पहला बाल विवाह मुक्त प्रखंड बनेगा डोमचांच

Updated at : 29 Apr 2017 8:44 AM (IST)
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पहला बाल विवाह मुक्त प्रखंड बनेगा डोमचांच

आधुनिक तकनीक व सुख-सुविधा के बाद भी विचार 14वीं सदी की डोमचांच : प्रखंड का पहला बाल विवाह मुक्त प्रखंड बनेगा डोमचांच. इसे ऐसा करने में पोषण सखी, आंगनबाड़ी सेविका, पंचायत जनप्रतिनिधि, थाना, ब्लॉक प्रशासन, चाइल्डलाइन, स्थानीय स्वयंसेवी संस्थान व सिविल सोसाइटी के लोगों का भरपुर योगदान होगा. यह संकल्प व निर्णय शुक्रवार को प्रखंड […]

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आधुनिक तकनीक व सुख-सुविधा के बाद भी विचार 14वीं सदी की
डोमचांच : प्रखंड का पहला बाल विवाह मुक्त प्रखंड बनेगा डोमचांच. इसे ऐसा करने में पोषण सखी, आंगनबाड़ी सेविका, पंचायत जनप्रतिनिधि, थाना, ब्लॉक प्रशासन, चाइल्डलाइन, स्थानीय स्वयंसेवी संस्थान व सिविल सोसाइटी के लोगों का भरपुर योगदान होगा. यह संकल्प व निर्णय शुक्रवार को प्रखंड सभागार में आयोजित बाल विवाह की रोकथाम को लेकर आयोजित प्रखंडस्तरीय कार्यशाला में लिया गया.
अध्यक्षता करते हुए बीडीओ नारायण राम ने कहा कि जिंदगी में खुशियां भरने एवं घर-परिवार को सजाने-संवारने के लिए बाल विवाह को रोकने काे ले यह अभियान चलाया जा रहा है. विशिष्ट अतिथि प्रशिक्षु अपर समाहर्ता समरेश भंडारी ने कहा कि हम तमाम आधुनिक तकनीकों व सुख-सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन, विचार 14वीं सदी को लेकर चल रहे हैं. यही विचार व सोच हमें बेटी को बोझ समझने एवं कम उम्र में ही बेटी का ब्याह रचा कर अपनी जिम्मेवारी से मुक्त होने को विवश करता है. थाना प्रभारी एसके सिंह ने कहा कि कानून की जानकारी घर-घर तक ले जाने की जरूरत है.
उन्होंने इसके लिए पोषण सखी एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों को अपनी सामाजिक दायित्वों का निर्वाह करने या फिर 1098 पर कॉल करने की अपील की. सीओ नाजिया अफरोज ने बाल विवाह, घरेलू हिंसा, प्रताड़ना आदि से उबारने के लिए बेटियों को आर्थिक स्वावलंबी बनाने की बात कही. सीडब्ल्यूसी के सदस्य राजकुमार सिन्हा ने बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह के आयोजन पर दो वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख का जुर्माना या दोनों से दंडित किये जाने का प्रावधान है. चाइल्डलाइन के निदेशक इंद्रमणि साहू ने संस्था द्वारा किये जा रहे पहल की जानकारी देते हुए कहा हमें लिंगभेद एवं कानून के व्यापक प्रचार-प्रचार को लेकर भी काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 47 फीसदी शादियां अभी भी 18साल से पहले हो रही है. 22 फीसदी बालिकाएं 18 वर्ष से पहले मां बन रही है. यह रिर्पोट अपने आप में 21वीं सदी के लोगों पर तमाचा है.
कार्यशाला को कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दिनेश रविदास, सब सेंटर के समन्वयक बब्लू कुमार, पर्यवेक्षक उतम कुमार, डोमचांच उतरी पंचायत की गीता पांडेय, अधिवक्ता राजेश कुमार आदि ने भी संबोधित किया. मौके पर समाजसेवी सुमन कुमार मेहता, उपमुखिया सोनी देवी, पंसस मनोज कुमार, पारा शिक्षक शंभू राणा, मधुवन पंचायत के मुखिया हरिशंकर प्रसाद, एसएमसी अध्यक्ष मनीष कुमार, शंकरलाल राणा, जितेंद्र कुमार सिंह, मनीष लेहरी, मेरियन सोरेन, बसंती देवी, ज्योति कुमारी सिन्हा, नूतन कुमारी, उमेश कुमार, विजय कुमार यादव, सन्नी कुमार, मुकेश कुमार यादव, बबीता देवी, नारायण तुरिया, मुखिया कुमुद देवी, चिरंजीव कुमार साव, नन्दिता गोस्वामी आदि मौजूद थे. संचालन संतोष कुमार पांडेय एवं धन्यवाद ज्ञापन चाइल्डलाइन के समन्वयक तुलसी कुमार साव ने किया.
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