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Published at :22 Dec 2015 7:59 PM (IST)
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स्थापना दिवस-2//स्थानीयता नीति नहीं बनाना दुर्भाग्यपूर्ण स्थानीयता नीति निर्धारित करने की मांग को लेकर प्रधानों ने निकाली रैली, की जनसभा, कहासीएम के नाम भेजा तीन सूत्री मांग पत्र प्रतिनिधि, दुमकास्थानीयता नीति निर्धारित करने की मांग को लेकर मंगलवार को ग्राम प्रधानों ने यज्ञ मैदान से एक रैली निकाली और जनसभा का भी आयोजन किया. संताल […]

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स्थापना दिवस-2//स्थानीयता नीति नहीं बनाना दुर्भाग्यपूर्ण स्थानीयता नीति निर्धारित करने की मांग को लेकर प्रधानों ने निकाली रैली, की जनसभा, कहासीएम के नाम भेजा तीन सूत्री मांग पत्र प्रतिनिधि, दुमकास्थानीयता नीति निर्धारित करने की मांग को लेकर मंगलवार को ग्राम प्रधानों ने यज्ञ मैदान से एक रैली निकाली और जनसभा का भी आयोजन किया. संताल परगना स्थापना दिवस सह ग्राम प्रधान दिवस पर निकाली गई यह रैली शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए पुन: यज्ञ मैदान पहुंची, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गयी. संताल परगना प्रमंडल के विभिन्न जिलों से आये ग्राम प्रधानों ने इस दौरान झारखंड राज्य बने 15 साल बीत जाने के बावजूद अब तक स्थानीयता नीति तय नहीं करने पर आक्रोश जताया और कहा कि यह झारखंड व स्थानीय-मूलवासियों के लिए दुर्भाग्य है. जनसभा को संबोधित करते हएु प्रमंडलीय अध्यक्ष भीम प्रसाद मंडल ने कहा कि झारखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद से अब तक अधिकांश राजनीतिक पार्टियों ने बारी-बारी से सत्ता भी संभाली. चाहे वह क्षेत्रीय पार्टी हो या राष्ट्रीय पार्टी. लेकिन किसी भी राजनीतिक पार्टी ने झारखंड के आदिवासी व मूलवासी के हित में कोई काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि संताल परगना प्रमंडल ही झारखंड राज्य का एक ऐसा प्रमंडल है जहां राज्य के अलग-अलग एक विशेष प्रावधान व अधिनियम लागू किये गये है. ब्रिटिश शासन से लेकर आजादी के बाद भी अधिनियम लागू किये गये है. इसमें संताल परगना एक्ट 1855, संताल परगना एक्ट 1857, संताल परगना सेटलमेंट रेगुलेशन 1872 एवं संतला परगना काश्तकारी अधिनियम 1949 शामिल हैं. संताल परगना की अपनी एक अलग पहचान, संस्कृति, आर्थिक व्यवस्था है. जिसके लिए विशेष स्थानीयता नीति व नियोजन की भी आवश्यकता है. सभा के बाद ग्राम प्रधानों ने तीन सूत्री मांग पत्र पत्राचार के माध्यम से मुख्यमंत्री रघुवर दास को भेजा गया. सभा को आशुतोष महतो, शिवलाल मुरमू, श्रीकांत मंडल, मुंशी किस्कू, वरूण राय, अजीत मिश्रा, भीम सोरेन, शहादत मियां, सुदामशाह अकबर मियां आदि ने संबोधित किया.क्या है मांगें * भूमि संबंधित वैधानिक दस्तावेज व सर्वे सेटमेंट के खतियान में अंकित रेकाड्स ऑफ राइट्स को आधार पर निर्धारित की जाय स्थानीयता नीति.* तृतीय व चतुर्थवर्गीय कर्मचारी में सिर्फ जिला के ही शिक्षित बेरोजगारों की हो नियुक्त* संताल परगना के विशेष स्थानियता नीति व नियोजन नीति का हो निर्धारण.

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