देवघर में बोलीं उमा भारती - गंगा को साफ करना बड़ी चुनौती, गंगा ग्राम बनेंगे मॉडल

Updated at : 03 Nov 2018 8:37 PM (IST)
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देवघर में बोलीं उमा भारती - गंगा को साफ करना बड़ी चुनौती, गंगा ग्राम बनेंगे मॉडल

प्रतिनिधि@राजमहल नमामि गंगे परियोजना के तहत झारखंड के गंगा तट पर बसे 33 पंचायतों व 70 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया गया है. देश के अन्य राज्यों में भी गंगा ग्राम मॉडल के अनुरूप कार्य किया जायेगा. यह बातें शनिवार को पेयजल व स्वच्छता विभाग भारत सरकार के मंत्री उमा भारती ने […]

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प्रतिनिधि@राजमहल

नमामि गंगे परियोजना के तहत झारखंड के गंगा तट पर बसे 33 पंचायतों व 70 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित किया गया है. देश के अन्य राज्यों में भी गंगा ग्राम मॉडल के अनुरूप कार्य किया जायेगा. यह बातें शनिवार को पेयजल व स्वच्छता विभाग भारत सरकार के मंत्री उमा भारती ने राजमहल के चरवाहा मैदान में आयोजित गंगा स्वच्छता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही.

सुश्री उमा भारती उपस्थित स्वच्छता प्रेमियों को देख कर भाव विभोर हो गयी. उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब हुए मंत्री नहीं थे. फरक्का से हरिद्वार तक यात्रा निकाली गयी थी. इसके बाद भारत सरकार द्वारा गंगा की साफ-सफाई को लेकर विशेष रूप से गंगा मंत्रालय बनाया गया. उन्हें मंत्री बनाया गया.

उन्होंने कहा कि झारखंड में महज 33 पंचायतों व 70 गांवों गंगा किनारे बसे हैं. इसके कारण झारखंड का चयन कर इसे मॉडल स्टेट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया. ताकि सभी राज्य इसका अनुकरण कर सकें. नमामि गंगे व स्वच्छ भारत मिशन के तहत जितनी भी योजना बनायी गयी. झारखंड में सभी का शुभारंभ किया गया.

दो वर्ष में ही दिखने लगा अभियान का असर

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में यह संभव हुआ है कि दो साल में ही अभियान का असर दिखना शुरू हो गया है. उन्होंने मंच के माध्यम से आह्वान किया कि झारखंड आये. देखें की गंगा ग्राम के रूप में गंगा किनारे बसे गांव व पंचायतों को किस रूप में विकसित किया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गंगा का जल स्तर कम हो गया है. लेकिन इसके लिए भी प्रोजेक्ट तैयार किया जा चुका है. शिपिंग मंत्रालय द्वारा इस पर काम किया जायेगा. जल्द ही गंगा को अविरल बनाया जायेगा.

उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की वाहवाही करते हुए कहा कि श्री गडकरी को मंत्रालय मिलने के बाद बाद गंगा के प्रति मेरे लगाव को देखते हुए गंगा ग्राम में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में भरपूर योगदान दिया है. 425 करोड़ की लागत से विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है.

दो वर्ष में ही योजना का काम हुआ पूरा

उन्होंने 54 करोड़ की 2 योजनाओं का उद्घाटन किया. इस दौरान नमामि गंगे परियोजना अंतर्गत पंडित मदन मोहन मालवीय मसकलैया गंगा नदी घाट विकास परियोजना, सरकंडा गंगा नदी घाट विकास परियोजना, मसकलैया गंगा नदी घाट विकास परियोजना का उद्घाटन किया. कहा कि जिस योजना का शिलान्यास दो साल पूर्व किया था. दो साल में दोनों योजना का उद्घाटन भी कर दिया गया प्रधानमंत्री को संदेश देना है कि झारखंड में गंगा किनारे बसे पंचायतों को मॉडल बना दिया गया है. चरणबद्ध कार्यक्रम पूरा हो गया. आमजनों को घर के भीतर और बाहर की स्वच्छता का दायित्व लेना होगा. हमारा संकल्प पूरा होगा.

उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास व उनकी टीम के अथक प्रयास से राज्य में 95% शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है. जल्द ही झारखंड राज्य खुले से शौच मुक्त हो जायेगा. कहा कि खुले से शौच मुक्त करने के बाद अब राज्य में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का कार्य किया जायेगा.

जैविक खेती कर किसान होंगे समृद्ध

सम्मेलन को संबोधित करतीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा तट पर बसे किसानों के लिए बड़ा मौका है. जैविक खेती के माध्यम से अनाज फल व फसल आदि का उत्पादन कर किसान समृद्धि हो सकते हैं. कृषि विभाग को निर्देश दिया कि गंगा तट पर जैविक खेती ही की जाये. केमिकल युक्त खाद का इस्तेमाल करने से गंगा को नुकसान हो रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि किसान जैविक खेती कर अनाज फल फसल इत्यादि का उपजाऊ कर बाजार में अच्छी कीमत पा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि मैं ब्रांड एंबेस्डर बनकर जैविक खेती के फसलों का प्रचार-प्रसार करूंगी. वर्तमान स्थिति पर उन्होंने कहा कि आजकल बड़े-बड़े शहरों के लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं. उन्हें जैविक खेती से अनाज, फल इत्यादि की जरूरत है, जो बाजार में बहुत कम मात्रा में उपलब्ध है. इससे किसान समृद्ध हो सकेंगे

गंगा को साफ करना बड़ी चुनौती

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा की साफ-सफाई बड़ी समस्या लग रही थी. विदेशों की नदियों के साफ-सफाई के टेक्नोलॉजी जानने के बाद पता लगा कि गंगा तट पर बसे लोगों की सहभागिता के बिना गंगा की साफ सफाई मुश्किल है. उन्होंने उदाहरण स्वरूप यूरोप की राइन नदी व लंदन के थेम्स नदी का जिक्र करते कहा कि राइन नदी को साफ करने में 60 वर्ष और थेम्स नदी की साफ सफाई में 80 वर्ष लग गये. जबकि उनमें वृहद टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया.

उन्होंने खुशी जाहिर करते मोदी सरकार में केवल दो वर्षों में ही गंगा की दशा में सुधार हुआ है. एक आंकड़े के अनुसार साल भर में करीब 70 करोड़ लोग गंगा में गोता लगाते हैं. पूजन सामग्री आदि विसर्जन करते हैं. इस कारण इसकी नियमित साफ-सफाई और भी मुश्किल है. इस कारण गंगा तट पर बसे लोगों की सहभागिता के बिना गंगा की साफ-सफाई नहीं हो सकती.

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