सगी बहनों को बेचने ले जा रही थी दिल्ली
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :03 Nov 2015 4:18 AM
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– सगी बहन ललिता थी तस्कर, पुलिस ने भेजा जेल – गुमला जिले की सबसे बड़ी तस्कर है ललिता देवी – ललिता का पति सुदर्शन सिंह भी तस्कर, वह फरार दुर्जय पासवान गुमला : पालकोट प्रखंड के सारूबेड़ा गांव की ललिता देवी अपनी ही दो सगी बहनों को बेचने के लिए दिल्ली ले जा रही […]
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– सगी बहन ललिता थी तस्कर, पुलिस ने भेजा जेल
– गुमला जिले की सबसे बड़ी तस्कर है ललिता देवी
– ललिता का पति सुदर्शन सिंह भी तस्कर, वह फरार
दुर्जय पासवान
गुमला : पालकोट प्रखंड के सारूबेड़ा गांव की ललिता देवी अपनी ही दो सगी बहनों को बेचने के लिए दिल्ली ले जा रही थी. लेकिन पालकोट व गुमला थाना की पुलिस की तत्परता से दोनों बहन दिल्ली में बिकने से बच गयी. ललिता गांव की एक अन्य लड़की को भी दिल्ली बेचने के लिए ले जा रही थी. पुलिस उसे भी तस्कर के चंगुल से मुक्त करा लिया है. नाबालिग लड़कियों को दिल्ली में बेचने के इस खेल में ललिता के साथ उसका पति सुदर्शन सिंह भी शामिल है, जो अभी फरार है. पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ललिता को जेल भेज दिया है.
वहीं सुदर्शन को गिरफ्तार करने के लिए खोज रही है. गुमलाजिले में यह दूसरा केस है. जब अपने ही अपनों को दिल्ली में बेचने में लगे थे. इससे पहले के केस में भी बेटी को बेचने के आरोप में उसके पिता को पुलिस जेल भेज चुकी है. सीडब्ल्यूसी व पुलिस की माने तो ललिता व सुदर्शन गुमला जिले के सबसे बड़े मानव तस्कर है. कब से इन दोनों की तलाश थी.
ऐसी बेटी को जेल में रहना ठीक है : पिता
ललिता देवी मानव तस्कर है. वह गांव की नाबालिग लड़कियों को दिल्ली में ले जाकर बेचती है. इससे उसका पिता अनभिज्ञ था. सोमवार को सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंचे पिता ने कहा कि 30 अक्तूबर को ललिता अपनी ही बहनों को दिल्ली बेचने ले जा रही थी. उसे दूसरे दिन इसकी जानकारी मिली जब उसे किसी ने घर आकर बताया. उसने कहा कि ऐसी बेटी को जेल में ही रहना ठीक है.
कई लड़कियों को दिल्ली में बेच चुकी है : पालकोट प्रखंड का सारूबेड़ा गांव घोर उग्रवाद प्रभावित है. प्रखंड से 20 किमी दूर भी है. गांव में रोजगार नहीं है. लोग गरीबी में जी रहे हैं. इसी का फायदा ललिता ने उठाया है. गांव की कई नाबालिग लड़कियों को ललिता दिल्ली में ले जाकर बेच चुकी है. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ललिता को मना किया गया. लेकिन छह से सात महीना में वह एक बार आती है और गांव से दो तीन लड़कियों को दिल्ली ले जाती है.
पहले खुद बिकी, अब तस्कर बन गयी : परिजनों ने बताया कि ललिता खुद ट्रैफिकिंग का शिकार हुई है. दलालों ने उसे दिल्ली में कम उम्र में ही बेच दिया था. अबं वह खुद मानव तस्कर बन गयी. कम पढ़ी-लिखी है. लेकिन दिल्ली में रहने के बाद वह काफी तेज हो गयी है. उसका पति सुदर्शन भगत के कहने पर ही वह गांव की लड़कियों को दिल्ली में ले जाकर बेचती है.
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