फरवरी में कई पंचायत नहीं हो सके ओडीएफ

Published at :01 Mar 2017 2:30 AM (IST)
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फरवरी में कई पंचायत नहीं हो सके ओडीएफ

शौचालय निर्माण में धीमी गति जामताड़ा : प्रधानमंत्री के सपनों के भारत में संपूर्ण स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है.स्वच्छता अभियान के तहत देश को खुले से शौचमुक्त के साथ-साथ राज्य तथा जिला को भी शौचमुक्त जिला बनाने की ड्रीम योजना है. प्रधानमंत्री के इस ड्रीम योजना में थोड़ी शिथिलता बरती जा रही है, जिसके […]

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शौचालय निर्माण में धीमी गति

जामताड़ा : प्रधानमंत्री के सपनों के भारत में संपूर्ण स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है.स्वच्छता अभियान के तहत देश को खुले से शौचमुक्त के साथ-साथ राज्य तथा जिला को भी शौचमुक्त जिला बनाने की ड्रीम योजना है. प्रधानमंत्री के इस ड्रीम योजना में थोड़ी शिथिलता बरती जा रही है, जिसके कारण ही शौचमुक्त जिला, प्रखंड तथा पंचायत की घोषणा नहीं हो पा रही है. जामताड़ा जिला में माह फरवरी में कई प्रखंड के पंचायत को ओडीएफ घोषित करना था,
लेकिन शौचालय निर्माण में शिथिलता बरतने के कारण ही ओडीएफ की घोषणा नहीं हो पायी. जामताड़ा प्रखंड के लाधना, पियालसोला, चंद्रढीपा तथा गोपालपुर पंचायत फरवरी माह में ओडीएफ की घोषणा की जानी थी, जो नहीं हो पायी. इसी प्रकार से कुंडहित प्रखंड के खजुरी, भेलुवा,पालोजोरी तथा गड़जोड़ी पंचायत, नाला के सालुका एवं खैरा, नारायणपुर के कुरता, दिघारी, करमाटांड़ के करमाटांड़, तेतुलबंधा तथा ताराबहाल पंचायत को माह फरवरी में ही ओडीएफ की घोषणा होनी थी, जो नहीं हो पायी.
41 करोड़ 90 लाख मिला आवटंन
शौचालय निर्माण मद में जिला को वित्तीय वर्ष 2016-17 में जामताड़ा जिला को 41 करोड़ 90 लाख रुपये का आंवटन मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक 17 करोड़ 14 लाख 80 हजार रुपये का अभीतक उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है, जो कैशबुक में समयोजन भी कर दिया गया है. शेष का राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र अबतक विभाग को प्राप्त नहीं हो पाया है.
कर्मियों की कमी
नारायणपुर, फतेहपुर तथा नाला प्रखंड में प्रखंड समन्वयक नहीं है. सभी पुराने समन्वयक को हटाने के बाद से पद रिक्त हो गया है. इसके अलावे नारायणपुर, नाला एवं करमाटांड़ प्रखंड में सोशल मोबलाइजर का पद भी रिक्त है.
क्या कहते हैं जिला समन्वयक
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जिला समन्वयक रुबी कुमारी ने कहा कि जिले का प्राप्त आंवटन का खर्च किया जा चुका है. अभीतक 17 करोड़ 14 लाख 80 हजार रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है, जो कैशबुक में समायोजन कर दिया गया है. जिन-जिन पंचायतों के मुखिया व जल सहिया उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं देंगे, उन पर कार्रवाई की जायेगी. जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज भी की जायेगी. विभाग में प्रखंड समन्वयक एवं सोशल मोबलाइजर के पद का विज्ञप्ति निकाली गयी है.
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