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हजारीबाग चिरुडीह कांड में खुलासा- योगेंद्र साव ने बेटे को ठेका देने के लिए उकसाया था भीड़ को, जानें पूरा मामला

योगेंद्र ने भीड़ को उकसाया था अपने बेटे को दिलाना था ठेका. चिरुडीह कांड में हजारीबाग पुलिस ने योगेंद्र शव को जमानत देने का किया विरोध

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
हजारीबाग चिरुडीह कांड
हजारीबाग चिरुडीह कांड
ट्विटर

Jharkhand News, Hazaribagh News, Jharkhand politics update हजारीबाग : हजारीबाग के बड़कागांव क्षेत्र के चर्चित चिरुडीह कांड में नामजद पूर्व विधायक योगेंद्र साव की ओर से कुछ दिन पहले हाइकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया गया था. इस मामले में हजारीबाग पुलिस की ओर से इंस्पेक्टर श्याम चंद्र सिंह ने कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया है. इसमें योगेंद्र साव पर भीड़ को उकसा कर पत्नी निर्मला देवी को पुलिस की कस्टडी से छुड़ाने और बेटे को एनटीपीसी से ठेका दिलाने के लिए दबाव डालने का आरोप है.

क्या है शपथ पत्र में :

शपथ पत्र में कहा गया है कि 2016 में आंदोलन के दौरान निर्मला देवी ने समर्थकों के साथ सड़क पर धरना देकर आवागमन को बाधित कर दिया था. इन्हें पुलिस द्वारा धरना समाप्त कर आवागमन चालू करने के लिए कई बार समझाया गया, लेकिन वह नहीं मानी.

तब पुलिस निर्मला देवी को गिरफ्तार कर पुलिस वैन से ले जाने लगी. इसी दौरान भीड़ को उकसा कर योगेंद्र साव ने पुलिस वैन को रोककर बलपूर्वक निर्मला देवी को कस्टडी से छुड़ा लिया. योगेंद्र साव के कहने पर समर्थकों ने पुलिस पर हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए.

शपथ पत्र में कहा गया है कि योगेंद्र साव पर 27 केस हैं. इनमें हत्या, रंगदारी, हत्या का प्रयास और कार्य के दौरान सरकारी कर्मियों व अधिकारियों को बाधा उत्पन्न करने का आरोप है. बता दें कि चिरुडीह कांड में महताब आलम, अभिषेक राय, पवन साव और रंजन दास की मौत हो गयी थी.

Posted by : Sameer Oraon

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