के अभाव में मध्याह्न भोजन बंद रहने के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय छोटकाचुंबा के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार रवि […]

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विरोध में ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक का घेराव किया, माफी मांगने पर ग्रामीण नरम पड़े
शिक्षक ने 100 रुपये का जलावन खरीदने में नहीं दिखायी दिलचस्पी
गिद्दी (हजारीबाग) : 10 दिनों से जलावन के अभाव में मध्याह्न भोजन बंद रहने के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय छोटकाचुंबा के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार रवि का घेराव किया. लोग काफी गुस्से में थे. लोगों का कहना था कि 10 दिनों से बच्चे भूखे पेट विद्यालय से लौट रहे हैं.
प्रधानाध्यापक की लापरवाही से यह स्थिति यहां पर बनी हुई है. मेन्यू के आधार पर बच्चों को मध्याह्न भोजन भी नहीं मिलता है. बच्चों के भोजन में भी यहां घोटाला किया जा रहा है. प्रधानाध्यापक ने 10 दिनों में प्रत्येक बच्चों को पांच-पांच रुपये का बिस्कुट दिया है. इसमें 10 हजार रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन उन्होंने एक सौ रुपये का कोयला खरीदने की जरूरत नहीं समझे. ग्रामीणों ने कहा कि मध्याह्न भोजन बंद है, लेकिन इसकी सूचना न तो संबंधित पदाधिकारी को दी गयी है और न ही पंचायत प्रतिनिधियों को.
ग्रामीणों के गुस्से को समझते हुए प्रधानाध्यापक ने ग्रामीणों से लिखित माफी मांगी. कहा कि अब यहां पर मध्याह्न भोजन किसी भी सूरत में बंद होने नहीं देगे. मध्याह्न भोजन 26 से चालू हो जायेगा. जानकारी के अनुसार राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय छोटकाचुंबा में नामांकित बच्चों की संख्या लगभग 225 है, लेकिन बच्चों की उपस्थिति इसके अनुरूप कम होती है. यहां पर पढ़ने वाले बच्चे ज्यादातर आदिवासी व हरिजन हैं. विद्यालय में जलावन के अभाव में पिछले 10 दिनों से मध्याह्न भोजन बंद है. मध्याह्न भोजन के एवज में बच्चों को प्रत्येक दिन पांच-पांच रुपये का बिस्कुट दिया जा रहा है.
इसमें अब तक 10 हजार रुपये खर्च हो गये हैं. इस इलाके में कोयला प्रतिदिन खुलेआम बिकता है, लेकिन जिम्मेदार शिक्षकों ने कोयला खरीदने की जरूरत नहीं समझी. कई बच्चे ऐसे है, जो स्कूल के भोजन पर ही आश्रित है. उन बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं मिलने से उनके अभिभावकों को कई तरह की परेशानी उठानी पड़ रही थी. ग्रामीणों ने गुस्से में आकर प्रधानाध्यापक का घेराव किया. घेराव करने में महिलाओं की संख्या अधिक थी.
महिलाएं प्रधानाध्यापक के समक्ष मध्याह्न भोजन को लेकर कई तरह का आरोप लगा रहीं थीं. मुखिया उपेंद्र कुमार सिंह व पंसस प्रतिनिधि बबलू साव की मौजूदगी में प्रधानाध्यापक ने ग्रामीणों से माफी मांगी. घेराव करने में छोटन मुंडा, बैजनाथ मुंडा, संतोष मुंडा, काली सिंह घटवार, महेंद्र मुंडा, जतरू मुंडा, शांति देवी, बबिता देवी सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे.
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