पलक झपकते ही सबकुछ बरबाद

Published at :16 Oct 2013 8:43 AM (IST)
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पलक झपकते ही सबकुछ बरबाद

देवघर: मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में चक्रवात पहले अराजती तेलभंगा में दुमका की ओर से आया. त्योहार के कारण अराजी तेलभंगा गांव के लोग अपने-अपने घरों में पकवान बना रहे थे. तभी अचानक गड़गड़ाहट की आवाज आयी व हवा तेज हो गयी. लोगों ने घर से बाहर की ओर झांका तो देखा कि लगभग 200 फिट […]

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देवघर: मोहनपुर प्रखंड क्षेत्र में चक्रवात पहले अराजती तेलभंगा में दुमका की ओर से आया. त्योहार के कारण अराजी तेलभंगा गांव के लोग अपने-अपने घरों में पकवान बना रहे थे. तभी अचानक गड़गड़ाहट की आवाज आयी व हवा तेज हो गयी. लोगों ने घर से बाहर की ओर झांका तो देखा कि लगभग 200 फिट चौड़ा व काफी लंबा चक्र घूमते हुए गांव की ओर आ रहा है.

उस काले रंग के चक्र में आग की तरह कुछ जलता हुआ देखा गया. रविवार को दोपहर तीन बजे पूरा गांव घुप अंधेरे में डूब गया, ग्रामीण कुछ समझ पाते कि चक्रवात तुरंत गांव को चपेट में ले लिया. पांच से दस सेकेंड में पूरा गांव बरबाद हो गया. घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी की स्थिति हो गयी, रोते-बिलखते सब अपने-अपने बच्चे को खोजने लगे. पूरा गांव खाली हो गया.

तेलभंगा के बाद सिलवे आया चपेट में
अराजी तेलभंगा गांव से निकलने के बाद चक्रवात सिलवे गांव को अपनी चपेट में लिया. सिलवे में बारिश होने के कारण लोग घरों में दुबके थे, जिस कारण जान-माल की क्षति नहीं हुई. हालांकि सिलवे में 22 घर पूरी तरह उजड़ गये. सिलवे में भी घटना के बाद हाहाकार मच गया. लोग गांव से भागकर दुमका रोड की ओर आ गये. सिलवे के बाद चक्रवात पहाड़पुर के किनारे से गुजरी. पहाड़पुर में भी 10 घर व चहारदीवारी नष्ट हो गया.

..तो शहर में घुस जाता चक्रवात

पहाड़पुर में किनारे से गुजरते हुए चक्रवात त्रिकुट पहाड़ के पूर्वी क्षेत्र की ओर आया. इस बीच एक -दो पेड़ को पूरी तरह गिरा दिया व सीधे त्रिकुट पहाड़ की ओर चला गया. कहा जा रहा था कि अगर त्रिकुट पहाड़ नहीं होता तो चक्रवात देवघर शहर की ओर आ सकता था. लेकिन पहाड़ से टकराने के बाद चक्रवात आगे नहीं निकल पाया.

जिला परिषद चेयरमैन ने दी डीसी को सूचना
चक्रवात प्रभावित तीनों गांव जिला परिषद चेयरमैन किरण कुमारी के पैतृक गांव दौंदिया से एक किलोमीटर के दायरे में है. दुर्गा पूजा में चेयरमैन दौंदिया में ही थीं. घटना के वक्त चक्रवात को उन्होंने भी देखा व इसके थोड़ी देर बाद ही अराजी तेलभंगा गांव के लोग दौड़ते हुए दौंदिया पहुंचे व रोते-बिलखते चेयरमैन को घटना के बारे में बताया. उन्होंने डीसी को फोन कर सूचना दी. चेयरमैन ने पीड़ितों को अरजाती तेलभंगा स्कूल में शिफ्ट कराया व घटना स्थल का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाना होगा व पीड़ितों को जल्द मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी. चूंकि सभी बेघर हो चुके हैं. प्रमुख प्रतिमा देवी ने भी प्रशासन की ओर से जल्द राहत कार्य मुहैया कराने की बात कही.

राहत के नाम पर चूड़ा-गुड़
प्रशासन ने दूसरे दिन राहत के नाम पर पीड़ितों के बीच चूड़ा, गुड़, नमक, मोमबत्ती व माचिस वितरित किया. सीओ पीके ठाकुर, थाना प्रभारी अशोक शर्मा, सुधांशु मंडल, रंजीत यादव व पंचायत समिति सदस्य मैरी मुमरू मौजूद आदि थे. पीड़ितों को राहत सामग्री में चादर व बिछावन आदि नहीं दिया गया. इससे परेशानी हो रही थी.

दस मीटर दूर जा गिरा छोटेलाल

अराजी तेलभंगा के छोटेलाल राय चक्रवात के दौरान घर के बाहर था, अचानक चक्रवात की चपेट आने से छोटेलाल दस मीटर दूर जा गिरा. इस दौरान छोटेलाल के हाथ में चोट आयी. छोटेलाल ने कहा कि काफी संभलने का प्रयास किया, लेकिन हवा काफी तेज थी, जिससे संभलने का मौका नहीं मिला.

पत्थर हवा में तैर रहा था : बालेश्वर
बालेश्वर राय ने कहा कि हेलीकॉप्टर की तरह गड़गड़ाहट की आवाज आने के बाद घर से निकले तो देखा कि उपर लगभग 200 फीट चौड़ा व काफी लंबा गोलाकार गांव की ओर तेजी से आ रहा है. उस गोलाकार की आगोश में लगभग 50 किलो के कई पत्थर हवा में तैर रहे थे. ऐसा नजारा देख हमलोग कुछ समझ पाते कि पल झपकते ही चक्रवात गांव को बरबाद कर निकल गया. बड़े-बड़े पत्थर खेत में गिर गये.

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