जान देंगे पर घर व जमीन नहीं छोड़ेंगे

Published at :23 Feb 2015 7:19 AM (IST)
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जान देंगे पर घर व जमीन नहीं छोड़ेंगे

सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण मामला, ग्रामीणों ने किया विरोध, कहा गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की उलदा पंचायत स्थित बड़ापहाड़ और गोपालपुर गांव में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर बनाने के लिए 165 एकड़ जमीन राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जायेगी. इसकी प्रक्रिया शुरू हो गयी है. बड़ापहाड़ में करीब 40 और गोपालपुर में पांच […]

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सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण मामला, ग्रामीणों ने किया विरोध, कहा
गालूडीह : घाटशिला प्रखंड की उलदा पंचायत स्थित बड़ापहाड़ और गोपालपुर गांव में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर बनाने के लिए 165 एकड़ जमीन राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जायेगी. इसकी प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
बड़ापहाड़ में करीब 40 और गोपालपुर में पांच घर है. 45 परिवार विस्थापित होने के भय से विरोध में उठ खड़े हुए हैं. रविवार को बड़ापहाड़ में दोनों गांवों के ग्रामीणों की एक बैठक ग्राम प्रधान मुनीव गुप्ता और शिव कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में ग्रामीणों ने सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के लिए जमीन नहीं देने का निर्णय लेते हुए विरोध का बिगुल फूंक दिया.
बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि सोमवार को दोनों गांव के ग्रामीण घाटशिला के एसडीओ कार्यालय में जाकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे और एक ज्ञापन सौंप कर गरीबों को नहीं उजाड़ने की गुहार लगायेंगे. बैठक में घाटशिला के जिला परिषद सदस्य राजू कर्मकार, सुखलाल हेंब्रम, प्रमुख श्रृति देवगम, उलदा के मुखिया वकील हेंब्रम, भाकपा नेता खुदीराम महतो आदि भी उपस्थित थे. जन प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीणों की इस लड़ाई में हम साथ हैं.
उक्त बैठक का संचालन गांव के ही हरे राम गुप्ता ने की. बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जान दे देंगे. परंतु घर और जमीन किसी भी हाल में नहीं देंगे.
हमारी लाश गांव से बाहर जायेगी : ग्रामीण
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि जीते जी सरकार हम लोगों को गांव से बाहर नहीं निकल सकती. हमें हमारे ही घर और जमीन से बेदखल नहीं कर सकती. हमारी लाश ही गांव से बाहर जायेगी. हमारे पूर्वजों ने कंपनी को विकास के लिए जमीन दी थी. कंपनी विकास करे. यहां पुलिस कैंप बनाने के लिए जमीन नहीं दे सकते. ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी द्वारा अधिग्रहित जमीन पर यहां के रैयतदारों को सरकार अधिकार दे. इस गांव में तीन पीढ़ी पार हो गयी है. अब कहां जायेंगे.
बड़ापहाड-गोपालपुर में परिवारों की सूची
दोनों गांवों में करीब 45 परिवार निवास करते हैं. सभी गरीब तबके हैं, नदी किनारे की भूमि में खेती कर और पशुपालन कर ही इनकी जीविका चलती है. दोनों गांव में 45 परिवार की सूची इस प्रकार है : सुभाष बागती, रत्नाकरण बागती, दिवाकर बागती, सुनील बागती, अनिल बागती, दुर्गा चरण बागती, खेतू लाल बागती, लालू भूमिज, गुरुचरण भूमिज, कृष्ण कालिंदी, कांतो कालिंदी, रमेश कालिंदी, मुचीराम धीवर, नीलमुनी धीवर, तपन गोप, मिश्री लाल साव, हरेराम गुप्ता, सुदामा प्रसाद गुप्ता, जदापा प्रसाद गुप्ता, शिवजी साव, भगवान साव, श्रवण साव, मदन साव, जय नारायण साव, सत्यनारायण साव, मुनीव गुप्ता, लक्ष्मी साव, राजेश गुप्ता, नथुनी साव, विष्णु शंकर गुप्ता, मनोज गुप्ता, नंदजी साव, किसुन देव साव, इंद्रजीत साव, ललन साव, संजय साव, नकुल साव, गणोश गुप्ता, महावीर साव, झगू लाल साव, हरेंद्र नाथ गुप्ता, कमल सिंह, कांतो सिंह, शिव कुमार सिंह व भोला का परिवार पिछली तीन पीढ़ी से निवास कर रहे हैं.
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