दोषियों को बचा रही है गुमला पुलिस
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Jan 2017 8:53 AM (IST)
विज्ञापन

डीसी व एसपी कार्यालय का घेराव पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गुमला : सोमवार को आदिवासी छात्र संघ के बैनर तले समाहरणालय को उग्र प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन वर्ष 2014 में बिशुनपुर के मरवई में पुलिस फायरिंग में दो मजदूरों की मौत व दो मजदूरों के घायल होने तथा गुमला के छात्र प्रशांत तिग्गा हत्याकांड […]
विज्ञापन
डीसी व एसपी कार्यालय का घेराव पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की
गुमला : सोमवार को आदिवासी छात्र संघ के बैनर तले समाहरणालय को उग्र प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन वर्ष 2014 में बिशुनपुर के मरवई में पुलिस फायरिंग में दो मजदूरों की मौत व दो मजदूरों के घायल होने तथा गुमला के छात्र प्रशांत तिग्गा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर की गयी. दुंदुरिया छात्रवास से शुरू हुआ जुलूस समाहरणालय पहुंचा. सैकड़ों ग्रामीण व विद्यार्थी इसमें शामिल थे. सभी लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
समाहरणालय पहुंच कर आदिवासी समाज के लोगों ने डीसी व एसपी कार्यालय का घेराव किया. लोगों के उग्र रूप को देखते हुए पुलिस ने समाहरणालय गेट के पास ही आछासं के सदस्यों को रोक दिया. यहां आधा घंटे तक विद्यार्थियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. उग्र प्रदर्शन के बाद आछासं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा.
इसमें आछासं ने मांग किया है कि मरवई में हुई गोलीबारी में हीरालाल उरांव व नीलेश उरांव की मौत हो गयी थी. इस गोलीबारी में शामिल गुमला के पूर्व एएसपी पवन कुमार सिंह, पूर्व एसडीपीओ दीपक कुमार पांडेय को गिरफ्तार करते हुए हत्या का मुकादमा चलाया जाये. मृतकों के परिजन को सरकारी नौकरी देने व गोलीबारी में अपंग सुमेश्वर उरांव, घायल उपेंद्र उरांव, अशोक उरांव, समीर उरांव को सरकारी नौकरी देने की मांग की है. आछासं ने कहा है कि गुमला जिले में अपराध व मानव तस्करी बढ़ गयी है.
इस पर रोक लगाया जाये. प्रशांत तिग्गा के हत्यारों को अभी तक पुलिस पकड़ नहीं सकी है. जबकि थाने में आरोपियों के नाम दिये गये हैं. आछासं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा किया है. मौके पर जिला अध्यक्ष अशोक कुमार भगत, पूर्व अध्यक्ष रामावतार भगत, प्रदेश अध्यक्ष सुशील उरांव, लोहरदगा अध्यक्ष चंद्रदेव उरांव, संतोष उरांव, जयपाल बिलुंग, सीताराम उरांव, बरती देवी, एम तिग्गा, कमला पन्ना, अरविंद उरांव, मुकेश उरांव, नंदलाल केरकेट्टा सहित कई लोग शामिल थे.
पुलिस हत्यारों को नहीं पकड़ रही है : मां
मृतक प्रशांत तिग्गा की मां बरती देवी ने कहा कि सात दिसंबर को उसका बेटा घर से निकला था. 14 दिसंबर को गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया. लेकिन पुलिस प्रशांत को खोज नहीं सकी. 16 दिसंबर को गढ़सारू पहाड़ से प्रशांत का शव हमलोगों ने खुद खोजा. इसके बाद पुलिस को कुछ आरोपियों के नाम दिये. लेकिन दो महीना होने जा रहा है. अभी तक आरोपी नहीं पकड़े गये.
सरकार का ध्यान नहीं : सुमेश्वर
मरवई घटना में अपंग हुए सुमेश्वर उरांव ने बताया कि आठ सितंबर 2014 को पुलिस की गोली से हम अपंग हो गये. हमारे दो भाई मर गये. प्रशासन ने मेरा सिर्फ इलाज कराया. अभी तक मुआवजा नहीं दिया है. मैं अपंग व लाचार हो गया हूं. किसी प्रकार जी रहा हूं. सरकार व प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है.
आदिवासी विरोधी काम कर रही पुलिस : अशोक
आछासं के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार भगत ने कहा कि गुमला जिले में पुलिस आदिवासी विरोधी काम कर रही है. मरवई में मजदूरों पर गोलियां चलायी. दो मजदूर मर गये. एक मजदूर अपंग हो गया. छात्र प्रशांत की हत्या हो गयी. लेकिन पुलिस अभी तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा. जब तक हत्यारों को पकड़ा नहीं जाता, आंदोलन जारी रहेगा. बहुत जल्द गुमला जिला बंद बुलाया जायेगा. रांची में भी धरना-प्रदर्शन देंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










