गोड्डा में फाइव स्टार वाले मात्र 52 विद्यालय
Updated at : 05 Jul 2017 3:51 AM (IST)
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बेहतर प्रबंधन वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापक होंगे सम्मानित विद्यालय की व्यवस्था ठीक करने का मिला है निर्देश गोड्डा : विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व मध्याह्न भोजन को लेकर ग्रेडिंग दी जाती है. जिले के अलग-अलग प्रखंडों में कुल 1651 सरकारी विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा दी जा रही है. प्राथमिक व मध्य विद्यालय […]
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बेहतर प्रबंधन वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापक होंगे सम्मानित
विद्यालय की व्यवस्था ठीक करने का मिला है निर्देश
गोड्डा : विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व मध्याह्न भोजन को लेकर ग्रेडिंग दी जाती है. जिले के अलग-अलग प्रखंडों में कुल 1651 सरकारी विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा दी जा रही है. प्राथमिक व मध्य विद्यालय के अलावा उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. अच्छे व खराब विद्यालय की श्रेणी में रख कर विद्यालय की व्यवस्था को विभाग की ओर से समय-समय पर ठीक करने की पहल की जाती है. 1651 विद्यालयों में से फाइव स्टार वाले मात्र 52 ही विद्यालय हैं. जहां बच्चों को बेहतर ढंग से पठन-पाठन कार्य कराया जा रहा है.
क्या है फाइव स्टार : विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार आधारभूत संरचना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन के संचालन वाले विद्यालय को फाइव स्टार का दर्जा दिया जाता है.
दो स्कूलों में बेहतर व्यवस्था :बोआरीजोर के राजकीय मध्य विद्यालय कन्या में छात्रों को बेहतर व्यवस्था मुहैया करायी जा रही है. यहां प्रधानाध्यापक सोनामुनि सोरेन ने बच्चों को नियमित पढ़ाई होने से बच्चों की उपस्थिति अच्छी रहती है. साथ ही विद्यालय को रंग-रोगन सजाया संवारा गया है. ठीक इसी तरह ठाकुरगंगटी प्रखंड के राजकीयकृत मध्य विद्यालय खरखोदिया में भी नियमित पढ़ाई के अलावा विद्यालय की साज-सज्जा प्रधानाध्यापक कौशल किशोर ठाकुर द्वारा किया जाता है. बढ़िया विद्यालय के रूप में विभाग द्वारा फाइव स्टार के श्रेणी में इन विद्यालयों को रखा गया है.
विभाग खराब विद्यालयों को करेगा चिह्नित : विभाग द्वारा 1599 विद्यालयों में अत्यंत खराब स्थिति में रहने वाले विद्यालय को चिह्नित करने का काम करेगी. विद्यालय की व्यवस्था को ठीक करने के लिए संबंधित सचिव व विद्यालय प्रबंधन समिति को निर्देशित करेगी.
वैसे विद्यालयों से सीख लेने की जरूरत है. व्यवस्था जाकर खुद देखनी चाहिए. ईमानदारी पहल कर अपने स्कूल को आदर्श स्कूल बनाने का काम करें. 52 विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर पर शिक्षक निष्ठा से कार्य करते हैं. मवि बोआरीजोर कन्या व मवि खरखोदिया जैसे स्कूलों के शैक्षणिक गतिविधियां बेहतर हैं. ऐसे शिक्षकों को शिक्षक दिवस व अन्य अवसर पर पर सम्मानित किया जायेगा.”
-अशोक कुमार झा, डीएसइ.
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