रोजगार के लिए दिल्ली गयी मुसाबनी की युवती से एजेंट करता था दुष्कर्म, मौत

Updated at : 23 Jan 2018 4:26 AM (IST)
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रोजगार के लिए दिल्ली गयी मुसाबनी की युवती से एजेंट करता था दुष्कर्म, मौत

जादूगोड़ा निवासी जीजा और बहन ने डीएसपी व बीडीओ से लगायी गुहार एजेंट सुनीता बहादुर डेढ़ वर्ष पहले सीमा को नयी दिल्ली ले गयी बीडीओ ने दिल्ली में बात की, एसडीओ ने शव लाने के लिए पहल करने को कहा एजेंसी के एक एजेंट पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने व धमकाने का आरोप मुसाबनी : […]

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जादूगोड़ा निवासी जीजा और बहन ने डीएसपी व बीडीओ से लगायी गुहार

एजेंट सुनीता बहादुर डेढ़ वर्ष पहले सीमा को नयी दिल्ली ले गयी
बीडीओ ने दिल्ली में बात की, एसडीओ ने शव लाने के लिए पहल करने को कहा
एजेंसी के एक एजेंट पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने व धमकाने का आरोप
मुसाबनी : मुसाबनी के मोहनडेरा निवासी सीमा थापा (18) की नयी दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गयी. वह रोजगार के लिए नयी दिल्ली गयी थी. वह सफदरगंज सरकारी अस्पताल में भर्ती थी. उसकी मौत कैसे हुई इसका पता नहीं चल पाया है. इस संबंध में जादूगोड़ा निवासी सीमा के जीजा गंगा गुरुंग और दीदी सरिता गुरुंग ने झामुमो नेता कान्हू सामंत के साथ डीएसपी अजीत कुमार विमल से मुलाकात की. उसने गरीबी के कारण दिल्ली से शव लाने में असमर्थ होने व मौत के कारण की जांच की मांग की. डीएसपी को बताया कि गरीबी के कारण डेढ़ वर्ष पहले एजेंट सुनीता बहादुर के कहने पर सीमा मजदूरी करने दिल्ली गयी. एजेंट सुनीता बहादुर ने 10 हजार रुपये वेतन दिलाने की बात कही थी.
मुसाबनी की एक और युवती फंसी है
गंगा गुरुंग के अनुसार मुसाबनी की एक और लड़की नयी दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी के चंगुल में फंसी है. बीडीओ के अनुसार रजौरी गार्डेन पुलिस से फोन पर बात हुई है. इस मामले में एसडीओ ने नयी दिल्ली में झारखंड भवन के पदाधिकारी से संपर्क कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है. श्रम विभाग भी मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करेगा. बीडीओ के अनुसार एजेंट का नाम एस दयाल है.
दिल्ली के अस्पताल में पड़ा है शव, लाने के लिए पैसे नहीं हैं परिवार वालों के पास
परिजनों को देख अस्पताल से भागे एजेंसी वाले
अस्पताल में सीमा के परिवार वालों को देखकर एजेंसी वाले अस्पताल से भाग गये. अस्पताल में 2- 3 दिन बाद सीमा को होश आया. उसने अपनी दीदी और जीजा को बताया कि उसे सप्ताह में एक दिन छुट्टी मिलती थी. उसकी एजेंसी के सुरेंद्र सिंह उसे लेकर बाहर चला जाता था. उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध में बनाता था. किसी को बताने पर जान मारने की धमकी देता था. सीमा इसके बाद बेहोश हो गयी.
10 दिनों पूर्व एजेंसी ने कहा सीमा का काम खत्म हुआ
सीमा थापा ब्यूरो सेंटर दिल्ली में काम करती थी. ब्यूरो सेंटर वाले उसे घरों में काम करने भेजते थे. उसके पिता गणेश बहादुर थापा व मां गंगा थापा बेटी सीमा से बात कर हाल जानना चाहते थे तो एजेंट सुनीता बहादुर उसके व्यस्त होने व ठीक होने की बात कहती थी. करीब 10 दिन पूर्व नयी दिल्ली से एजेंसी वालों ने परिवार को फोन कर कहा सीमा का काम खत्म हो गया है. उसे आकर घर ले जायें. इसके बाद उसके जीजा गंगा गुरुंग और दीदी सरिता गुरुंग नयी दिल्ली पहुंचे. सीमा एक अस्पताल में बेहोश पड़ी थी.
20 जनवरी को फोन आया सीमा की मौत हो गयी
जीजा के अनुसार उनके पास रुपये खत्म हो गये तो उन्होंने 18 जनवरी को अस्पताल में इलाजरत अन्य मरीजों के परिजनों से सहायता मांगी. टिकट की रकम जुटायी और वापस आये. यहां पहुंचने पर 20 जनवरी को दिल्ली से फोन आया कि सीमा की मौत हो गयी. दिल्ली पुलिस सीमा की लाश जल्द ले जाने का दबाव डाल रही है. गरीबी के कारण परिवार सीमा की लाश लाने के लिए नयी दिल्ली जाने में सक्षम नहीं है. एसपी ने परिजनों को बीडीओ से मिलने की सलाह दी. परिवार वाले बीडीओ से मिले और सहायता की गुहार लगायी.
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