टीनएजर्स पर थोपा जा रहा है अश्लील गीत: कुमार शानू

Published at :20 Mar 2016 8:29 AM (IST)
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टीनएजर्स पर थोपा जा रहा है अश्लील गीत: कुमार शानू

सलाउद्दीन हजारीबाग : कोनार महोत्सव में भाग लेने पार्श्व गायक कुमार शानू शनिवार को हजारीबाग आये. झारखंड से उनका गहरा नाता है. झरिया में मामा के यहां महीनों रहते थे. पूरे झारखंड के पर्यटन स्थलों को देखा है. एक दिन में सबसे ज्यादा गीत रिकॉर्ड कराने का रिकॉर्ड बनानेवाले शानू अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं […]

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सलाउद्दीन
हजारीबाग : कोनार महोत्सव में भाग लेने पार्श्व गायक कुमार शानू शनिवार को हजारीबाग आये. झारखंड से उनका गहरा नाता है. झरिया में मामा के यहां महीनों रहते थे. पूरे झारखंड के पर्यटन स्थलों को देखा है. एक दिन में सबसे ज्यादा गीत रिकॉर्ड कराने का रिकॉर्ड बनानेवाले शानू अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते. उनका मानना है कि आज के टीनएजर्स को अश्लील गीत परोसे जा रहे हैं. वह कभी ऐसे गीत नहीं गायेंगे. प्रभात खबर से कुमार शानू की बातचीत के प्रमुख अंश.
सवाल : संगीत प्रेमी युवाओं को क्या संदेश देंगे ?
जवाब : युवा अच्छे गीत सुनें. खराब लिरिक्स का समाज पर बुरा असर पड़ता है. युवा इतने गये-गुुजरे नहीं हैं कि वह कुछ भी सुनें. ‘चार बोतल वोदका, काम मेरा रोज का…’ जैसे गीत युवाओं पर थोपे जा रहे हैं.
सवाल : कुमार शानू ने जो गीत गाये, उससे आज की पीढ़ी प्रेरणा लेती है. आगे क्या करना चाहते हैं?
जवाब : 20 हजार गीत गाकर मैंने जो मुकाम बनाया है, ऐसे-वैसे गीत गाकर उसे नष्ट नहीं करना चाहता. मैं लोगों की आंखों में नहीं, दिल में रहता हूं. अश्लील गीतों के बिल्कुल खिलाफ हूं. ऐसे गीत कभी नहीं गाऊंगा.
सवाल : भाषा व प्रांत को बांटने के दौर में गीतों को भी बांटा जा रहा है?
जवाब : संगीत की कोई भाषा नहीं होती. आपकी भाषा कोई भी हो, संगीत की भाषा एक होती है. संगीत बढ़िया हो, तो हर कोई उसे पसंद करता है.
सवाल : नयी फिल्मों की कहानियों के कारण गाने का दौर भी बदला है?
जवाब : वन ट्रैक फिल्में अधिक बन रही हैं. इसमें हिंसा और अश्लीलता बढ़ी है. पहले विदेशी फिल्मों में ये चीजें होती थीं. अब बॉलीवुड में यह चलन बढ़ा है. फिल्म इंडस्ट्री में आज चर्चा होती है कि सेक्स और वॉयलेंस के बाद आगे क्या दिखायें. हमारे युवा यह सब नहीं देखना चाहते. यही वजह है कि 50 करोड़ की फिल्म के लिए 50 करोड़ रुपये के विज्ञापन बनाये जाते हैं. यूं कहें कि आक्रामक प्रचार के जरिये किशोरों पर ऐसी फिल्में थोपी जा रही है. सुबह-शाम हर चैनल पर चलने से गाना हिट नहीं होता. गीत बाइ माउथ हिट होते हैं. ‘साजन’ और ‘आशिकी’ जब हिट हुई थी, तब कितने चैनल, कितने एफएम थे.
सवाल : कितने गाने गा रहे हैं?
जवाब : मैं बहुत चूजी हूं. वल्गर गीत नहीं गाऊंगा. अपने उसूलों के खिलाफ कोई गीत नहीं गाऊंगा.
सवाल : 60-70 के दशक के गीतों का दौर फिर लौटेगा?
जवाब : दिलीप कुमार, राजेंद्र कुमार का दौर तो नहीं आयेगा. धोती पहन कर हीरो और साड़ी पहन कर हीरोइन नहीं आयेगी. देश और समाज बहुत बदला है. हम आगे बढ़े हैं, लेकिन अश्लीलता हमें पीछे की ओर ले जायेगी.
सवाल : विभिन्न राज्यों में कार्यक्रम करने में दर्शकों के प्यार में भी अंतर आता है?
जवाब : हमारे कार्यक्रम में सभी उम्र के लोग आते हैं. टीनएजर को नचा कर बोलोगे कि हम उनके दिलों में राज कर रहे हैं, तो वो गलत है.
सवाल : झारखंड से जुुड़ी कोई याद ?
जवाब : झरिया थाना के पास हमारे मामा रहते थे. वहां दो महीने तक रुकता था. तोपचांची, कोडरमा, देवघर अक्सर जाता था. झारखंड से मेरा बहुत लगाव है. एक बार हुंडरू फॉल में फिसल गया था. अनुकूलचंद ठाकुर से दीक्षा लेने देवघर जाता था.
सवाल : कलाकारों को भी बांटा जा
रहा है ?
जवाब : फिल्मों में अपराध और अश्लीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है. युवा पीढ़ी सेलिब्रिटी को फॉलो करते हैं. हीरो-हीरोइन की भी जिम्मेवारी है कि वह नयी पीढ़ी को बेहतर चीजों के लिए प्रेरित करें.
सवाल : पश्चिम बंगाल से जुड़ी कुछ यादें बतायें.
जवाब : पश्चिम बंगाल हमेशा देश से एक कदम आगे रहा है. मैं वहां कुमार शानू विद्या निकेतन खोलनेवाला हूं. कोलकाता के कैनिंग में यह केंद्र मई में शुरू होगा. गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलना प्राथमिकता है. गरीबी को शिक्षा से मिटाया जा सकता है.
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