1965 के युद्ध में देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर अब्दुल हमीद को दी श्रद्धांजलि

खूंटी में परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का शहादत दिवस मनाया गया. लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर देश के लिए दिए गए बलिदान को याद किया.

खूंटी. गुरुवार को परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद का शहादत दिवस मनाया गया. यह कार्यक्रम खूंटी अंजुमन इस्लामिया के तत्वावधान में वार्ड नंबर 10 स्थित अंजुमन इस्लामिया भवन में आयोजित हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता अंजुमन इस्लामिया के सदर मो. जैद रैन ने की. मुख्य अतिथि के रूप में सांसद के प्रतिनिधि के तौर पर विलसन तोपनो उपस्थित थे. मौके पर उपस्थित लोगों ने वीर अब्दुल हमीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

1965 के युद्ध में दिखाया अदम्य साहस

सदर मो. जैद रैन ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. उन्होंने चेनाब नदी के पास घुसपैठियों से लड़ते हुए अपने टैंक से दुश्मन के कई टैकों को नष्ट कर दिया था. वे आखिरी समय तक लड़ते रहे और दुश्मन के सात टैंकों को तबाह करने के बाद वे शहीद हुए. उनके इस अदम्य साहस ने साबित किया कि कैसे शहीदों के बलिदान से देश सुरक्षित रहता है.

शहीदों के बलिदान से देश सुरक्षित

सांसद प्रतिनिधि विलसन तोपनो ने कहा कि वीर शहीदों के बलिदान के कारण ही देश सुरक्षित है. हमें उनकी शहादत से प्रेरणा लेकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखनी चाहिए. गुलाम गौश ने कहा कि वीर शहीदों का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता.

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कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

मौके पर जुनैद अंसारी, कैसर खां, इमरान अंसारी, समीर अंसारी, तनवीर अंसारी व तनवीर आलम समेत अन्य मौजूद थे.

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By Bhushan Kanshi

भूषण कांशी ने 1998 में प्रभात खबर से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने सफर की शुरुआत की. रिपोर्टर के साथ न्यूज पेपर एजेंट के रूप में भी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने पत्रकारिता की बुनियादी चुनौतियों और जमीनी हकीकत को करीब से समझा. अभी खूंटी ब्यूरो में भी बतौर सहायक काम कर रहे हैं. बीते 28 वर्षों से वह ग्रामीण एवं स्थानीय क्षेत्रों की समस्याओं और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने में सक्रिय हैं. ग्रामीण समाज की आवाज को मंच देने, आम लोगों की समस्याओं को प्रशासन व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने और उपेक्षित मुद्दों को समाचार के माध्यम से प्रमुखता देने को उन्होंने पत्रकारिता का उद्देश्य बनाया हुआ है. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, कृषि, रोजगार, वन्यजीव और सामाजिक विषयों से जुड़े मामलों पर उनकी निरंतर नजर रहती है. निष्पक्षता, तथ्यपरकता और जनहित …

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