शौचालय, पेयजल व यात्री शेड नहीं, लोगों को होती है परेशानी

प्रभात खबर आपके द्वार : रायडीह प्रखंड मुख्यालय

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खुर्शीद आलम, रायडीह रायडीह प्रखंड मुख्यालय में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. यहां के लोग समस्याओं से जूझ रहे है. यात्रियों के लिए के शौचालय नहीं है. यात्री शेड नहीं है. लोगों के पीने के लिए पेयजल की भी सुविधा नहीं है. मुख्यालय का यह जगह बस स्टैंड के नाम से प्रसिद्ध तो है, लेकिन यहां किसी प्रकार की सुविधा नहीं होने का खामियाजा आमजन को भुगतनी पड़ रही है. शौचालय नहीं होने के कारण यात्रियों विशेषकर महिलाओं को काफी परेशानी होती है. महिलाएं शौच के लिए इधर-उधर भटकती फिरती हैं. हालांकि स्थानीय लोगों की मांग पर सात साल पहले पीएचइडी व पंचायत द्वारा शौचालय निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था. लेकिन अब तक शौचालय पूरा नहीं बन सका है. बस स्टैंड में कहीं प्याऊ नहीं होने के कारण लोगों को प्यास लगने पर पानी खरीदकर पीना पड़ता है. वहीं यात्री शेड के अभाव में यात्रियों को खड़े-खड़े बस आने का इंतजार करना पड़ता है. बारिश व गर्मी में दिक्कत होती है. यहां तक कि कहीं भी यूरीनल की व्यवस्था नहीं है. हल्का होने के लिए लोगों को झाड़ियों व किसी के घर की दीवार का सहारा लेना पड़ता है. प्रभात खबर ने आम जनता से बात की. प्रखंड मुख्यालय की समस्याओं से रू-ब-रू हुए. लोगों ने कहा कि समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में प्रभात खबर मदद करें.

सिर्फ नाम का है बस पड़ाव : दिनेश

दिनेश कुमार साहू ने कहा की रायडीह बस पड़ाव सिर्फ नाम का है. यहां कोई सुविधा नहीं है. रोजाना हजारों लोगों का यहां आना जाना रहता है. पर मुलभूत सुविधाएं नहीं रहने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सरकार व प्रशासन से अनुरोध है. रायडीह की समस्या दूर करें.

किसी प्रकार की सुविधा नहीं है : दुर्गा

दुर्गा गुप्ता ने कहा की प्रखंड मुख्यालय में किसी प्रकार की सुविधा नहीं है. यहां पर यात्रियों के बैठने के लिए कोई यात्री शेड नहीं है. यात्री इधर-उधर भटकते रहते हैं या रोड पर खड़े रहते हैं. यात्री शेड बनने से लोगों के सुविधा होगी. साथ ही पानी, शौचालय की भी व्यवस्था मुख्यालय में होना जरूरी है.

शौचालय की सख्त आवश्यकता है : छविनाथ

छविनाथ साहू ने कहा की बस पड़ाव में सात वर्षों से शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है. लोग शौच के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं. विशेष कर महिलाओं को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यहां शौचालय की सख्त आवश्यकता है. साथ ही एक यूरीनल का भी निर्माण यहां किया जाये.

लोग खरीदकर पानी पीते हैं : मुकेश

मुकेश कुमार साहू ने कहा कि बस पड़ाव में लोगों के लिए पेयजल की सुविधा नहीं है. चौक के समीप न चापानल, न कुआं और न ही कोई प्याऊ है. लोगों को गर्मी के दिनों में पानी के लिए परेशान होते देखा जाता है. लोग होटलों में जाकर पानी पीते हैं या फिर खरीदकर पानी पीने को विवश हैं.

पुराने यात्री शेड को ध्वस्त कर दिया : ननकू

ननकू सिंह ने कहा की कुछ वर्ष पहले यहां पर एक छोटा सा यात्री पड़ाव बना हुआ था. पर वह जर्जर हो चुका था. जिसे अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रखंड प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया और बोला गया था कि नया यात्री शेड बनेगा पर अभी तक नहीं बना. जिस कारण यात्रियों को परेशानी होती है.

अक्सर लग जाता है जाम : सुशील

सुशील कुमार ने कहा की बस पड़ाव के समीप अक्सर जाम का माहौल बन जाता है. जाम का मुख्य कारण बस पड़ाव के समीप चौक का चौड़ीकरण नहीं होना है. बस पड़ाव के समीप ओवरटेक करने से चौक में अक्सर जाम लग जाता है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

टेंपो से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है : शेख

शेख असलम ने कहा की बस स्टैंड में मुख्य सड़क के दोनों किनारों पर टेंपों खड़ा रहता है. जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. लेकिन यहां न तो बस स्टैंड में किसी प्रकार की सुविधा है और न ही यहां टेंपों स्टैंड ही है. लोगों को कई प्रकार की समस्याएं हो रही है. प्रशासन इस ओर ध्यान दें.

सब्जी विक्रेताओं के लिए नहीं है जगह : छंदु

छंदु सदलोहार ने कहा की सब्जी व फल विक्रेता रोड के किनारे जमीन में रखकर सब्जी व फल बेचते हैं. बस पड़ाव के समीप सब्जी व फल बेचने वाले लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. जिस कारण सड़क के किनारे बैठकर बेचते हैं. गर्मी व बरसात के दिनों में दुकानदारों को काफी परेशानी होती है.

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Author: Akarsh Aniket

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