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आदिवासियों में होने वाले रोगों पर हो रहा खास रिसर्च, राष्ट्रीय सम्मेलन में बोले देवघर एम्स के निदेशक

Updated at : 07 May 2023 10:35 AM (IST)
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आदिवासियों में होने वाले रोगों पर हो रहा खास रिसर्च, राष्ट्रीय सम्मेलन में बोले देवघर एम्स के निदेशक

देवघर एम्स में जनजातीय स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ, जहां एम्स निदेशक ने कहा कि आदिवासियों में होने वाले रोगों पर खास रिसर्च हो रहा है. उन्होंने कहा कि जनजातीय लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में आने वाली बाधाओं की पहचान की जाएगी.

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देवघर एम्स में जनजातीय स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय सम्मेलन में जनजातीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर चर्चा की गयी. सम्मेलन में एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक डॉ सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि जनजातीय समुदायों को लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.

इन समुदायों की अनूठी सांस्कृतिक और भौगोलिक विशेषताएं अक्सर स्वास्थ्य सेवाओं को उन तक पहुंचने में बाधाएं पैदा करती हैं. इस राष्ट्रव्यापी शिखर सम्मेलन के माध्यम से हमारा उद्देश्य ऐसे समाधानों की पहचान करना है जो देश भर में जनजातीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में कारगर साबित हो.

डॉ वार्ष्णेय ने कहा कि उन्नत भारत अभियान के तहत देवघर एम्स ने पांच आदिवासी गांवों को गोद लिया है और टेलीमेडिसिन सेवाओं का उपयोग कर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है. एम्स देवघर में जनजातीय स्वास्थ्य पर शोध जारी है और इसके तहत जनजातीय मामलों के मंत्रालय को 14 शोध प्रस्ताव प्रस्तुत किए गये हैं. जिसमें सिकल सेल रोग में एक्सिलेंस सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भी शामिल है. एम्स देवघर के आसपास की जनजातीय आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सेटेलाइट सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है.

सिकल सेल एनीमिया समाप्त करना हमारे लिए चुनौती : प्रेसिडेंट

एम्स देवघर के प्रेसिडेंट प्रो डॉ एनके अरोड़ा ने कहा कि दुनिया में जितनी भी जनजातियां हैं, उसका एक तिहाई हिस्सा भारत में रहती है. ये जनजातियां हमारी धरोहर हैं. सिकल सेल एनीमिया को पूरी तरह से समाप्त करना हमारे लिए चुनौती है. हमें जनजाति समुदाय की स्वास्थ्य सेवा के बारे में नये तरीके से सोचने की आवश्यकता है. देवघर सहित संथाल परगना के सभी जिले को मिलाकर जनजातियों के स्वास्थ्य पर काम करना होगा. देवघर एम्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए यह पहला कदम है. देश में एक श्रेष्ठ चिकित्सा संस्थान के रूप में देवघर एम्स जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है.

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए है प्रतिबद्ध : चेयरमैन

इको इंडिया के चेयरमैन डॉ (कर्नल) कुमुद राय ने कहा कि एक संगठन के रूप में हम क्षमता निर्माण के माध्यम से सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. विशेष रूप से जनजातीय समुदायों और अन्य वंचित वर्गों के लिए इस शिखर सम्मेलन के माध्यम से हम आदिवासी समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और परिणामों में सुधार के लिए एक रोडमैप बनाने की उम्मीद करते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने किया हस्तशिल्प स्टॉल का निरीक्षण

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने देवघर एम्स में लगाये गये हस्तशिल्प स्टॉल का भी निरीक्षण किया. स्टॉल पर बांस से बने लैंप, हैंगिंग लैंप, बास्केट, डस्टबीन, पेन स्टैंड आदि प्रदर्शित किये गया थे. यह स्टॉल हस्तशिल्प सेवा केंद्र देवघर के द्वारा लगाया गया. स्टॉल पर केंद्र के मुकेश मोहली, उमेश मोहली, राकेश मोहली आदि उपस्थित थे.

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