कोडरमा में टूटेगा पिछला रिकॉर्ड, 10 लाख से ज्यादा वोट मिलेगा, अन्नपूर्णा देवी का दावा

कोडरमा की भाजपा प्रत्याशी अन्नपूर्णा देवी का दावा है कि वह बड़े अंतर से जीतेंगी. इस बार उनको 10 लाख से ज्यादा वोट मिलेंगे और उनका पुराना रिकॉर्ड टूटेगा.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता और कोडरमा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहीं अन्नपूर्णा देवी ने बड़ा दावा किया है. वोटिंग के बीच ही उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव में वह बड़े अंतर से जीतेंगी. पिछली बार का रिकॉर्ड टूट जाएगा.

कोडरमा में अन्नपूर्णा ने किया सभी 6 विधानसभा में बढ़त का दावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने दावा करते हुए कहा है कि इस बार उनको 10 लाख से अधिक वोट मिलेंगे. उन्होंने कहा कि सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में उनको बढ़त मिल रही है. चुनाव में उनका मुकाबला किससे हो रहा है, यह पूछने पर अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि अभी यह बता पाना मुश्किल है कि मेरी टक्कर किससे है.

कोडरमा में कोई मेरे आसपास नहीं दिख रहा : अन्नपूर्णा देवी

भाजपा नेता ने कहा कि इस वक्त उनके आसपास कोई नहीं दिखाई दे रहा है. वह बहुत बड़े अंतर से जीतेंगीं. उन्होंने कहा कि देशहित के लिए और गरीबों के हित में बनी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए वह लगातार काम करती रहेंगी. भाजपा ने गरीबों के हित में जो काम अब तक किए हैं, उसका लाभ उनको भी मिलेगा. इसलिए उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वह वर्ष 2019 से अधिक मतों के अंतर से जीतने जा रहीं हैं.

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अन्नपूर्णा देवी, विनोद सिंह समेत 15 प्रत्याशी हैं मैदान में

ज्ञात हो कि कोडरमा लोकसभा सीट पर अन्नपूर्णा देवी समेत कुल 15 उम्मीदवार हैं. इसमें उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी)(लिबरेशन) के विनोद सिंह हैं. विनोद सिंह को कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का भी समर्थन प्राप्त है. वर्तमान में बगोदर विधानसभा सीट के विधायक विनोद सिंह, मोदी विरोधी महागठबंधन I.N.D.I.A. के संयुक्त उम्मीदवार हैं.

पांचवें चरण में कोडरमा संसदीय सीट पर सबसे ज्यादा वोटर

बता दें कि पांचवें चरण में झारखंड की जिन 3 लोकसभा सीटों पर सोमवार (20 मई) को मतदान हुआ है, उसमें कोडरमा सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र है. यहां की आबादी 34.01 लाख है, जबकि यहां मतदाताओं की कुल संख्या 22 लाख से अधिक है. वर्ष 2019 में इस यहां 18.12 लाख मतदाता थे, जिनमें से 12.08 लाख ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

कोडरमा लोकसभा सीट पर हैं 22 लाख से अधिक मतदाता

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कोडरमा लोकसभा सीट पर 22 लाख से अधिक मतदाता हैं, जो पिछले यानी वर्ष 2019 के चुनाव की तुलना में 21.45 फीसदी अधिक है. इस लोकसभा सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें (कोडरमा, बरकट्ठा, धनवार, बगोदर, जमुआ (एससी) और गांडेय) आतीं हैं. गांडेय विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी हो रहा है. यहां झामुमो की कल्पना सोरेन और भाजपा के दिलीप वर्मा के बीच मुकाबला है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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