पावर कंपनियों से भी वसूली कर रहा है ‘रंगदारों का सरदार’

Updated at : 01 Oct 2018 6:09 AM (IST)
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पावर कंपनियों से भी वसूली कर रहा है ‘रंगदारों का सरदार’

धनबाद : धनबाद स्थित कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी भारत कोंकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है. कंपनी का आर्थिक संकट बढ़ाने में माफियाओं की भी खास भूमिका है. वर्तमान में बीसीसीएल के पांच महत्वपूर्ण कोयला क्षेत्र धनबाद जिले के बाघमारा कोयलांचल में पड़ते हैं और बाघमारा कोयलांचल पूरी […]

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धनबाद : धनबाद स्थित कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी भारत कोंकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है. कंपनी का आर्थिक संकट बढ़ाने में माफियाओं की भी खास भूमिका है. वर्तमान में बीसीसीएल के पांच महत्वपूर्ण कोयला क्षेत्र धनबाद जिले के बाघमारा कोयलांचल में पड़ते हैं और बाघमारा कोयलांचल पूरी तरह से माफिया ताकतों व रंगदारों की गिरफ्त में है.
यहां बीसीसीएल का नहीं, रंगदारों का कानून चलता है. कोयले की कीमत से लेकर कोयला लोडिंग तक रंगदारों की मर्जी चलती है. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पावर प्लांटों को भेजे जानेवाले कोयले के लिए भी रंगदारी वसूली जा रही है. पर बाघमारा में रंगदारों के सबसे बड़े गैंग के ‘सरदार’ के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत किसी में नहीं है.
पिछले कई सालों से बाघमारा कोयलांचल स्थित बीसीसीएल की एक दर्जन से अधिक कोलियरियों पर ‘रंगदारों के सरदार’ का कब्जा है. इधर, बीसीसीएल की दो अन्य कोलियरियों मोदीडीह और तेतुलमारी पर भी कब्जा जमाने में ‘रंगदारों के सरदार’ को कामयाबी मिली है. बीसीसीएल के कतरास एरिया की मोदीडीह कोलियरी व सिजुआ एरिया की तेतुलमारी कोलियरी पर पूर्व में ‘रंगदारों के सरदार’ का कब्जा नहीं था. जुलाई माह से मोदीडीह व अगस्त माह से तेतुलमारी कोलियरी को भी ‘रंगदारों के सरदार’ ने अपने कब्जे में ले लिया है.
सूत्रों की मानें, तो मोदीडीह कोलियरी के डंप में रंगदारों के सिंडिकेट का कब्जा नहीं हो सका है. कारण, यहां मजदूर उसके विरोध में है. बावजूद इसके ‘रंगदारों के सरदार’ ने बीसीसीएल के कुछ अधिकारियों से सांठगांठ कर तथा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पावर कंपनियों के कोयला ट्रांसपोर्टिंग करने वाले ट्रांसपोर्टरों को डरा-धमका कर अपना वर्चस्व कायम कर लिया है.
दूसरी ओर ‘रंगदारों के सरदार’ ने तेतुलमारी कोलियरी को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है. जुलाई व अगस्त माह से कब्जे में आयी इन दोनों कोलियरी से ‘रंगदारों का सरदार’ बिना किसी रोकटोक के पावर कंपनियों से भी रंगदारी की वसूली कर रहा है. सूत्रों की माने तो पिछले ढाई माह में ‘रंगदारों के सरदार’ ने करीब 6.64 करोड़ की रंगदारी की वसूली की है.
प्रतिटन 80 रुपये की रंगदारी वसूली : बाघमारा कोयलांचल के कतरास स्थित मोदीडीह और सिजुआ स्थित तेतुलमारी कोलियरी से ‘रंगदारों का सरदार’ पावर कंपनियों से प्रति टन 80 रुपये की रंगदारी की वसूली कर रहा है. जुलाई से अब तक थर्ड व फोेर फेज में दोनों कोलियरी से विभिन्न पावर कंपनियों ने करीब 8.3 लाख टन कोयला बुक कराया है. यानी पावर कंपनियों से 80 रुपये प्रति टन के हिसाब से करीब 6.64 करोड़ रुपये रंगदारी की वसूली की गयी है. सूत्रों की माने, तो दोनों कोलियरी से अब तक करीब पांच लाख टन कोयला का उठाव भी हो चुका है, जबकि 3.3 लाख टन कोयला का उठाव होना शेष है.
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