33 साल में संताल परगना ने देखे कुल 44 कमिश्नर

Published at :07 Apr 2016 7:12 AM (IST)
विज्ञापन
33 साल में संताल परगना ने देखे कुल 44 कमिश्नर

पेंडिंग पड़े हैं संप के 8818 मामले दुमका : संताल परगना अलग प्रमंडल के रूप में 1983 में अस्तित्व में आया था, तब से अब तक 33 साल गुजर चुके हैं. इन 33 सालों में इस पिछड़े प्रमंडल ने 44 प्रमंडलीय आयुक्त का चेहरा देख लिया. झारखंड बनने के पंद्रह-सोलह सालों में 30. अधिकांश पदाधिकारी […]

विज्ञापन

पेंडिंग पड़े हैं संप के 8818 मामले

दुमका : संताल परगना अलग प्रमंडल के रूप में 1983 में अस्तित्व में आया था, तब से अब तक 33 साल गुजर चुके हैं. इन 33 सालों में इस पिछड़े प्रमंडल ने 44 प्रमंडलीय आयुक्त का चेहरा देख लिया. झारखंड बनने के पंद्रह-सोलह सालों में 30. अधिकांश पदाधिकारी तो ऐसे भी रहे, जिन्हें सरकार ने यहां छह महीने के लिए भी आयुक्त बने नहीं रहने दिया. इस वजह से आयुक्त के न्यायालय में चलने वाले मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है. तारीख पर तारीख मिल रहा है
और तीन दशक गुजर चुकने के बाद भी फैसला नहीं हो सका है. न्याय की आस में जवानी के दिनों में मुकदमा करने वालों के चेहरे पर झुर्रियां पड़ चुकी है. लाठी का सहारा लेकर मुकदमा लड़ने के लिए तारीख पर हाजिर होना पड़ता है, पर न्याय अब तक उन्हें नहीं मिल सका. कुछ मामले तो ऐसे भी हैं, जो भागलपुर प्रमंडल से अलग होने के बाद यहां आये थे, वह मामले आज भी निष्पादित नहीं हो सके.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola