पाकुड़ : शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और आवागमन व्यवस्था को बेहतर बनाने वाली बहुप्रतीक्षित शहरकोल-पियादापुर पाकुड़ बाईपास सड़क परियोजना को एक बार फिर रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है. जिला प्रशासन ने परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को तेज कर दिया है. उपायुक्त मेघा भारद्वाज के निर्देश पर जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा संबंधित रैयतों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्रवाई आगे बढ़ायी जा रही है. परियोजना के कार्य में तेजी लाने और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला स्तर पर कमिटी का भी गठन किया गया है.
45.47 करोड़ की मिली पुनरीक्षित स्वीकृति
शहरकोल से पियादापुर तक प्रस्तावित बाईपास सड़क की कुल लंबाई 6.340 किलोमीटर है. परियोजना में भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण, पौधरोपण और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित कार्य भी शामिल हैं. राज्य मंत्रिपरिषद ने अप्रैल 2026 में परियोजना के लिए 45 करोड़ 47 लाख 31 हजार रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है. इससे पहले परियोजना के लिए 36 करोड़ 85 लाख 5,500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी थी.
13 मौजों से होकर गुजरेगा बाईपास
जिला भू-अर्जन कार्यालय की उपलब्ध अधिसूचनाओं के अनुसार बाईपास सड़क के लिए विभिन्न मौजों से संबंधित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. परियोजना के लिए अलीगंज, अशनदीपा, चालकबलापुर, दुर्गापुर, गोसाईपुर, कोलाजोरा, महुआडांगा, मटियापहाड़ी, नंदीपाड़ा, पियादापुर, सहारकोल और सुंदरपुर समेत अन्य क्षेत्रों की भूमि शामिल है.
रैयतों को मुआवजा भुगतान पर जोर
परियोजना की प्रगति को लेकर जिला प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है. उपायुक्त ने प्रभावित रैयतों को बिना परेशानी नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया है. प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी करने को कहा गया है.
शहर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि शहरकोल-पियादापुर बाईपास जिले के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है. इसके निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी. भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है. संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
यातायात दबाव कम होने की उम्मीद
बाईपास के निर्माण से शहर के अंदर भारी वाहनों और बाहरी यातायात का दबाव कम होने, आवागमन सुगम होने तथा सड़क संपर्क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है. जिला प्रशासन की मौजूदा पहल से लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने की संभावना बढ़ गयी है. जिलेवासियों को भी इस महत्वपूर्ण परियोजना के पूरा होने का लंबे समय से इंतजार है.
