जान जोखिम में डाल कर रहे मिट्टी की खुदायी

Updated at : 30 Oct 2017 12:52 AM (IST)
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जान जोखिम में डाल कर रहे मिट्टी की खुदायी

प्रशासन को नहीं है इसकी भनक 2012 में चाल धंसने से चार लोगों की हो चुकी है मौत नारायणपुर : नारायणपुर अंचल के मंझलाडीह गांव में सफेद मिट्टी का खनन अवैध रूप से ग्रामीणों द्वारा बड़े पैमाने पर जान जोखिम में डाल कर किया जा रहा है. वहीं प्रशासन को किसी प्रकार की भनक नहीं […]

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प्रशासन को नहीं है इसकी भनक
2012 में चाल धंसने से चार लोगों की हो चुकी है मौत
नारायणपुर : नारायणपुर अंचल के मंझलाडीह गांव में सफेद मिट्टी का खनन अवैध रूप से ग्रामीणों द्वारा बड़े पैमाने पर जान जोखिम में डाल कर किया जा रहा है. वहीं प्रशासन को किसी प्रकार की भनक नहीं है. इससे ग्रामीणों में रोष गहराता जा रहा है.
गौरतलब है कि मिट्टी खनन के दौरान वर्ष 2012 में मिट्टी धंसने से चार लोगों की जान जा चुकी है. तीन लोग घायल हो गये थे. इन शवों को निकालने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी. प्रशासन को मुआवजा भी देना पड़ा था. उसके बाद प्रशासन ने इस स्थान पर खुदाई पर रोक लगा दी थी. लेकिन रोक लगाने के बावजूद भी इस स्थान पर सफेद मिट्टी का खनन किया जा रहा है. प्रशासन से इस अवैध खनन को रोक लगाने की मांग स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं. इसकी सूचना प्रखंड प्रशासन को कई बार दी जा चुकी है.
बावजूद इस दिशा में अब तक पहल नहीं हुआ है. समय रहते यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो निश्चित रुप से कोई बड़ा हादसा हो सकता है. ग्रामीण महिलाएं बसूला, टेंगल आदि सामानों से पहाड़ी में सुरंग बनाते हैं और इस सकरी सुरंग में घुसकर मिट्टी की खुदाई करते हैं. करीब 7 फीट से 10 फीट गहरी वर्तमान में सुरंग बन चुकी है और ऊपर का पहाड़ी छत के जैसा निकल गया है, जो बड़े हादसे को अामंत्रण दे रहा है.
गिरिडीह व धनबाद में 40-50 रुपये किलो बिकती है मिट्टी
यह मिट्टी ग्रामीणों से धनबाद और गिरिडीह के व्यवसायी पैसे देकर खनन कराते है. मिट्टी को धनबाद और गिरिडीह के बाजारों में 40 से 50 प्रति किलो के भाव से बेचा जाता है.
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि इस मिट्टी का काम घर को रंगने में किया जाता है. मिट्टी सस्ती और अच्छी होने के कारण लोग यहां से मिट्टी की खुदाई कराते हैं. मंझलाडीह के इस पहाड़ को काटकर गोविंदपुर-साहिबगंज सड़क बीचो-बीच बनाई गई है. जिसके कारण मिट्टी काटने वालों को काफी आसानी होने लगी है. सड़क पर आते-जाते अधिकारियों को आसानी से दिखाई भी देता है. लेकिन अधिकारी इस पर रोक लगाने की जगह पर मौन है.
क्या है उपयोग
मिट्टी का खुदाई करने वाले महिलाओं ने बताया कि मिट्टी की दीवार की रंगाई-पुताई की जाती. यह चूना के मुकाबले में भी अच्छा होता है.
क्या कहते हैं मुखिया
देवलबाड़ी पंचायत के मुखिया कमल हांसदा ने कहा कि खुदाई करने वाले ग्रामीणों को कई बार मना किया है, लेकिन ग्रामीण नहीं मानते हैं. इसकी जानकारी नारायणपुर थाना को भी दी है, लेकिन थाना के द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.
बीडीओ ने कहा
मिट्टी खनन पर रोक लगा दी गयी है. मुखिया को भी सहयोग करने को कहा गया है. आज से चौकीदार की नियुक्ति कर निगरानी रखी जायेगी.
मो जहीर आलम, बीडीओ
पहले के हादसा से नहीं ली सबक
जिला प्रशासन ने उस स्थान पर कागजी आदेश में मिट्टी की खुदाई पर रोक लगा दी है. बावजूद इस पर अमल नहीं हो रहा है. जल्द ही यदि स्थान पर रोक नहीं लगा तो यहां पर होने वाला हादसा का जिम्मेवार प्रशासन होगा.
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