व्यापारियों के लिए जीएसटी कारगर

Updated at : 25 May 2017 5:51 AM (IST)
विज्ञापन
व्यापारियों के लिए जीएसटी कारगर

कार्यक्रम . चित्तरंजन के रविन्द्र मंच की ओर से कार्यक्रम आयोिजत, वक्ताओं ने कहा मिहिजाम : चित्तरंजन के रविन्द्र मंच में बुधवार संध्या गुडस एंड सर्विस टैक्स यानि जीएसटी पर सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का आयोजन चित्तरंजन बाबोसहाय वेलफेयर समिति के द्वारा किया गया था. सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि संयुक्त कमिश्नर ऑफ […]

विज्ञापन

कार्यक्रम . चित्तरंजन के रविन्द्र मंच की ओर से कार्यक्रम आयोिजत, वक्ताओं ने कहा

मिहिजाम : चित्तरंजन के रविन्द्र मंच में बुधवार संध्या गुडस एंड सर्विस टैक्स यानि जीएसटी पर सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का आयोजन चित्तरंजन बाबोसहाय वेलफेयर समिति के द्वारा किया गया था. सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि संयुक्त कमिश्नर ऑफ कमर्शियल टैक्स कोलकाता दुर्गा शंकर गुप्ता तथा झुम्पा पाल शामिल थे. अधिकारीद्वय ने इस मौके पर चित्तरंजन के व्यवसायियों को जीएसटी के बारे में जानकारी देकर उनकी शंकाओ का दूर किया. उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर मन में जो भय व्याप्त है उसे दूर कर लें. सरकार जीएसटी में अतिरिक्त कोई कर नहीं लगाने जा रही है.
वैट तथा अन्य कर के रुप में व्यापारी जो कर चुकता कर रहे थे. उसे एक स्थान पर सम्मिलित कर दिया गया है. अब अलग-अलग विभिन्न प्रकार के कर नहीं बल्कि एक कर को चुकता करना है. यह व्यवस्था कर प्रणाली को ज्यादा कारगर बनाने में सहायक होगा. साथ ही व्यापार को भी गति प्रदान करेगा. बताया कि सालाना 20 लाख से उपर का टर्न ओवर करने वाले व्यापारियों को ही जीएसटी का नम्बर लेकर अपने र्फम को सुचिबद्व करना है. इससे ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है. पूर्व में जहां केन्द्रीय कर में सेन्ट्रल एक्साईज एडिशनल डयुटी ऑफ एक्साईज एक्साईज डयूटी ऑफ एनपीटी एक्ट कस्टम डयूटी एडीशनल कस्टम डयूटी सर्विस टैक्स केन्द्रीय सेल टैक्स तथा सरचार्ज देने पड़ रहे थे. वहीं राज्य सरकार को वैट तथा सेल टैक्स खरीद कर मनोरंजन कर लक्जरी कर इंटरी कर इत्यादि देने पड़ रहे थे. अब इन सबो के स्थान पर केवल जीएसटी देना पड़ेगा. जीएएसटी में जो कर चुकता करना पड़ेगा. वहीं अन्य करो को मिलान करने पर एक समान राशि बनेगी. उन्होंने कहा कि जीएसटी के लिए ऑनलाईन आवेदन किया करने की व्यवस्था है. इसमें किसी टैक्स कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं है. दिक्क्त आने पर टैक्स अधिकारी से सर्म्पक किया जा सकता है. मौके पर समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, महासचिव कमल सिंह, संयुक्त सचिव अमन बरुआ, सहायक सचिव श्रवण भगत एवं समीर सौर सहित काफी संख्या में व्यवसायी शामिल हुए.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola