जमीन पर सीओ ने निर्माण कार्य रोका
Updated at : 20 Apr 2017 7:09 AM (IST)
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60 साल से चल रहा विवाद निबटारे के कगार पर डकरा : केडी बाजार की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा जेसीबी लगा कर कराया जा रहा निर्माण कार्य को सीओ एसएन वर्मा ने पुलिस के सहयोग से रोकवा दिया है. पिछले दो दिनों से यहां निर्माण कार्य किया जा रहा था. खाता संख्या आठ प्लॉट […]
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60 साल से चल रहा विवाद निबटारे के कगार पर
डकरा : केडी बाजार की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा जेसीबी लगा कर कराया जा रहा निर्माण कार्य को सीओ एसएन वर्मा ने पुलिस के सहयोग से रोकवा दिया है. पिछले दो दिनों से यहां निर्माण कार्य किया जा रहा था. खाता संख्या आठ प्लॉट नंबर 14,15,16 का 6.50 एकड़ जमीन को लेकर पिछले 60 साल से विवाद चल रहा है. केडी का पूरा बाजार लगभग इसी जमीन पर लगता है. इस संबंध में स्व गौरीचरण दत्ता के पोते शांतनु दास ने बताया की 1944 में तत्कालीन जमींदार से यह जमीन उनके दादा ने ली थी.
जिसका रसीद भी कटता था. 1965-66 में बुढ़मू के तत्कालीन सीओ ने जमीन को अवैध बता कर रिपोर्ट कर दिया. जिसकी जांच के लिए डीसीएलआर के द्वारा पीडर (सरकारी वकील) कमिश्नर नियुक्त किया गया और उन्होंने इस जमीन को गौरीचरण दत्ता का रैयती जमीन बताया.
इस फैसले के विरोध में बिहार सरकार से उनके परिजन मुकदमा भी लड़े और वर्ष 1980 में उनके पक्ष में फैसला आया.
बाद में उनके एक किरायेदार द्वारा मुकदमा करने के बाद मुनसफ कोर्ट ने जमीन का प्रोवेड किया, जिसमें गौरीचरण के परिजनों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया. इस बीच गलत तरीके से जमीन की जमाबंदी भी जारी रही. जिसके कारण उनका पूरा परिवार अपनी ही जमीन पर हक की लड़ाई के लिए परेशान है. फिलहाल इस जमीन का विवाद सुलझने के अंतिम कगार पर है और उन्हे न्याय का पूरा भरोसा है. वहीं इस जमीन पर वर्षों से रह रहे या व्यवसाय कर रहे लोगों का कहना है कि जमीन उनकी है, जिसका कागजात भी उनके पास है. फिलहाल यह विवाद पूरे केडी बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है.
मामला वरीय पदाधिकारियों के पास है: सीओ
केडी बाजार का 6.50 एकड़ जमीन विवाद से संबंधित सारे कागजात वरीय पदाधिकारियों के पास है. अंचल ने अपनी वस्तुस्थिति से उनको अवगत करा दिया है. जब तक वहां से इस विवाद के निष्पादन का आदेश नहीं आता है, तब तक जमीन पर किसी भी तरह के काम पर रोक लगाया गया है. इसकी लिखित जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गयी है. सूचना मिलने पर पुलिस के सहयोग से ही निर्माण कार्य बंद कराया गया था.
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