दुकान की जगह लेने को लेकर छावनी परिषद पहुंचे दुकानदार, नारेबाजी कर किया विरोध, सीइओ से मिले
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Dec 2018 5:39 AM
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रामगढ़ : दुकान की जगह लेने की मांग को लेकर छावनी परिषद कार्यालय में मंगलवार को पुराने बस स्टैंड के दुकानदारों ने नारेबाजी की. उनका कहना था कि वे लोग दुकान लेने के लिए 10-10 हजार रुपये दिये थे. उन्हें रुपये नहीं चाहिए. वे लोग दुकान के लिए जगह ही लेंगे. इस मांग को लेकर […]
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रामगढ़ : दुकान की जगह लेने की मांग को लेकर छावनी परिषद कार्यालय में मंगलवार को पुराने बस स्टैंड के दुकानदारों ने नारेबाजी की. उनका कहना था कि वे लोग दुकान लेने के लिए 10-10 हजार रुपये दिये थे. उन्हें रुपये नहीं चाहिए. वे लोग दुकान के लिए जगह ही लेंगे. इस मांग को लेकर मंगलवार को पैसे दिये 41 दुकानदार व अन्य दुकानदार छावनी परिषद पहुंचे.
दुकानदारों ने नारेबाजी की. कुछ दुकानदार सीइओ जिंदाबाद व आठो मुखिया (वार्ड सदस्य) मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे. परिषद के कुछ कर्मचारियों ने नारे लगाने वालों को समझा कर उन्हें शांत कराया आैर कुछ लोगों को ले जाकर सीइओ से मिलाया. इसका वहां मौजूद कुछ दुकानदारों ने विरोध भी किया. उनका कहना था कि नारेबाजी करने वाले लोग दुकानदार नहीं थे. वह लोग 10-10 हजार रुपये देने वालों में शामिल नहीं हैं. बाद में कुछ और दुकानदारों ने भी सीइओ सपन कुमार से मुलाकात की.
बोर्ड की विशेष बैठक में निर्णय लिया जायेगा : छावनी परिषद के सीइओ सपन कुमार ने कहा कि दुकानदारों से 10-10 हजार रुपये लिये गये हैं. उन्हें दुकानदारी के लिए कुछ जगह देने की योजना थी. नये बस स्टैंड में भी लोगों को जगह दिया गया है. परिषद के पास वर्तमान में फंड उपलब्ध नहीं है, इसलिए दुकानदारों से ही पैसा लिया जा रहा था. श्री कुमार ने कहा कि सोमवार को हुई परिषद की बैठक में अध्यक्ष ने इस मामले में कहा था कि इसके लिए विशेष बोर्ड बैठक बुला कर विचार किया जायेगा.
सभी दुकानदारों को और अच्छी तरह से चिह्नित किया जाये. परिषद अध्यक्ष ने कहा था कि फिलहाल दुकानदारों से ली गयी राशि वापस कर दी जाये. बाद में योजना बना कर उन्हें दुकानें दी जायेंगी.
लोगों को बरगला रहे हैं सीइओ : नारेबाजी के संबंध में पूछे जाने पर परिषद के उपाध्यक्ष अनमोल सिंह ने कहा कि सीइओ लोगों को गलत बातें बता कर बरगला रहे हैं. छावनी परिषद में कोई भी निर्णय परिषद की बैठक के बाद ही लिया जाता है. परिषद द्वारा बिना बोर्ड में पारित किये लोगों से 10-10 हजार रुपये लिये जा रहे थे. इसकी कोई पावती परिषद द्वारा नहीं दी जा रही है.
इससे यह होगा कि वर्तमान सीइओ के तबादला के बाद फिर दूसरे सीइओ इसे नहीं मानेंगे, तो क्या होगा. इस तरह का एक मामला पूर्व में एक सीइओ द्वारा दी गयी दुकानों के मालिकों के साथ हो चुका है. श्री सिंह ने कहा कि बोर्ड की बैठक में उनलोगों ने कहा था कि अगर बोर्ड के पास पैसा नहीं है, तो और अधिक राशि दुकानदारों से ली जाये.
सीइओ ने लोगों को बरगला कर दुकानदारों को केवल मेन रोड से उजाड़ने की योजना बनायी है. कल की बैठक में सदस्यों ने भवनों की उंचाई के संबंध में बाइलॉज में छूट देने की मांग की थी आैर नहीं देने पर आंदोलन की बात कही थी. इससे घबरा कर लोगों को वह बरगला कर नारेबाजी करा रहे हैं.
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