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मिलिए झारखंड के ''जल पुरुष से'', जिसकी तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं

Updated at : 01 Jul 2019 7:24 AM (IST)
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मिलिए झारखंड के ''जल पुरुष से'', जिसकी तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं

हजारीबाग : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारीबाग के लुपूंग पंचायत में जल संरक्षण जागरूकता कार्य की प्रशंसा की है. पीएम ने रविवार को ‘मन की बात’ में कटकमसांडी प्रखंड के लुपूंग के मुखिया दिलीप कुमार रविदास के संदेश को पूरे देश को सुनाया. प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड की […]

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हजारीबाग : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारीबाग के लुपूंग पंचायत में जल संरक्षण जागरूकता कार्य की प्रशंसा की है. पीएम ने रविवार को ‘मन की बात’ में कटकमसांडी प्रखंड के लुपूंग के मुखिया दिलीप कुमार रविदास के संदेश को पूरे देश को सुनाया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड की लुपूंग पंचायत के मुखिया दिलीप कुमार रविदास ने हम सबों का क्या संदेश दिया है. आप सभी सुनें. प्रधानमंत्री ने उनका पूरा संदेश सुनाया. लुपुंग पंचायत के मुखिया श्री रविदास ने जल संरक्षण के लिए कई अभिनव प्रयोग किये.

गांव के 50 घरों में शॉकपिट (पनसोखा) बनाया. गांव का हर घर पानी बचाने के लिए सजग है. पूरे पंचायत ने इसे एक अभियान के रूप में लिया. चापानल से पानी बरबादी रोकने के लिए ड्रम शॉकपिट बनाया़ मुखिया के सहयोग से पंचायत के सरकारी भवन में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गयी.

क्या है मुखिया का संदेश : खोरठा में मुखिया ने दिया है संदेश

हमर नाम दिलीप कुमार रविदास हकय. पानी बचाने के लिए प्रधानमंत्री जब हमिन के चिट्ठी लिखलथीन तो विश्वास न होवो लागल कि प्रधानमंत्री हमीन के चिट्ठी लिखथीन. जब 22 जून को गांव के लोगों को इकट्ठा करके प्रधानमंत्री का चिट्ठी पढकर सुनाइलिये, तो लोग उत्साहित भेलथीन. पानी बचाने के लिए नये तालाब और पुराने तालाब की सफाई के लिए श्रमदान भागीदारी निभाने के लिए गांव के लोग तैयार हेलथीन. बारिश से पहले यह उपाय कर आगे पानी की दिक्कत न होतय. प्रधानमंत्री ठीक समय पर हमीन के अगाह करलथीन. अपनी भाषा में जो संदेश मुखिया ने दिया उसे ही हु-ब-हू मन की बात में प्रधानमंत्री ने सुना दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने जल शक्ति मंत्रालय बनाया है. पानी से संबंधित फैसले लिये जा सके. देश के ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा. एक-एक बूंद पानी बचाने के लिए ग्राम सभा की बैठक बुलाकर गांववालों के साथ विचार विमर्श करे. 22 जून को देश भर में हजारों पंचायत के करोड़ों लोगों ने श्रमदान किया. जल के एक-एक बूंद संचय करने का संकल्प लिया.

ऐसे आगे आया पानी बचाने गांव :
30 चापानल में से 15 के सामने ड्रम पनसोखा बना-

लुपूंग पंचायत के विभिन्न गांवों में लगे 30 चापानल से निकलनेवाले पानी की बरबादी को भी रोकने की पहल हुई. 15 चापानल के सामने ड्रम पनसोखा बनाया गया. इसमें मुखिया मद से राशि खर्च की गयी. इन 15 ड्रम पनसोखा में जब चापानल में नहाने, कपड़ा धोने के बाद बरबाद होनेवाले पानी पहुंचने लगा तो गांववालों को लाकर दिखाया गया कि इस तरह इस चापानल का पानी बरबाद होने से बच रहा है. ड्रम पनसोखा बनने से भीषण गर्मी में भी चापानल से पानी निकल रहा है. लुपूंग में चार तालाब का निर्माण हुआ- मुखिया ने सदर विधायक मनीष जायसवाल का सहयोग लिया. विधायक ने अपने प्रयास से चार तालाब खुदवाने के लिए संसाधन उपलब्ध करा दिया. लेकिन गांव के लोगों ने जेसीबी से तालाब खुदवाने के बाद इकट्ठा होकर श्रमदान भी किया. सरकारी जमीन में ट्रेंच कटाने की योजना- मुखिया की नयी पहल इस पंचायत के सभी गांवों में जितनी भी परती सरकारी जमीन है इन सभी परती जमीनों में ट्रेंच कटाने की योजना है. फलदार व इमारती लकडी के वृक्ष लगाने का भी प्रस्ताव प्रखंड व जिला मुख्यालयों को दिया है. ताकि जल संरक्षण का यह कार्य इस स्तर पर भी हो सके.

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