दुमका : भवन निर्माण विभाग को देनी पड़ी 5.29 करोड़ की क्षतिपूर्ति

Updated at : 06 Jan 2020 9:43 AM (IST)
विज्ञापन
दुमका : भवन निर्माण विभाग को देनी पड़ी 5.29 करोड़ की क्षतिपूर्ति

आनंद जायसवाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हुआ अनुपालन दुमका : वन भूमि पर विकसित की गयी उपराजधानी दुमका के राजभवन, बिरसा मुंडा आउटडोर स्टेडियम, पुलिस लाइन, डीआइजी आवास तथा मजिस्ट्रेट कॉलोनी निर्माण के मामले में राज्य के भवन निर्माण विभाग को बड़ी क्षतिपूर्ति का भुगतान करना पड़ा है. इस जमीन के बदले उसे जहां […]

विज्ञापन
आनंद जायसवाल
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हुआ अनुपालन
दुमका : वन भूमि पर विकसित की गयी उपराजधानी दुमका के राजभवन, बिरसा मुंडा आउटडोर स्टेडियम, पुलिस लाइन, डीआइजी आवास तथा मजिस्ट्रेट कॉलोनी निर्माण के मामले में राज्य के भवन निर्माण विभाग को बड़ी क्षतिपूर्ति का भुगतान करना पड़ा है.
इस जमीन के बदले उसे जहां दो अलग-अलग इलाके में क्रमश: 25 एवं 13.21 एकड़ भूमि वन विभाग को वन विकसित करने के लिए देनी पड़ी है, वहीं लंबी अवधि से वन भूमि का उपयोग किये जाने, बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगभग 5.29 करोड़ रुपये चुकाने पड़े हैं. यह मामला पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पहुंचा था, फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. विवाद में आदेश के बाद यह अनुपालन किया गया है. भवन निर्माण विभाग ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को 5 करोड़ 28 लाख 86 हजार 200 रुपये भुगतान कर दिया है. ऐसे में अब कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही दुमका का राजभवन, आउटडोर स्टेडियम, पुलिस लाइन व डीआइजी आवास की जमीन व भवन राज्य के भवन निर्माण विभाग की मिल्कियत में आ जायेंगे.
शपथ-पत्र में स्वीकारा था वनभूमि पर बना है राजभवन
उल्लेखनीय है कि जब यह मामला सामने आया था, तब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष राज्य सरकार ने अपने शपथ पत्र में स्वीकार भी किया था कि दुमका का राजभवन साखून जंगल की भूमि पर बना है.
इसका जिक्र रेवन्यू रिकार्ड में है. जो भवन राजभवन के तौर पर उपयोग किया जा रहा, इस भवन का निर्माण आजादी से पहले हुआ था. राज्य गठन के बाद यह मुख्यमंत्री का अस्थायी कार्यालय घोषित हुआ था. बाद में राजभवन के रूप में चिह्नित किया गया था, वहीं स्टेडियम का निर्माण 1987 से 1980 के बीच किया गया था. इसके निर्माण के बाद वन विभाग ने बिहार सरकार को अनुमति के लिए फाइल भेजी थी. पर बिहार सरकार ने विभाग के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था. इसके स्थान पर एक पार्क बनाने का निर्देश दिया था. इसी तरह यहां के पुलिस लाइन का निर्माण भी पांच एकड़ वन भूमि पर ही किया गया है. इस वन भूमि को अंतिम सर्वे रिकार्ड (1924-25) में चिह्नित किया गया था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola