हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में दो अलग-अलग निबंधन कार्यालयों में कार्यरत बड़ी संख्या में डीड राइटर अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलित हैं. डीड राइटरों के समर्थन में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद गंभीरता से सामने आए हैं. शनिवार 8 अगस्त को विधायक प्रदीप प्रसाद पहले डीड राइटर कार्यालय पहुंचे और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना. इसके बाद देर शाम उन्होंने उपायुक्त हेमंत सती से डीड राइटरों के साथ मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा की है.
विधायक ने उपायुक्त के समक्ष रखे प्रमुख मुद्दे
डीड राइटरों की मांगें- डीड राइटर लंबे समय से निबंधन प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. विधायक ने उपायुक्त के समक्ष प्रमुख मुद्दे पर बातचित किया है. इसमें अनावश्यक दस्तावेजों की मांग पर विधायक ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के बावजूद जिला निबंधन कार्यालय में निबंधन के दौरान अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जा रही है. इससे डीड राइटरों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी हो रही है.
निबंधन के दौरान अनावश्यक दस्तावेजों की मांग
उन्होंने बताया कि राज्य के अन्य जिलों में निबंधन के दौरान एलपीसी सहित अन्य दस्तावेजों की अनावश्यक मांग हो रही है. हजारीबाग में अतिरिक्त मांग और जटिल प्रक्रियाओं के कारण लोगों को दिक्कतें हो रही हैं. विधायक ने कहा निबंधन कार्यों के सुचारू रूप से संचालन करने और आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला निबंधन कार्यालय में स्थायी निबंधक पदाधिकारी की नियुक्ति जरूरी है.
ये भी पढ़े: हजारीबाग में अवर निबंधक पदाधिकारी का पद खाली, जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री ठप होने से सरकार को नुकसान
ये भी पढ़े: झारखंड: शहरों में जमीन-मकान-फ्लैट लेना हुआ महंगा, कब से और कितने पैसे बढ़ जाएंगे?
निबंधक पदाधिकारी नहीं रहने से कामकाज प्रभावित
करीब एक महीने से निबंधक पदाधिकारी नहीं रहने से कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है. इस पर उपायुक्त ने विधायक सहित डीड राईयटरों से कहा है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना जाएगा और नियम संगत सभी समस्याओं के समाधान किए जाएंगे
