शिवगंगा के समीप दुकानों से वसूली पुलिस ने खदेड़ा, तो बाइक छोड़ भागा

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देवघर : सावन का महीना देवघर में रोजी-रोजगार का एक बड़ा साधन बनकर आता है. श्रावणी मेले में मानसिंघी से लेकर शिवगंगा के आसपास व लक्ष्मीपुर चौक तक अस्थायी दुकानें लगती हैं. दुकानदारों में से कुछ जो किराये की दुकान लेकर मेला में लगाते हैं, वहीं कुछ दुकानें फूटपाथ पर सड़क किनारे लगती है. ऐसी […]

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देवघर : सावन का महीना देवघर में रोजी-रोजगार का एक बड़ा साधन बनकर आता है. श्रावणी मेले में मानसिंघी से लेकर शिवगंगा के आसपास व लक्ष्मीपुर चौक तक अस्थायी दुकानें लगती हैं. दुकानदारों में से कुछ जो किराये की दुकान लेकर मेला में लगाते हैं, वहीं कुछ दुकानें फूटपाथ पर सड़क किनारे लगती है. ऐसी दुकानों से इलाके के दबंग रोजाना रात में अवैध वसूली करने पहुंचते हैं.

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इस श्रावणी मेले में भी दुकानों से रंगदारी वसूली का मामला सामने आया है. दो दिन पहले दुकान से रंगदारी वसूलते युवकों को वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने खदेड़ा था. उनमें से एक रंगदार किस्म के युवक की बाइक छूट गयी थी. वहीं किसी समीप के ओपी में उक्त बाइक रखकर इसकी सूचना नगर थाने को दी गयी.
इसके बाद नगर पुलिस उक्त बाइक के रजिस्टर्ड नंबर के आधार पर छानबीन में जुटी है. नगर पुलिस ने रंगदारी वसूल करने वाले कुछ युवकों के नाम-पता की जानकारी भी जुटा ली है. हालांकि पुलिस अभी उन युवकों का नाम खोलने से इनकार कर रही है. पुलिस का कहना है कि वे लोग गुप्त निगरानी कर रहे हैं, जल्द उनलोगों को पकड़कर जेल भेजा जायेगा.
रोजाना सौ रुपये गज वसूली जाती है रंगदारी
नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने बताया कि उनसे प्रतिदिन सौ रुपये गज के हिसाब से रंगदारी वसूली जाती है. हालांकि दुकानदार खुलकर इस मामले में बोलने से परहेज करते हैं क्योंकि यह उनकी रोजी-रोटी से जुड़ा मामला है. इन अस्थायी दुकानदारों से दबंग रंगदारी के तौर पर जबरन वसूली करते हैं. पैसे नहीं देने पर दबंग ऐसे दुकानदारों के साथ मारपीट भी कर देते हैं.
यह सिलसिला कई वर्षों से चल रहा है. हर साल दुकानदारों से रंगदारी मामले में नगर थाना में एफआइआर दर्ज होती रही है, बावजूद बाहर से आने वाले अस्थायी दुकानदारों से रंगदारी वसूली का सिलसिला बंद नहीं हो सका है. डर के मारे अस्थायी दुकानदार विरोध की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं.
2018 में पुलिस ने अपने बयान पर दर्ज करायी थी कई एफआइआर
श्रावणी मेला 2018 में भी तीन-चार दुकानदारों से रंगदारी वसूली का मामला सामने आया था. तीन-चार दबंग रंगदारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था. प्राय: मामलों में पुलिस को अपनी ही शिकायत पर एफआइआर दर्ज करनी पड़ी थी. शिवगंगा के आसपास फूटपाथ पर लगे बाहरी दुकानदारों से श्रावणी मेला में अवैध उगाही मामले में मजिस्ट्रेट गोपाल प्रसाद मरीक ने 17 जुलाई 2017 को नगर थाने में एफआइआर दर्ज करायी थी.
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