सुबह सांसद निशिकांत का विरोध, दोपहर बाद हुआ हैप्पी इंडिंग
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Oct 2018 6:31 AM
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देवघर : शीघ्रदर्शनम के दर वृद्धि के विरोध का सामना गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे को झेलना पड़ा. रविवार की सुबह करीब 9.30 बजे बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे को तीर्थपुरोहित समाज के लोगों का जबरदस्त विरोध किया. इस विरोध का वीडियो भी वायरल हुआ. वायरल वीडियो में […]
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देवघर : शीघ्रदर्शनम के दर वृद्धि के विरोध का सामना गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे को झेलना पड़ा. रविवार की सुबह करीब 9.30 बजे बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे को तीर्थपुरोहित समाज के लोगों का जबरदस्त विरोध किया. इस विरोध का वीडियो भी वायरल हुआ. वायरल वीडियो में सांसद यह कहते दिख रहे हैं कि मुझ से पहले फुरकान जी व प्रदीप जी बाबा मंदिर प्रबंधन बोर्ड में रहे.
लेकिन 2009 के बाद पंडा धर्मरक्षिणी की आमदनी कितनी बढ़ी है, आप बतायें. सांसद के इस बयान के बाद हंगामा व नारेबाजी शुरू हो गयी. विरोध के बीच सांसद को अपने समर्थकों के साथ बगैर पूजा-अर्चना किये ही बाबा मंदिर प्रांगण से बैरंग वापस लौटना पड़ा.
मेयर साहब से हम अलग नहीं : दोपहर करीब तीन बजे मधुपुर से देवघर पहुंचने पर सांसद निशिकांत पूर्व मेयर राज नारायण खवाड़े उर्फ बबलू खवाड़े के साथ बाबा मंदिर पहुंचे. इसके बाद पूर्व मेयर की मौजूदगी में पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अधिकारियों व सांसद के बीच बातचीत हुई. इसके बाद पूर्व मेयर ने सांसद की ओर से घोषणा की कि शीघ्रदर्शनम का दर नहीं बढ़ाया जायेगा. तीर्थपुरोहित समाज के लोग सांसद से आश्वासन मांगने लगे.
चुप्पी तोड़ते हुए सांसद ने कहा : मेयर साहेब से हम अलग नहीं है. इनके बोलने का मतलब मेरा बोलना है. सांसद ने पूरी बात को तीर्थपुरोहित समाज के समक्ष रखा. सांसद ने अपने को निर्दोष बताते हुए कहा कि श्राइन बोर्ड की पिछली बैठक में शीघ्रदर्शनम का दर बढ़ाने की बात उठी थी. उस समय पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष प्रो डा सुरेश भारद्वाज व महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर ने विरोध किया था. लेकिन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने खुद दर घटाने से इंकार कर दिया. इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है. मैं पूर्व की तरह आज भी आप सभी के साथ ही हूं. इसके बाद सारा माहौल ही खुशनुमा हो गया.
क्या सांसद को पता था कि होगा विरोध
सांसद को पहले से ही पता था कि मंदिर में उनका विरोध होगा. इसलिए मंदिर जाने के पूर्व उनके कार्यकर्ता द्वारा देवघर के पत्रकारों को फोन कर सूचना दी गयी थी कि सांसद बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रहे हैं. करीब एक दशक से सांसद रहे डॉ दुबे आज से पहले जब भी बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए गये थे, कभी भी पत्रकारों को इसकी सूचना नहीं देते थे.
दो दिनों में राशि कम नहीं हुई तो करेंगे प्रदर्शन : कार्तिकनाथ ठाकुर
पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री कार्तिकनाथ ठाकुर ने कहा है कि सांसद महोदय ने आश्वस्त किया है कि राशि नहीं बढ़ेगी, लेकिन अब तक अाधिकारिक सूचना नहीं मिली है. ऐसे में सोमवार को देखेंगे कि शीघ्रदर्शनम् की राशि कम दर पर ली जाती है या फिर बढ़ी हुई. अगर राशि कम नहीं हुई, तो शीघ्रदर्शनम का बहिष्कार जारी रहेगा. वीआइपी पूजा बंद रहेगी.
सभी भक्त समानरूप से कतारबद्ध होकर पूजा करेंगे. सोमवार तक मांग नहीं मानी गयी, तो मंगलवार से धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. पुलिस को छोड़ कर प्रशासनिक पदाधिकारियों को मंदिर में प्रशासनिक कार्य करने से रोका जायेगा.
सांसद ने "500 का कटाया 10 कूपन
सुलह के बाद सांसद डॉ निशिकांत ने मंदिर कर्मी को बुला कर पांच हजार में शीघ्रदर्शनम का 10 कूपन मंगवाया. इसके बाद वीआइपी प्रवेश द्वार का ताला खोला गया. फिर उधर से ही सभी लोगों को मंदिर में प्रवेश कराया गया.
सभा से भट्टर धर्मशाला का मांगा हिसाब
देवघर : भट्टर धर्मशाला में पंडा धर्मरक्षिणी सभा की आम सभा हुई. इसकी अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष प्रो डा सुरेश भारद्वाज ने की. इसमें समाज की संपत्तियों पर विस्तार से चर्चा हुई. इस पर कुछ लोगों ने सभा के पदाधिकारियों से भट्टर धर्मशाला का हिसाब मांगा. कुछ लोगों ने धर्मशाला की रजिस्ट्री नहीं होने की बात कही. इसमें समाज का पैसा बर्बाद करने तक आरोप लगाया.
इस पर सभा की ओर से अध्यक्ष श्री भारद्वाज ने सभी लोगों को धर्मशाला के नेचर से लेकर पावरनामा लेने तक की सारी प्रक्रियाओं की जानकारी दी. उनकी बातों से अधिकांश तीर्थपुरोहित संतुष्ट नजर आये. इसके बाद लोग शांत हो गये. इस दौरान एक पूर्व पदाधिकारी के व्यवहार से सभा के अध्यक्ष खफा हो गये. उन्होंने अपना विरोध जताया.
इससे कुछ देर के लिए माहौल अशांत हो गया, लेकिन लोगों के बीच-बचाव से कुछ ही देर में मामला शांत कर लिया गया. आम सभा के दौरान ही महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर ने कुछ लोगों के व्यवहार से दु:खी होकर चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि एक्टिंग महामंत्री होने के कारण बीच मंझधार में छोड़ना नहीं चाहते हैं. उनके इस घोषणा की कुछ युवाओं ने विरोध किया. आम सभा में एक हजार से अधिक लोग शामिल हुए.
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