पढ़ाई के लिए भीख मांग रही आदिवासी बिटिया गुलो मुर्मू
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Sep 2016 6:22 AM (IST)
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सरकारी अव्यवस्था या सामाजिक संवेदनहीनता गोड्डा : सरकार की आदिवासियों के उत्थान के लिए बनी सारी योजनाओं का पोल गोड्डा में खुलती दिख रही है. साथ ही मानवता की संवेदनहीनता भी दम तोड़ रही है. सदर प्रखंड के पांडूबथान पंचायत अंतर्गत संथाली टाेला की गुलाे मुर्मू को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए भीख मांगनी […]
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सरकारी अव्यवस्था या सामाजिक संवेदनहीनता
गोड्डा : सरकार की आदिवासियों के उत्थान के लिए बनी सारी योजनाओं का पोल गोड्डा में खुलती दिख रही है. साथ ही मानवता की संवेदनहीनता भी दम तोड़ रही है. सदर प्रखंड के पांडूबथान पंचायत अंतर्गत संथाली टाेला की गुलाे मुर्मू को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए भीख मांगनी पड़ रही है. पिता लखन मुर्मू की सड़क हादसे में मौत के बाद बेसहारा हो चुके
पढ़ाई के लिए भीख…
परिवार की तीनों बेटियां दाने दाने को मोहताज है. छोटी बेटी गुलो मुर्मू दसवीं की कक्षा में पढ़ती हैं. माली हालत ऐसी है कि मैट्रिक के फार्म भरने व ट्यूशन फीस देने के लिए गुलो के पास रुपये नहीं हैं. उसे भीख मांगना पड़ रहा है. गुलो भीख मांग कर एक-एक पैसे इकट्ठा करने की जुगत में है.
दाह संस्कार के लिए मिला था 10 हजार
25 अगस्त को गोड्डा-रामगढ़ मुख्य मार्ग में गुलो के पिता की मौत सड़क दुर्घटना में हो गयी थी. डीसी अरविंद कुमार की पहल पर तत्कालिक सीओ दिवाकर प्रसाद द्वारा तत्काल राहत के तौर पर दस हजार का चेक पिता के दाह संस्कार के लिए गुलो को मुआवजा में दिया गया था. गुलो ने बताया कि शेष दस हजार का मुआवजा नहीं दिया गया. पिता की मौत के बाद परिवार की सारी जिम्मेवारी भी उसके कंधे पर आ गयी. एक विक्षिप्त मंझली बहन व बड़ी बहन सोनमती मुर्मू को उसके पति ने छोड़ दिया है, दोनों बहन की जिम्मेवारी को उठा रहे हैं. दाने-दाने की मोहताज हो रही है. फार्म भरने व ट्यूशन फीस कहां से ला पायेंगे. मजबूरी होने से भीख मांगने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. पास के टोला के ही रहने वाले राजू महतो ने कहा कि परिवार बिल्कूल ही बेसहारा है. इस परिवार में तीन बेटियो की भरण पोषण बहुत ही तकलीफ में हो पा रहा है. इस परिवार में छोटी बेटी ही पढ़ाई कर रही है. परेशान बिटिया ने भीख मांग कर अपने पढ़ाई के खर्च को पूरा करने का बीड़ा उठा लिया है. ऐसे बेसहारा परिवार को सरकारी सहायता करने की जरूरत है.
पांडूबथान संथाली टोला की रहनेवाली है गुलो
मैट्रिक का फार्म भरने व ट्यूशन की फीस के लिए नहीं है पैसे
डीसी ने मामले में दिखाई संवेदनशीलता : डीसी अरविंद कुमार को मीडिया कर्मियों से जानकारी मिलने पर संवेदनशीलता दिखाते हुए डीएसओ को अनाज तेल दिए जाने, फार्म भरने के अलावा किताब आदि की व्यवस्था करने के लिए संबंधित पदाधिकारी को तुरंत निर्देश दिया गया है.
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