कोडरमा : डैम का जलस्तर घटा बिजली उत्पादन बंद

Updated at : 23 Feb 2016 7:58 AM (IST)
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कोडरमा : डैम का जलस्तर घटा बिजली उत्पादन बंद

तिलैया डैम पनबिजली उत्पादन केंद्र विकास कोडरमा : तिलैया डैम पन बिजली उत्पादन केंद्र से पिछले 20 दिनाें से बिजली का उत्पादन ठप है. इस वर्ष कम बारिश की वजह से डैम के पानी का स्तर बहुत जल्द नीचे चल गया है. ऐसे में डीवीसी को समय से पहले ही बिजली उत्पादन रोक देना पड़ा […]

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तिलैया डैम पनबिजली उत्पादन केंद्र
विकास
कोडरमा : तिलैया डैम पन बिजली उत्पादन केंद्र से पिछले 20 दिनाें से बिजली का उत्पादन ठप है. इस वर्ष कम बारिश की वजह से डैम के पानी का स्तर बहुत जल्द नीचे चल गया है. ऐसे में डीवीसी को समय से पहले ही बिजली उत्पादन रोक देना पड़ा है. दोनों यूनिटों से उत्पादन ठप रहने से डीवीसी को लाखों रुपये का नुकसान हाे रहा है.
पिछले साल मार्च तक उत्पादन हुआ था : जानकारी के अनुसार, तिलैया डैम पन बिजली उत्पादन केंद्र देश का पहला पन बिजली उत्पादन केंद्र है.
वर्ष 2015 में मार्च तक दोनों यूनिटों से बिजली का उत्पादन किया गया था. इस बार दो फरवरी की रात से ही बिजली उत्पादन रोकना पड़ा है. गत दो फरवरी को डैम का जलस्तर 1200 फीट पहुंचने के बाद डीवीसी प्रबंधन ने जिला प्रशासन के निर्देश को ध्यान में रखते हुए बिजली उत्पादन रोक दिया, ताकि आम शहरी व ग्रामीण लोगों को गरमी के दिनाें में पेयजल संकट से जूझना नहीं पड़े.
दाे माह पहले ही जलस्तर गिर गया
तिलैया डैम में टॉप लेवल पानी की क्षमता 1222 फीट है, जबकि डेंजर लेवल 1218.76 फीट निर्धारित है. डैम में पानी की क्षमता 75.25 मीलियन क्यूसिक मीटर का है. पिछले वर्ष 2015 में मार्च माह में डैम का जल स्तर 1198 फीट पर पहुंचा था, तो बिजली का उत्पादन बंद किया गया था. इस बार दो माह पूर्व ही जल स्तर इस लेवल पर पहुंच गया. डीवीसी के अधिकारी की मानें तो बिजली उत्पादन बंद कर देने के बाद बारिश होने तक यहां से पीने के पानी का संकट नहीं होगा.
1.28 करोड़ से अधिक का नुकसान
तिलैया पन बिजली उत्पादन केंद्र की दोनों यूनिट से एक घंटे में चार मेगावाट बिजली का उत्पादन हाेता है. इस तरह एक दिन में 128 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है. डीवीसी के अधिकारी के मुताबिक फरवरी में उत्पादन नहीं रोक जाता, तो 2784 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होता. इससे डीवीसी को 64 लाख 3200 रुपये प्राप्त होते. मार्च माह का अगर उत्पादन जोड़ें तो करीब छह हजार मेगावाट तक बिजली का उत्पादन कर लिया जाता. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पायेगा. ऐसे में डीवीसी को मार्च माह तक 1.28 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा.
यहां होती है पेयजलापूर्ति
तिलैया डैम से कोडरमा व झुमरीतिलैया शहरी क्षेत्र के अलावा हजारीबाग के बरही, बड़की धमराय ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना में पानी की सप्लाई की जाती है. बांझेडीह स्थित डीवीसी के पावर प्लांट में भी डैम से पानी की सप्लाई की जाती है.
‘‘चूंकि बारिश कम हुई है, इसलिए ऐसी स्थिति बनी है. फिर भी डैम में पानी का स्तर इतना है कि लोगों को पीने का पानी का संकट नहीं होगा.अजीत कुमार शर्मा
कार्यपालक अभियंता
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