पांच पंचायत के 29 गांवों में चार वर्ष बाद भी नहीं पहुंच पाया पानी

Updated at : 26 May 2024 9:29 PM (IST)
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पांच पंचायत के 29 गांवों में चार वर्ष बाद भी नहीं पहुंच पाया पानी

जल जीवन मिशन योजना के तहत घर-घर नल से जल पहुंचाने का कार्य अबतक पूरा नहीं हो सका है.

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सतबरवा.

सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के पांच पंचायत में करोड़ों रुपये की लागत से शुरू किये गये भारत सरकार के जल जीवन मिशन योजना के तहत घर-घर नल से जल पहुंचाने का कार्य अबतक पूरा नहीं हो सका है. जबकि पिछले चार साल से काम जारी है. काम पूरा नहीं होने के कारण हजारों लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच सका है. इस भीषण गर्मी में जल स्तर नीचे जाने से लोग पानी को लेकर परेशान हैं. ऐसे में विभाग के प्रति ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों की नाराजगी भी देखने को मिल रही है. ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक तथा विभाग की लापरवाही के कारण काम काफी धीमी गति से चल रहा है. वहीं विभाग की माने, तो जलापूर्ति के लिए ट्रायल ऑन शुरू कर दिया गया है, जल्द ही पानी की आपूर्ति की जायेगी. लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है. लगभग चार वर्ष पहले औरंगा नदी से रबदा तथा पोंची पंचायत तथा मलय डैम से सतबरवा, दुलसुलमा व बकोरिया पंचायत में पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर जल पहुंचाने के लिए योजना का कार्य प्रारंभ किया गया था. लेकिन अबतक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है.

29 गांवों को पानी देने का है लक्ष्य :

सतबरवा के उक्त पांच पंचायत में कुल 29 गांव आते हैं. जिसके कारण हजारों लाभुक जलापूर्ति से वंचित हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सतबरवा के आंबेडकर नगर समेत कई गली-मुहल्लों के अलावा कई गांव में पाइप बिछाने का कार्य शुरू नहीं हो सका है. ऐसे में पानी की आपूर्ति कैसे होगी. पाइप बिछाने के नाम पर कई गांवों में पीसीसी सड़क भी खराब हो चुकी है, जिसके कारण आवागमन में लोगों को परेशानी होती है.

ट्रायल ऑन के बाद भी बिछेगी पाइप :

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एसडीओ हरे राम सिंह ने बताया कि सतबरवा में पाइप लाइन द्वारा पानी आपूर्ति की दो योजना का कार्य पूर्ण हो चुका है. ट्रायल ऑन चल रहा है. उसके उपरांत पानी की आपूर्ति की जायेगी. उन्होंने कहा कि कई जगहों से पाइप नहीं बिछाये जाने की शिकायत मिली है पर ट्रायल ऑन के बाद भी काम जारी रहेगा. एसडीअो ने बताया कि जिन पंचायत में कार्य पूर्ण हो चुका है. वहां बिजली की आपूर्ति ठीक ढंग से नहीं हो पाने के कारण पानी आपूर्ति करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जलापूर्ति नहीं होना चिंताजनक :

प्रमुख रीमा देवी ने कहा कि योजना का काम शुरू हुए लगभग चार साल बीत गये, लेकिन अभी तक लाभुक क्षेत्र के लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. कार्य में तेजी लाने की जरूरत है. जिला परिषद की अगली बैठक में इसे गंभीरता से उठाया जायेगा.

कार्य के प्रति विभाग को गंभीर होने की जरूरत :

सतबरवा के सतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि वर्षों से पाइप लाइन से पानी उपलब्ध कराने की बात की जा रही है. लेकिन अभी तक पानीं नहीं मिल पाया है. गर्मी बढ़ने के साथ ही सतबरवा में पानी की समस्या बढ़ जाती है. ऐसे में विभाग को कार्य के लेकर गंभीर होने की जरूरत है. ताकि लाभुक क्षेत्र के पंचायतों को पानी उपलब्ध हो सके.

नल लगे एक वर्ष बीत गये, पर नहीं मिला जल :

हलुमांड गांव के योगेंद्र भुइयां ने कहा कि पाइप लाइन से पानी आपूर्ति को लेकर गांव के अधिकतर लोगों के घरों में नल लगाये हुए करीब एक वर्ष बीत गये, लेकिन जल अभी तक नहीं पहुंचा है. सरकार की इतनी बड़ी महत्वाकांक्षी योजना धरातल में लटकी हुई है. जिससे ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है.

योजना में देरी से लोग हो रहे नाउम्मीद :

सतबरवा प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह पोंची पंचायत के मुखिया गिरवर राम ने कहा कि पंचायत क्षेत्र के सैकड़ों घरों में नल तो लग गया है, लेकिन जल अभी तक नहीं पहुंच सका है. जिससे पानी की समस्या जस के तस है. जिस समय योजना की आधारशिला रखी गयी थी, तब लोगों में उम्मीद जगी थी. जलापूर्ति को लेकर पोंची पंचायत के कई गांव में ट्रायल ऑन किया गया, लेकिन एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद बावजूद जलापूर्ति नहीं हो सकी है.

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