33 वर्षों में नहीं मिले पीजी के शिक्षक

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देवघर : सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय से अंगीभूत देवघर कॉलेज में वर्ष 1985 से स्नातकोत्तर की मान्यता मिलने के बाद हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, मैथ, जू-जॉली केमिस्ट्री, बॉटनी आदि विषयों में पढ़ाई हो रही है. यहां करीब आठ सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन शिक्षकों का पद अबतक सृजित नहीं हुआ है. वर्तमान में स्नातक की पढ़ाई […]

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देवघर : सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय से अंगीभूत देवघर कॉलेज में वर्ष 1985 से स्नातकोत्तर की मान्यता मिलने के बाद हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, मैथ, जू-जॉली केमिस्ट्री, बॉटनी आदि विषयों में पढ़ाई हो रही है. यहां करीब आठ सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन शिक्षकों का पद अबतक सृजित नहीं हुआ है. वर्तमान में स्नातक की पढ़ाई कराने वाले शिक्षक ही स्नातकोत्तर की कक्षाएं ले रहे हैं.

जानकारी के अनुसार, स्नातकोत्तर की पढ़ाई की स्वीकृति एकीकृत बिहार के समय शिक्षा आयुक्त बिहार द्वारा दी गयी थी. इसके 33 वर्ष बीतने को हैं. सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका के गठन का भी 25 वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन अबतक शिक्षकों का पद सृजित नहीं हुआ है.

शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को पठन-पाठन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. शिक्षकों के अभाव में सप्ताह में एक या दो दिन ही स्नातकोत्तर की कक्षा ली जाती है. सिलेबस के अनुरूप विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पाती है.

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