गालूडीह से प्रकाश दास की रिपोर्ट
झुंड से बिछड़कर एक जंगली हाथी मंगलवार की सुबह धातकीडीह गांव के पास पहुंच गया. हाथी के गांव के समीप पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गयी. ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वनपाल संजय दास को दी. ग्रामीण अजय मुर्मू ने बताया कि मंगलवार सुबह धातकीडीह फुटबॉल मैदान के पास लोगों ने हाथी को देखा. लोगों की नजर पड़ते ही हाथी पास के जंगल की झाड़ियों में घुस गया. इसके बाद ग्रामीण जंगल की ओर नजर बनाये हुए हैं.
फुटबॉल मैदान के पास दिखा हाथी, झाड़ियों में घुसा
हाथी के गांव के आसपास होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गये. हालांकि, घनी झाड़ियों के अंदर चले जाने के कारण हाथी का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पा रहा है. ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी अब भी आसपास के जंगल में मौजूद है. इससे खेतों और जंगल की ओर आने-जाने वाले लोगों में भय बना हुआ है.
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी यदि जंगल से निकलकर दोबारा गांव की ओर आ गया, तो परेशानी बढ़ सकती है. इसी कारण लोग समूह में रहकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं.
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अकेले जंगल जाने से बच रहे ग्रामीण
हाथी के गांव के समीप पहुंचने के बाद ग्रामीण अकेले जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं. खासकर खेतों में काम करने वाले लोगों में अधिक डर है. ग्रामीणों ने बताया कि जंगल और खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर भी सतर्कता बरती जा रही है. लोगों ने एक-दूसरे को सावधान रहने की सलाह दी है.
ग्रामीणों के अनुसार, हाथी की मौजूदगी के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों की चिंता है कि यदि हाथी लंबे समय तक गांव के आसपास रहा, तो जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहेगा.
वन विभाग की टीम का इंतजार
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी को बिना परेशान किये सुरक्षित स्थान की ओर भेजना जरूरी है.
समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की टीम धातकीडीह गांव नहीं पहुंची थी. इससे ग्रामीणों की चिंता बनी हुई थी. ग्रामीण लगातार जंगल की झाड़ियों और आसपास के इलाके पर नजर रखे हुए थे तथा वन विभाग की टीम के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे.
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