सजल भारत अभियान को बनाएं आंदोलन
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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देवघर : 21वीं सदी में पानी की जाे समस्या आने वाली है, उस हिसाब से तकनीक का विकास करते हुए घर-घर, समाज-समाज, प्रदेश-प्रदेश पहुंच कर जल संकट के प्रति जागरूक करना मूल मकसद है. झारखंड में जल संरक्षण का काम मनरेगा के साथ समायोजित करके किया जा सकता है. ये बातें उत्तर प्रदेश के पुलिस […]
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देवघर : 21वीं सदी में पानी की जाे समस्या आने वाली है, उस हिसाब से तकनीक का विकास करते हुए घर-घर, समाज-समाज, प्रदेश-प्रदेश पहुंच कर जल संकट के प्रति जागरूक करना मूल मकसद है. झारखंड में जल संरक्षण का काम मनरेगा के साथ समायोजित करके किया जा सकता है. ये बातें उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं सह जल प्रबंधन गुरु महेंद्र मोदी ने देवघर में प्रभात खबर से विशेष बातचीत में कही.
वे संत जेवियर्स हाइस्कूल, देवघर में आयाेजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे. महेंद्र मोदी ने कहा कि कम खर्च, कम समय और कम जमीन में प्रदूषण रहित जल संरक्षण का मॉडल तैयार करना है. इसका तकनीकी सूत्र जो मैंने विकसित किया है, उसे लोगों में पहुंचा कर आगे बढ़ाना है. वास्तव में भारत में जल संरक्षण पर दिल खोल कर कभी भी रिसर्च हुआ ही नहीं है. खर्चीले तकनीक बताये जाते हैं. आम लोगों से अपील करता हूं कि जिनके पास समस्या है, संगठन बनाकर एनजीओ के माध्यम से हमारे यहां आकर प्रशिक्षण लेकर जायें. सजल भारत अभियान को आंदोलन बनाने की जरूरत है. मेरे इस कार्य में परिवार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. जल संरक्षण पर तीन किताबें लिख चुका हूं. जल्द ही प्रकाशित होने वाली हैं. क्षेत्रीय भाषाओं में उनका अनुवाद हो रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें.
वर्ष 2008 में झांसी रेंज से की शुरुआत
झांसी रेंज में जब वर्ष 2008 वे डीआइजी थे, उस वक्त मार्च के महीने में किसी फंक्शन में लोगों ने बताया था कि पिछले पांच वर्षों में काफी कम बारिश हुई है. फिर कई गांवों में जाकर उनकी समस्या को सुना. वाटर हार्वेस्टिंग आदि के बारे में किताबों व इंटरनेट के माध्यम से जानकारी जुटायी. प्रैक्टिकल किया. फिर मॉडल के बारे में आइडिया आया.
जल पुलिस बनाने की जरूरत होगी
महेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय आयेगा जब जल पुलिस बनाने की जरूरत पड़ेगी. इसके कई कारण होंगे. मूल रूप से पानी के लिए मारा-मारी, पानी की चोरी आदि है. जबतक जल पुलिस बनेगी. तब तक लोगों का धैर्य टूट चुका होगा. इसके लिए लाठी चार्ज उपाय नहीं होगा. इसलिए अभी से ही जल संरक्षण पर ध्यान देने की जरूरत है.
जल संरक्षण पर कई राज्यों में किया काम
सर्विस कोड, भारतीय संविधान में कर्तव्य के रूप में पर्यावरण व जल संरक्षण अनिवार्य है. भारत को उन्नत बनाने के लिए जल संरक्षण करना जरूरी है. जल संरक्षण पर कई राज्यों में काम कर चुका हूं. इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, केरल, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, मेघालय, महाराष्ट्र, ओड़िशा, कर्नाटक आदि राज्यों में जाकर खुद लोगों को जागरूक किया. इन राज्यों में जागरुकता आयी है.
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