गोड्डा के 340 स्कूलों में मध्याह्न भोजन में बरती जा रही शिथिलता

By Prabhat Khabar Digital Desk
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एसएमएस कार्य नियमित नहीं करने वाले विद्यालयों को चिह्नित कर विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में है

गोड्डा : जिले के तमाम विद्यालयों में नियमित मध्याह्न भोजन कार्य पर नजर रखने के लिए एसएमएस कार्य को प्रभावी किया गया है. परियोजना व विभाग की ओर से प्रतिदिन मध्याह्न भोजन के एसएमएस कार्य की रिपोर्ट स्कूल सचिव व प्रबंधन से करायी जा रही है. सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन गुणवत्तापूर्ण व नियमित तौर पर संचालित हो इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है.
इसके बावजूद जिले के अलग अलग प्रखंडों के करीब 340 स्कूलोंं में सरकार के मध्याह्न भोजन के एसएमएस कार्य को नित्य दिन नहीं किये जाने के मामले को संवेदनशील तरीके से विभाग द्वारा देखा जा रहा है. अगर ऐसे विद्यालय जल्द ही एसएमएस कार्य को नियमित नहीं करते हैं तो उनमें खराब स्थिति में रहने वाले विद्यालयों को चिह्नित कर विभाग कार्रवाई करने की तैयारी में है.
1723 स्कूलों में मध्याह्न भोजन संचालित : विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 1723 स्कूलों में मध्याह्न भोजन को संचालित किया जा रहा है. जिसमें जून माह में केवल 1383 विद्यालयों से मध्याह्न भोजन के संचालन के बाद बच्चों को खाना खिलाने के बाद एसएमएस की रिपोर्ट दी गयी है. केवल 80.26 प्रतिशत ही एसएमएस कार्य वर्तमान में हो रहा है. जबकि 340 स्कूलों में मध्याह्न भोजन कार्य के एसएसएम रिपोर्ट के मामले में विद्यालय सचिव व प्रबंधन समिति सदस्य की ओर से लापरवाही बरती जा रही है.
प्रखंडवार स्कूलों के एसएमएस कार्य की स्थिति
प्रखंड-स्कूल-एसएमएस रिपोर्ट वाले स्कूल- प्रतिशत
बसंतराय 125 107 85.60
बोआरीजेार 227 160 70.48
गोड्डा 329 273 82-97
महागामा 212 148 69.81
मेहरमा 133 93 69.92
पथरगामा 123 114 92.68
पोड़ैयाहाट 282 269 95.39
सुंदरपहाड़ी 175 136 77-71
ठाकुरगंगटी 117 83 70.94
स्कूलों में सभी बच्चों को नियमित मध्याह्न भोजन मिले इसके लिए एसएमएस कार्य को प्रभावी किया गया है. सरकार व परियोजना के निर्देश के आलोक में जिले के तमाम स्कूलों के इस कार्य की माहवार समीक्षा की जाती है. समीक्षा रिपोर्ट परियोजना को भेजा जाता है. एसएमएस कार्य में किसी तरह की लापरवाही को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है. वैसे स्कूलों को चिह्नित किया जा रहा है. अगर जल्द ही सुधार नहीं किया गया तो वैसे विद्यालय के सचिव के वेतन पर रोक लगाने की कार्रवाई की जायेगी.''
-अशोक कुमार झा, डीएसइ गोड्डा.
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