गावां के चार को फांसी की सजा
तिहरे हत्याकांड में लखनऊ कोर्ट का फैसला गिरिडीह : गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड के सेरुआ गांव निवासी पवन, विनोद, द्वारिका व चंद्रदेव को लखनऊ की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश अरूण चंद्र श्रीवास्तव ने तिहरे हत्याकांड में फांसी की सजा सुनायी. घटना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला के साहिबाबाद से जुड़ी है. 11 फरवरी […]
तिहरे हत्याकांड में लखनऊ कोर्ट का फैसला
गिरिडीह : गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड के सेरुआ गांव निवासी पवन, विनोद, द्वारिका व चंद्रदेव को लखनऊ की विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश अरूण चंद्र श्रीवास्तव ने तिहरे हत्याकांड में फांसी की सजा सुनायी. घटना उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिला के साहिबाबाद से जुड़ी है. 11 फरवरी 2004 को साहिबाबाद के शालीमार गार्डेन एक्सटेंशन के पास कूड़े में सिर कटे तीन शव पुलिस ने जब्त किया था.
मृतकों की शिनाख्त केशव (25), उसकी मां कालिया देवी (50) व साथ रह रहे रिश्ते का भाई हरि के रूप में की गयी. जांच के दौरान यह बात सामने आयी कि सुखदेव हिस्ट्रीशीटर था. उसने मां व भाई को सुरक्षित रखने के लिए साहिबाबाद के शालीमार गार्डेन में एस-4, प्लॉट नंबर 725 अपने मौसेरे भाई पवन के नाम पर रजिस्ट्री करायी. इसी प्लॉट में मां, भाई व रिश्ते के भाई हरि के साथ रहने लगा. गैंगवार में बाद में सुखदेव की झारखंड में हत्या हो गयी.
इसके बाद उसके मौसेरे भाई पवन ने अपने भाई विनोद, द्वारिका व चंद्रदेव के साथ मिलकर 11 फरवरी 2004 की रात तीनों का सिर काटकर दूसरी जगह व धड़ को कूड़े में फेंक दिया. पवन व विनोद के गिरफ्तार होने पर पुलिस ने तीनों का सिर भी बरामद कर लिया था. बाद में अन्य दोनों अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










