जहां कभी बंदूकें गरजती थीं आज वहां सन्नाटा पसरा है
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Dec 2016 8:20 AM (IST)
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गढ़वा : जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर छत्तीसगढ़ की सीमाओं से लगा अति उग्रवाद प्रभावित भंडरिया थाना क्षेत्र का मदगड़ी(क)पंचायत,जहां कभी उग्रवादियों की बंदूकें गरजा करती थी. दिन-रात भय व दहशत के साये बीतता था, आज हालात बदले हैं. अमन व शांति की बयार तो बही है, लेकिन संसाधन विहीन आदिवासी बहुल इस पंचायत […]
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गढ़वा : जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर छत्तीसगढ़ की सीमाओं से लगा अति उग्रवाद प्रभावित भंडरिया थाना क्षेत्र का मदगड़ी(क)पंचायत,जहां कभी उग्रवादियों की बंदूकें गरजा करती थी. दिन-रात भय व दहशत के साये बीतता था, आज हालात बदले हैं. अमन व शांति की बयार तो बही है, लेकिन संसाधन विहीन आदिवासी बहुल इस पंचायत के लोग रोजगार के लिए पलायन करने को विवश है़ं
उग्रवाद की समस्या से लोगों को राहत मिली है, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि व सरकार के नुमाइंदे यहां पहुंच कर विकास के मामले में बदतर हालात का सामना कर रहे लोगों को राहत दिलाने का प्रयास नहीं किया़ लगभग 5000 की आदिवासी बहुल मदगड़ी(क) पंचायत में सड़क, बिजली एवं चिकित्सा की कोई व्यवस्था नहीं है़
अधिकतर लोग सांसद व विधायक को नहीं पहचानते़ यह क्षेत्र डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है़ इस पंचायत के बघवार पंचायत में जब प्रभात खबर का यह संवाददाता पहुंचा, तो वहां का हालात देखकर दंग रहा गया़ गांव के अधिकतर कमानेवाले युवक व पुरुष रोजगार के लिए अन्यत्र पलायन कर चुके हैं. गांव में रोजगार का कोई साधन नहीं है़
गांव में 20 साल पहले बनी था सड़क : भंडरिया प्रखंड के 20 सूत्री अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद महतो व बघवार गांव के निवासी सह शिक्षक कुंवर सिंह कहते हैं कि लगभग 20 साल पूर्व इस गांव में जवाहर रोजगार योजना व मेसो के माध्यम से ग्रेड वन सड़क बनाया गया था,उसके बाद आज तक सड़क नहीं बनी.
बरसात के दिनों में तो लोगों को पैदल चलना दूभर हो जाता है़ सबसे परेशानी तब होती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ जाता है़ गांव की सड़कें अच्छी होनी चाहिए
चुनाव के बाद नहीं आते नेता : ग्रामीण : बघवार गांव के नारायण सिंह,मिस्टर सिंह,रामराज सिंह, शिवनारायण सिंह, बृजमोहन सिंह, प्रवीण सिंह,लरंग साय कुजूर,आरती कुमारी, लैला कुमारी व पूजा कुमारी ने बताया कि चुनाव होता है, तो बहुत लोग आते हैं, और उन्हें इस तरह आश्वासन देते हैं कि उन्हें लगता है अब वे आसमान में उड़ने लगेंगे़ उनकी सारी समस्याओं को चुटकी बजाते हल कर देने का आश्वासन देते है़ं लेकिन चुनाव जीतने के बाद दोबारा नहीं आते़ उनमें से कई लोगों ने कहा कि वे विधायक व सांसद का नाम नहीं जानते और न ही उन्हें पहचानते है़
क्षेत्र के विकास से खुशहाली आयेगी: मुकेश
भंडरिया प्रखंड के नवका गांव निवासी सह भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश निरंजन सिन्हा ने कहा कि यह क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है, प्राथमिकता के आधार पर इन गांवों का विकास होना चाहिए. गांव में सड़क,बिजली, शिक्षा व चिकित्सा का कारगर व्यवस्था होनी चाहिए. प्रधानमंत्री का सपना है कि सभी गांव को व्यवस्थित कर उन्हें विकसित करना़ उन्हें उम्मीद है कि रघुवर सरकार उग्रवाद प्रभावित ऐसे क्षेत्रों का चहुंमुखी विकास करेगी़
सरकार अधिकार दे, तो विकास होगा: प्रमुख
भंडरिया प्रखंड के युवा प्रमुख रामकृष्ण किशोर उर्फ मुन्ना सिंह ने कहा कि सरकार ने अभी तक पंचायतों को सीमित अधिकार के दायरे में बांध कर रखा है, वे चाह कर भी गांव का अपेक्षित विकास नहीं कर पा रहे हैं. इसका उन्हें काफी मलाल है़ उन्होंने कहा कि चुनाव से पूर्व उन्हें लगा था कि वे गांव की दशा व दिशा बदल देंगे, मगर ऐसा नहीं कर पा रहे है़ जिन उम्मीदों के साथ जनता ने उन्हें जीताया था, वह उम्मीद पूरा नहीं कर पाने का अफसोस है़ सरकार मदद करे, तो गांव का विकास संभव हो सकेगा़
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