घंटों गुल रही बिजली, परेशान रहे लोग

Updated at : 15 Jul 2016 9:27 AM (IST)
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घंटों गुल रही बिजली, परेशान रहे लोग

समस्या. तमाम प्रयासों के बावजूद पटरी पर नहीं आ रही जिले की विद्युत व्यवस्था कोडरमा : तमाम दावों व प्रयासों के बावजूद जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है. बुधवार की देर रात से गुरुवार की सुबह दस बजे तक जिले में बिजली गुल रही. इससे आम जनजीवन ठहर सा गया […]

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समस्या. तमाम प्रयासों के बावजूद पटरी पर नहीं आ रही जिले की विद्युत व्यवस्था
कोडरमा : तमाम दावों व प्रयासों के बावजूद जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है. बुधवार की देर रात से गुरुवार की सुबह दस बजे तक जिले में बिजली गुल रही. इससे आम जनजीवन ठहर सा गया था.
पूरे जिले में घंटों लगातार बिजली गुल रहने से इन्वर्टर समेत अन्य उपकरण जवाब दे गये. एक तरह से घंटों ब्लैक आउट की स्थिति रहने से सुबह में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग के कर्मी बार-बार आ रहे तकनीकि फॉल्ट को ढूंढ नहीं पा रहे थे. इससे विद्युत व्यवस्था बहाल करने में नौ घंटे से अधिक का समय लग गया. बताया जाता है कि बीती रात करीब एक बजे विद्युत विभाग के केंद्र में कहीं तकनीकि फाॅल्ट के कारण डीवीसी के विशुनपुर रोड स्थित पावर उप केंद्र में लगा मेन ब्रेकर ट्रिप कर गया. कुछ देर बाद फाॅल्ट दूर करने की बात कह कर डीवीसी से ट्रिप को हटाया गया, तो कुछ देर बाद ब्रेकर फिर ट्रिप कर गया.
रात एक बजे से सुबह 9:15 बजे तक में विद्युत विभाग के तकनीकि फाॅल्ट के कारण डीवीसी के उप केंद्र में 10 बार ब्रेकर ट्रिप हुआ. इससे बिजली गुल रही. सुबह में विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता अमित खलको व अन्य अधिकारियों ने डीवीसी के उप केंद्र में भी जानकारी ली, पर फाॅल्ट पकड़ में नहीं आया. बाद में किसी तरह तकनीकि खराबी को दूर कर विद्युत व्यवस्था बहाल की गयी. विभाग के पदाधिकारी समस्या के संबंध में किसी तरह का जवाब नहीं दे पा रहे थे.
38 मेगावाट का हुआ है कांट्रैक्ट
45 मेगावाट बिजली ले रहा बोर्ड
झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड का कोडरमा के लिए डीवीसी से 38 मेगावाट बिजली लेने का कांट्रैक्ट है. यह करार वर्षों पुराना है. समय के साथ जिले की आबादी बढ़ी और विद्युत विभाग के उपभोक्ता भी, पर विद्युत सप्लाई नहीं बढ़ पायी. हाल यह है कि विद्युत विभाग डीवीसी से करार से अधिक बिजली ले रहा है. डीवीसी की सूत्रों की मानें तो विद्युत विभाग कभी-कभी 45 मेगावाट तक बिजली ले रहा है. अधिकारी ने बताया कि जिले की जरूरत कम से कम 60 मेगावाट बिजली की है. इसे पूरा करने के लिए पूर्व में कई बार पत्राचार किया गया है. अभी तक बोर्ड व डीवीसी के बीच कोई नया करार नहीं होने के कारण पुराने अनुसार विद्युत सप्लाई दी जा रही है.
सांसद ने कहा था : अब नहीं होगी बिजली की कटौती
विद्युत बोर्ड की दी जानेवाली बिजली सप्लाई में डीवीसी की कटौती जारी है. कुछ दिन पूर्व कोडरमा जिले के दौरे पर जब सांसद डाॅ रवींद्र राय आये थे, तो छह घंटे की कटौती डीवीसी ने शुरू की थी. बोर्ड पर डीवीसी का बकाया होने के कारण इस तरह का कदम उठाया गया था.
चार दिवसीय दौरे के अंतिम दिन अनुश्रवण समिति की बैठक में सांसद ने कहा था कि डीवीसी के अधिकारियों से बात हो गयी है. अब बिजली की कटौती नहीं होगी, पर हकीकत यह है कि डीवीसी की कटौती जारी है. पहले यह कटौती करीब पांच घंटे की हो रही थी, लेकिन अब तीन घंटे की बिजली कटौती की जा रही है. सुबह में 180 मिनट व शाम के समय में 180 मिनट बिजली का रेगुलेशन डीवीसी द्वारा किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार एक जुलाई से शुरू हुई करीब पांच घंटे की कटौती कुछ दिन रही. एक व दो जुलाई को 4.48 मिनट बिजली कटौती की गयी, तो तीन व चार जुलाई को 2.24 मिनट की कटौती की गयी.
इसके अलावा पांच जुलाई को 1.54 मिनट की कटौती हुई. छह से आठ जुलाई तक ईद व रथ यात्रा का त्योहार होने के कारण डीवीसी की ओर से बकाया को लेकर बिजली कटौती नहीं की गयी. इसके बाद नौ जुलाई से कटौती पुन: शुरू कर दी गयी है. नौ जुलाई को 1.54 मिनट की कटौती की गयी, जबकि 11, 12 व 13 जुलाई को सुबह शाम 90-90 मिनट यानी तीन घंटे की बिजली कटौती की गयी. यह कटौती डीवीसी आलाकमान के अगले निर्देश तक जारी रहेगा.
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