खाद-बीज की होती है कालाबाजारी

Published at :13 Jul 2016 8:10 AM (IST)
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खाद-बीज की होती है कालाबाजारी

जांच कर कार्रवाई करने का निर्णय. गुमला : जिला प्रबंध पर्षद की बैठक मंगलवार को विकास भवन के सभागार में हुई. बैठक की अध्यक्षता जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने की, जिसमें विभागवार जिले के सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की गयी़ साथ ही अनुसेवकों व झाड़कश तथा सरकारी वाहन चालकों की दैनिक मजदूरी […]

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जांच कर कार्रवाई करने का निर्णय.
गुमला : जिला प्रबंध पर्षद की बैठक मंगलवार को विकास भवन के सभागार में हुई. बैठक की अध्यक्षता जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने की, जिसमें विभागवार जिले के सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की गयी़
साथ ही अनुसेवकों व झाड़कश तथा सरकारी वाहन चालकों की दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गयी. कृषि विभाग की चर्चा में गुमला के विधायक प्रतिनिधि जगनारायण सिंह ने बताया कि बरसात का मौसम है, खेतीबारी का समय है, लेकिन जिले के लैंपसों की स्थिति दयनीय है. सरकार द्वारा किसानों के लिए अनुदान पर जो खाद-बीज सहित अन्य फर्टिलाइजर उपलब्ध कराया जाता है, उसके वितरण की जिम्मेवारी लैंपस को दी जाती है, लेकिन लैंपस के माध्यम से सामग्री का किसानों के बीच सही से वितरण नहीं कर खुले बाजार में कालाबाजारी कर दिया जाता है.
इस कारण किसान बाजार से ही खाद-बीज की खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन बाजार में कई दुकानों में घटिया किस्म के खाद-बीज की बिक्री की जा रही है. किसान ठगे जा रहे हैं. इसकी रोकथाम की दिशा में जिला स्तर के पदाधिकारी भी मौन साधे हुए हैं. इस संबंध में जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने कहा कि मामले की जांच कराने की जरूरत है. सरकार द्वारा दी गयी सामग्री का किसानों के बीच सही से वितरण नहीं होता है, तो लैंपस प्रभारी पर कार्रवाई की जायेगी. यदि बाजार में घटिया किस्म के खाद-बीज की बिक्री की जा रही है, तो इसकी भी जांच कर कार्रवाई की दिशा में कदम उठाया जायेगा.
बिशुनपुर के विधायक प्रतिनिधि अशोक भगत ने बताया कि वर्तमान में नवनिर्मित डोभा कई स्थानों पर लोगों के लिए काल साबित हो रहा है. जिले में कई स्थानों पर डोभा में डूबने से बच्चों की मौत हो चुकी है. डोभा बनाने के नामपर जेसीबी से सिर्फ खुदाई कर छोड़ दिया गया है. उतरने और चढ़ने के लिए सीढ़ी तक नहीं बनायी गयी है. डोभा में किसी तरह अंदर तो घुस सकते हैं, लेकिन निकलने का किसी प्रकार का साधन नहीं है.
नहीं दी जानकारी
बैठक में विधायक प्रतिनिधियों व विभिन्न प्रखंडों के प्रमुखों ने दी गुमला-सिमडेगा को-ऑपरेटिव के प्रबंध निदेशक कुमोद कुमार को भी घेरे में लिया. श्री कुमार ने बैठक में बताया कि अभी जिले के सभी लैंपसों में शिविर लगा कर किसानों की फसलों का बीमा किया जा रहा है, तो विधायक प्रतिनिधियों व प्रमुखों ने बताया कि जिले में इतना बड़ा काम चल रहा है, लेकिन उन लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है. जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने भी नाराजगी प्रकट की. उन्होंने कहा कि वर्तमान में गांव-गांव में प्रतिनिधि मौजूद हैं और इस तरह की जनहित योजनाओं के बारे में पंचायत प्रतिनिधियों को जानकारी होनी ही चाहिए.
शामिल पदाधिकारी
बैठक में नैप डायरेक्टर नयनतारा केरकेट्टा, जिला कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह, परियोजना निदेशक परमेश्वर अग्रवाल, दीपक शुक्ला, सहायक परियोजना निदेशक रजनी कांत, अमजद खान, विधायक प्रतिनिधि अशोक भगत, प्रतिमा देवी, जगनारायण सिंह सहित विद्युत विभाग, जिला उद्योग विभाग, लघु सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग व नाबार्ड आदि के पदाधिकारी उपस्थित थे.
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